श्रावस्ती (उप्र), छह नवंबर उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) व स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने श्रावस्ती जिले में जाली भारतीय मुद्रा छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1.74 लाख रुपये मूल्य के 804 जाली नोट, कलर प्रिंटर और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री बरामद की है।
श्रावस्ती के पुलिस अधीक्षक (एसपी) राहुल भाटी ने संवाददाताओं से बताया कि एसटीएफ लखनऊ और जिले के सोनवा थाने की पुलिस की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर बृहस्पतिवार को मल्हीपुर रोड स्थित गिरिराज राइस मिल (भिठिया चिचड़ी) में छापा मारकर तीन आरोपियों को जाली नोट छापते हुए गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बहराइच के गिरिजा शंकर जायसवाल, श्रावस्ती के नरेन्द्र कुमार चौरसिया और वृजेन्द्र गोस्वामी के रूप में हुई है। भाटी ने बताया कि आरोपियों के पास से 100, 200 और 500 रुपये के कुल 804 जाली नोट बरामद हुए हैं, जिनमें 100 रुपये के 537, 200 रुपये के 44 और 500 रुपये के 223 नोट शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा एक कैनन कलर प्रिंटर, चार भरी हुई इंक रिफिल, जाली नोटों के प्रिंट, बाण्ड पेपर, कटर ब्लेड, कैंची, स्टील स्केल, कागज तीन मोबाइल फोन और 5,500 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। एसपी ने बताया कि उपरोक्त बरामदगी के अलावा पुलिस ने आरोपियों के पास मौजूद लाखों रुपये के जाली नोट छापने की सामग्री बरामद की है। भाटी के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने लखनऊ के लालबाग स्थित कैनन एजेंसी से प्रिंटर और अन्य सामग्री खरीदी थी।
उन्होंने कहा कि गिरोह का मुख्य सदस्य वृजेन्द्र गोस्वामी मुंबई में जाली नोट छापने की जानकारी हासिल करने के साथ यूट्यूब वीडियो देखकर भी इस काम को सीख चुका था। भाटी ने कहा कि वह नोटों की छपाई करता था, जबकि अन्य दो आरोपी उनकी कटाई, गड्डियां बनाने और पैकिंग का काम करते थे। उन्होंने कहा कि आरोपियों ने दीपावली के दौरान बाजारों में जाली नोट खपाने की योजना बनाई थी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी एक लाख रुपये के असली नोट के बदले तीन लाख रुपये के जाली नोट देने के लिए ग्राहक भी तलाश रहे थे। पुलिस ने बताया कि अवैध कारोबार से होने वाले मुनाफे को तीनों के बीच बराबर बांटने की योजना थी। भाटी ने बताया कि इस मामले में थाना सोनवा में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को अदालत में पेश किया गया है।
