पश्चिम एशिया (Middle East) में बढ़ते तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड ऑयल के $96 प्रति बैरल के पार पहुंचने से घरेलू शेयर बाजार पर दबाव देखने को मिला। कच्चे तेल में तेजी से देश के आयात बिल और महंगाई बढ़ने की चिंताएं एक बार फिर गहरा गई हैं। इसके अलावा, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज (Dr Reddy’s Laboratories) और एचपीसीएल (HPCL) के जून तिमाही के कमजोर नतीजों ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। ईरान पर अमेरिका के नए हमलों और लाल सागर में यमन के हूथी विद्रोहियों द्वारा तेल टैंकरों पर किए गए हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी आई और ये एक महीने से ज़्यादा समय के सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच गईं। सेंसेक्स लगभग 9:30 बजे 314.62 अंक (0.41%) टूटकर 76,440.43 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी 82.50 अंक (0.34%) गिरकर 23,913.75 के स्तर पर खुला।
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कच्चा तेल $96 के पार पहुँचा
भू-राजनीतिक तनाव के कारण सप्लाई में रुकावट की आशंकाओं के बीच ब्रेंट क्रूड 2.32% बढ़कर $96.25 प्रति बैरल हो गया, जबकि WTI क्रूड 1.92% बढ़कर $88.50 पर पहुँच गया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत के लिए बड़ी चिंता का विषय हैं, क्योंकि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयात करने और इस्तेमाल करने वाला देश है। इन कीमतों से महंगाई बढ़ सकती है, चालू खाता घाटा (current account deficit) बढ़ सकता है, रुपया कमजोर हो सकता है और कंपनियों का मुनाफा (कॉर्पोरेट मार्जिन) कम हो सकता है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा कि पश्चिम एशिया में हाल की घटनाओं ने बाजार के नजरिए को खराब कर दिया है।
उन्होंने कहा कि लाल सागर में सऊदी अरब के टैंकरों पर हमला करके ईरान-अमेरिका संघर्ष में हूतियों के आक्रामक रूप से शामिल होने से पश्चिम एशिया का संकट और गहरा रहा है और ब्रेंट क्रूड की कीमतें बढ़ रही हैं। जब ब्रेंट क्रूड $95 से ऊपर ट्रेड करता है जो कि अभी की कीमत है तो इसका भारतीय बाजार पर सेंटीमेंटल असर पड़ना तय है। तेल की ऊंची कीमतों के प्रति भारत की संवेदनशीलता एक बार फिर मैक्रो चिंता का विषय बन रही है।
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DR REDDY’S और HPCL के नतीजों का असर
भू-राजनीतिक चिंताओं के अलावा, डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेटरीज और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) की निराशाजनक कमाई ने भी बाजार के सेंटीमेंट को नुकसान पहुंचाया। जून तिमाही के नतीजों के बाद डॉ. रेड्डीज़ के शेयरों में करीब 4% की गिरावट आई, जबकि कमाई की घोषणा के बाद HPCL के शेयरों में लगभग 5% की गिरावट देखी गई, जिससे बेंचमार्क इंडेक्स पर दबाव बढ़ा। सेंसेक्स शेयरों में इंफोसिस सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाली कंपनी रही, जिसके शेयरों में 1.43% की गिरावट आई। इसके बाद बजाज फाइनेंस (-0.96%), HDFC बैंक (-0.80%), SBI (-0.71%), NTPC (-0.67%), रिलायंस इंडस्ट्रीज (-0.62%), टाटा स्टील (-0.56%) और टेक महिंद्रा (-0.53%) का नंबर रहा। सकारात्मक पक्ष की बात करें तो, एटरनल में 0.65% की बढ़त हुई, ट्रेंट 0.52% चढ़ा, M&M में 0.17% की बढ़ोतरी हुई और सीमेंट शेयरों में मामूली तेजी देखी गई।
