पाकिस्तान सरकार ने सिख संगत को अरदास और अन्य धार्मिक गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधाएं तथा अधिक जगह उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लाहौर स्थित ‘गुरुद्वारा जन्मस्थान गुरु रामदास जी’ के विस्तार की शुक्रवार को घोषणा की। यह घोषणा गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर लाहौर के चूना मंडी में आयोजित एक समारोह में की गई। दस सिख गुरुओं में चौथे गुरु, गुरु रामदास जी का जन्म 1534 में लाहौर में हुआ था।
उनका बचपन का नाम जेठा था। सात वर्ष की उम्र में माता-पिता का निधन होने के बाद उनका पालन-पोषण ननिहाल में हुआ। समारोह को संबोधित करते हुए ‘इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड’ के सचिव नासिर मुश्ताक ने कहा कि बोर्ड सिख संगत की सुविधा के लिए गुरुद्वारे का विस्तार करेगा, ताकि वहां अरदास और अन्य धार्मिक रस्मों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं की जा सकें।
मुश्ताक ने बताया कि गुरुद्वारे से सटी लगभग 13 मरला (272 वर्ग मीटर) व्यावसायिक भूमि को उसके परिसर में शामिल किया जाएगा। इससे धार्मिक गतिविधियों के लिए अतिरिक्त जगह उपलब्ध होगी। समारोह में पाकिस्तान, ब्रिटेन, अमेरिका और कनाडा से आई सिख संगत ने भाग लिया।
इस अवसर पर पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की महासचिव सतवंत कौर भी मौजूद थीं।
