राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से आयोजित सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा दूसरे दिन भी 27 जिलों में हो रही है। इसके लिए प्रदेश में 1221 सेंटर बनाए गए हैं। परीक्षाएं 18 जुलाई तक चलेगी। पहली पारी में 3 लाख 35 हजार 268 में से 2 लाख 24 हजार 119 कैंडिडेट्स शामिल हुए, उपस्थिति प्रतिशत 66.85 प्रतिशत रहा। दूसरी पारी की परीक्षा तीन बजे से शुरू होगी। इस साल की सबसे बड़ी परीक्षाओं में से एक इस एग्जाम के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। मेटल डिटेक्टर से जांच के बाद ही एंट्री दी गई। अजमेर में 15 हजार 920 कैंडिडेट्स रजिस्टर्ड है। पहले 6,500, फिर 10,537 और अब 9,651 पदों पर भर्ती RPSC की अपील- दलालों और ठगों से रहें सावधान 1. किसी के बहकावे में न आएं RPSC ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा पास कराने का दावा करने वाले किसी भी दलाल, बिचौलिए (मीडिएटर) या ठग के झांसे में न आएं। 2. पैसे मांगने पर तुरंत यहां शिकायत करें अगर कोई भी व्यक्ति आपसे परीक्षा पास कराने के नाम पर पैसे (रिश्वत) मांगता है या कोई लालच देता है, तो सबूत के साथ तुरंत पुलिस, जांच एजेंसी या आयोग के कंट्रोल रूम नंबरों पर शिकायत करें, कंट्रोल रूम नंबर: 0145-2635200, 2635212 और 2635255 3. नकल या गड़बड़ी की तो भुगतनी होगी कड़ी सजा अगर कोई भी अभ्यर्थी परीक्षा में नकल करते हुए या किसी भी तरह की गड़बड़ी में शामिल पाया गया तो नए कानून (राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2022) के तहत बहुत सख्त कार्रवाई होगी। आरोपी को उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा हो सकती है। 10 करोड़ रुपए तक का जुर्माना लग सकता है। आरोपी की घर-जमीन (चल-अचल संपत्ति) जब्त की जा सकती है। जानिए- किस जिले में कितने सेंटर बनाए अलग-अलग सब्जेक्ट की परीक्षाओं को चार ग्रुप में बांटा 12 जुलाई को ये एग्जाम हुआ 13 जुलाई को ये एग्जाम हो रहा आने वाले दिनों में ये होंगे पढें ये खबर भी…. प्रश्नपत्र की गाड़ी के पीछे-पीछे एग्जाम सेंटर में घुसे अभ्यर्थी:हाथों में बंधे धागे काटे, दुपट्टे उतरवाए; 27 जिलों में हुई सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा
सीनियर टीचर भर्ती एग्जाम दूसरे दिन भी जारी:पहली पारी में 66.85 प्रतिशत रही उपस्थिति; 18 जुलाई तक होंगे
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सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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