नेपाल में बुधवार को आई भयानक फ्लैश फ्लड से मरने वालों की संख्या बढ़कर 469 हो गई है। वहीं, 178 भारतीयों समेत 1400 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। नेपाल पुलिस ने शुक्रवार को इस बड़ी त्रासदी में हुई मौतों के आधिकारिक आंकड़ों की पुष्टि की है।
नेपाल पुलिस के मुताबिक, भोटे कोशी-त्रिशूली कॉरिडोर के आसपास पानी में बह गए या फंसे सैकड़ों लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है। चीन ने भी पुष्टि की है कि तिब्बत की ओर तीन लोगों की मौत हुई है।
288 भारतीयों से नहीं हो पा रहा संपर्क
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के ताजा आंकड़ों के अनुसार, नेपाल में 910 लोग लापता हैं या उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसमें भारतीय विदेश मंत्रालय का वह आंकड़ा भी शामिल है, जिसके मुताबिक गुरुवार देर शाम तक 288 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा था। नेपाल ने अभी तक मृतकों की राष्ट्रीयता के आधार पर कोई सूची जारी नहीं की है। इसलिए यह साफ नहीं है कि मरने वालों में कितने भारतीय नागरिक शामिल हैं।
तिब्बत में 558 लोगों के लापता होने की खबर
सीमा पार तिब्बत में चीनी अधिकारियों ने गुरुवार सुबह तक 558 लोगों के लापता होने की जानकारी दी थी। बीजिंग ने भी लापता लोगों का देश के हिसाब से आंकड़ा जारी नहीं किया है। ऐसे में यह पता नहीं चल पाया है कि लापता लोगों में कितने भारतीय या दूसरे देशों के नागरिक हैं। इसके अलावा, करीब 200 भारतीय तिब्बत में फंसे हुए हैं और उन्होंने मदद की गुहार लगाई है।
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288 लापता भारतीयों में 73 जलविद्युत कर्मचारी
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि नेपाल में संपर्क से बाहर 288 भारतीय नागरिकों में से 73 लोग त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना में काम करने वाले कर्मचारी हैं।
कैलाश यात्रा पर गए लोग भी फंसे
लापता लोगों में पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के वे समूह भी शामिल हैं, जो तिब्बत में कैलाश पर्वत की यात्रा पर जा रहे थे या वहां से लौट रहे थे। इनमें कई लोग तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केरल के रहने वाले हैं।
गुरुवार दोपहर 1 बजे तक तमिलनाडु के 21 पर्यटकों को सुरक्षित बचा लिया गया था और उन्हें काठमांडू लाया जा रहा था। वहीं, तिब्बती क्षेत्र में फंसे करीब 200 अन्य भारतीयों ने भी भारतीय अधिकारियों से मदद मांगी है।
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नेपाल के आंकड़ों में क्यों है अंतर?
नेपाल पर्यटन बोर्ड की सूची में आंकड़े कुछ अलग हैं। इसमें 178 भारतीयों को लापता या संपर्क से बाहर बताया गया है। इसका कारण यह है कि भारत की ओर से बताए गए 288 के आंकड़े में जलविद्युत परियोजना के कर्मचारी और ऐसे दूसरे समूह भी शामिल हैं, जो नेपाल की पर्यटन सूची में नहीं आते। नेपाल की पर्यटक सूची में सबसे बड़ा समूह भारतीय नागरिकों का ही है।
573 लोगों को हवाई उड़ानों से बचाया गया
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने बताया कि गुरुवार को 69 हवाई उड़ानों के जरिए 573 लोगों को बचाया गया। इसके साथ ही सेना और निजी कंपनियों के अतिरिक्त हेलीकॉप्टरों को भी जरूरत पड़ने पर तुरंत इस्तेमाल करने के लिए तैयार रखा गया है।
