नई दिल्ली, 14 अक्टूबर 2026: इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (आईआईटीएम), जनकपुरी, नई दिल्ली के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) सेल द्वारा 14 अक्टूबर 2026 को “नशा मुक्त युवा, विकसित भारत” विषय पर विकसित भारत युवा कनेक्ट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार की पहल ‘माई भारत’ के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे और मादक पदार्थों के सेवन के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना तथा विकसित भारत@2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में उनकी सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना और दीप प्रज्ज्वलन समारोह के साथ हुआ। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने युवाओं को सकारात्मक सोच, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया।

आईआईटीएम की निदेशक प्रो. (डॉ.) रचिता राणा ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि एक विकसित, आत्मनिर्भर और समावेशी भारत के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास, जवाबदेही और जिम्मेदारी की भावना आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समाज से प्राप्त अवसरों और संसाधनों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है कि हम भी समाज को अपना योगदान दें। उन्होंने युवाओं को जागरूक निर्णय लेने, स्वयंसेवा की भावना अपनाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त समाज का निर्माण विकसित भारत@2047 के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्य अतिथि एवं राज्यसभा सांसद श्रीमती सुलता देव ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं की नींव मजबूत होना आवश्यक है।उन्होंने नैतिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में युवाओं के बीच सामाजिक अलगाव और नैतिक मूल्यों में कमी जैसी चुनौतियां उन्हें नशे की ओर धकेल सकती हैं। उन्होंने कहा कि परिवार व्यक्ति के चरित्र निर्माण की पहली पाठशाला है और घर में दया, क्षमा, प्रेम तथा सामाजिक संवेदनशीलता जैसे मूल्यों को विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं को जागरूक करने की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि अभिभावकों और समाज की भी बताया। उन्होंने युवाओं को उनकी क्षमताओं और रुचियों के अनुसार प्रेरित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि युवा शक्ति चाहे तो वर्तमान में ही बड़ा सामाजिक परिवर्तन ला सकती है; इसके लिए वर्ष 2047 तक प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का आह्वान किया।

श्री अंकित कुमार गौर, राज्य निदेशक, ‘माई भारत’, दिल्ली ने युवाओं के विकास और सहभागिता के लिए ‘माई भारत’की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ‘माई भारत’ युवाओं को विभिन्न अवसरों, गतिविधियों और विकास संबंधी पहलों से जोड़ने के लिए एकल-खिड़की मंच प्रदान करता है। उन्होंने युवाओं को आश्वस्त किया कि जीवन की चुनौतियों और अवसरों के दौरान सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने “सबका साथ, सबका विकास” के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए युवाओं को आत्मनिर्भर बनने, अपनी जवाबदेही समझने और केवल व्यक्तिगत हितों तक सीमित न रहकर समाज के व्यापक हित में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
सुश्री इति अग्रवाल, उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम), दिल्ली ने युवाओं को राष्ट्र की ऊर्जा और शक्ति बताते हुए कहा कि इस ऊर्जा का सही दिशा में उपयोग होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने जीवन के लक्ष्य निर्धारित करने, महत्वाकांक्षाओं को पहचानने और उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने नशे से दूर रहने और जीवन में अनुशासन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयास ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं।

कार्यक्रम में डॉ. अनिल जैन, योग गुरु एवं भारतीय खाद्य निगम, भारत सरकार की परामर्शदात्री समिति के सदस्य भी उपस्थित रहे। ‘माई भारत’ की ओर से श्री आर. के. सोनी, सहायक निदेशक, तथा श्रीमती पूजा कौशिक, जिला युवा अधिकारी, पश्चिमी दिल्ली ने सहभागिता की। इस अवसर पर श्री दक्ष जैन, वरिष्ठ सलाहकार, संसदीय स्थायी समिति भी उपस्थित रहे।
युवा आइकन सुश्री रिया शर्मा ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए स्वस्थ जीवनशैली, जिम्मेदार निर्णय लेने और नशा मुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, जागरूक और नशे से मुक्त युवा ही विकसित भारत के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
कार्यक्रम के अंतर्गत ‘माई भारत’ और विकसित भारत यंग लीडर्स 2027 का परिचयात्मक प्रस्तुतीकरण भी किया गया। इसके साथ ही मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्परिणामों पर जागरूकता सत्र आयोजित किया गया तथा इसके व्यक्तिगत जीवन, परिवार और समाज पर पड़ने वाले प्रभावों को दर्शाने वाली जागरूकता फिल्म प्रदर्शित की गई। कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों ने नशा मुक्त भारत की शपथ भी ली और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा नशा मुक्त भारत के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में प्रो. (डॉ.) रमनदीप कौर, प्रमुख, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ एवं विकसित भारत युवा कनेक्ट कार्यक्रम की प्रभारी, ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने युवाओं के सशक्तीकरण, सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता के प्रति आईआईटीएम की प्रतिबद्धता दोहराई तथा विकसित, जिम्मेदार और नशा मुक्त भारत के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. (डॉ.) दीपाली सलूजा ने किया। इस अवसर पर सुश्री श्वेता अनेजा, विकसित भारत युवा कनेक्ट कार्यक्रम की प्रभारी, संस्थान के सभी संकाय सदस्य तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।
