दिल्ली पुलिस को शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में लगभग 7,000 प्रदर्शनकारियों के पहुंचने का अंदेशा है और इसे देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को अत्यधिक संयम बरतने तथा स्थिति से पेशेवर ढंग से निपटने के निर्देश दिए हैं। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया गया कि वे प्रदर्शनकारियों की किसी भी उकसावे वाली कार्रवाई पर प्रतिक्रिया न दें और पूरे अभियान के दौरान संयम बनाए रखें।
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी गैरकानूनी सभा की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया गया है कि प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आने वाले लोगों को हिरासत में लेकर निर्धारित हिरासत केंद्रों में भेजा जाए। सूत्रों ने बताया कि परिस्थितियों के अनुसार, स्वतंत्र पत्रकार होने का दावा करने वाले कुछ लोग अगर पुलिसकर्मियों को उकसाने या टकराव की स्थिति पैदा करने की कोशिश करते हैं, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
प्रदर्शनकारियों को रामलीला मैदान में भेजे जाने की अटकलों पर पुलिस ने स्पष्ट किया कि वहां प्रदर्शन की अनुमति के लिए अब तक कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। इस संबंध में निर्णय के लिए संबंधित अधिकारियों के समक्ष औपचारिक आवेदन प्रस्तुत करना होगा। वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि पूरा बल अनुशासन और पेशेवर तरीके से काम करे।
स्थिति के अनुसार आवश्यक निर्णय लेने के लिए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहेंगे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय राजधानी के कई हिस्सों में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर ये कदम उठाए गए हैं।
