जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और उससे जुड़े नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा बलों का अभियान लगातार तेज होता दिखाई दे रहा है। पिछले कुछ दिनों में कुलगाम और कुपवाड़ा में आतंकवादियों के सहयोगियों की गिरफ्तारी, हथियारों से भरे ठिकाने का पता लगाना और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सीमा पार मादक पदार्थ तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ जैसी कार्रवाइयों से साफ है कि सुरक्षा एजेंसियां आतंक के पूरे नेटवर्क को निशाना बनाकर काम कर रही हैं। इन अभियानों में पुलिस, सेना और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के बीच तालमेल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
हम आपको बता दें कि कुलगाम में सुरक्षा बलों ने सटीक सूचना के आधार पर खेवन चद्दर इलाके में कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से दो पिस्तौल, तीन मैगजीन, नौ एमएम के 40 कारतूस और तीन ग्रेनेड बरामद किए गए। मामले में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई इस लिहाज से अहम है कि सुरक्षा एजेंसियां केवल सक्रिय आतंकवादियों तक सीमित न रहकर उनके सहयोगी तंत्र और हथियारों की आपूर्ति से जुड़े लोगों तक भी पहुंच बना रही हैं।
उधर, कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा में पुलिस, सेना और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने नागदा नार के वन क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया। यहां एक पुराने आतंकवादी ठिकाने का पता लगाकर उसे नष्ट किया गया। सुरक्षा बलों ने मौके से एक एके-47 राइफल, तीन हथगोले और बड़ी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया। वन क्षेत्रों में छिपाकर रखे गए ऐसे ठिकानों का पता लगाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती होती है, इसलिए इस बरामदगी को आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा सकता है।
इसके अलावा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का एक दूसरा महत्वपूर्ण मोर्चा सीमा पार से होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी है। जम्मू के अरनिया सेक्टर के अग्रिम गांव में कार्रवाई करते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने दो लोगों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों के पास से इटली निर्मित एक पिस्तौल, दो मैगजीन, चार कारतूस, 500 ग्राम हेरोइन और 500 ग्राम अफीम बरामद की गई। जांच में पाकिस्तान स्थित आकाओं से संपर्क और ड्रोन के जरिए मादक पदार्थों की खेप हासिल करने के आरोप सामने आए हैं। एनडीपीएस और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच जारी है।
इसी बीच, नवरात्र के मद्देनजर माता वैष्णो देवी यात्रा की सुरक्षा भी व्यापक स्तर पर मजबूत की गई है। कटरा में 500 से अधिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कैमरों से लैस एकीकृत संचालन एवं नियंत्रण केंद्र स्थापित किया गया है। चेहरा पहचान प्रणाली, यातायात और भीड़ प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं के जरिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर नजर रखी जा रही है। 11 अक्टूबर से शुरू होने वाले नवरात्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए यह व्यवस्था विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
कुल मिलाकर, जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों की हालिया कार्रवाइयां बताती हैं कि आतंकवाद के खिलाफ रणनीति अब केवल मुठभेड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि हथियारों की बरामदगी, आतंकियों के सहयोगियों की गिरफ्तारी, सीमा पार तस्करी पर प्रहार और आधुनिक निगरानी तंत्र के जरिए पूरे सुरक्षा तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। पुलिस, सेना और अर्धसैनिक बलों के इस समन्वित अभियान की सराहना की जानी चाहिए, क्योंकि आतंकवाद के नेटवर्क को कमजोर करने के लिए ऐसी सतत, खुफिया-आधारित और समन्वित कार्रवाई महत्वपूर्ण है।
