मुंबई, सात अक्टूबर शेयर बाजार में निवेश पर अधिक मुनाफे का झांसा देकर महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग के 87 वर्षीय एक सेवानिवृत्त अधिकारी से 5.10 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले साइबर अपराधियों को अपने बैंक खाते मुहैया कराने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान अशरफ आलम इमरान करमतअली और उसके साथी के रूप में हुई है, जिन्हें साइबर सेल (उत्तर क्षेत्रीय मंडल) के अधिकारियों ने उपनगरीय अंधेरी इलाके से गिरफ्तार किया।
पुलिस ने बताया कि मालाड निवासी शिकायतकर्ता को जुलाई में एक महिला का फोन आया था, जिसने उन्हें एक निजी कंपनी के नाम वाले व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया। इस ग्रुप पर नियमित रूप से शेयर संबंधी सुझाव और बाजार की जानकारियां साझा की जाती थीं। आकर्षक मुनाफे के लालच में आकर बुजुर्ग ने बताए गए बैंक खातों में 5.10 करोड़ रुपये अंतरित कर दिए।
ठगी का पता चलने पर पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल और उत्तर क्षेत्रीय मंडल साइबर सेल में मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। एक अधिकारी ने बताया कि पैसों के लेन-देन के तकनीकी विश्लेषण के दौरान जांचकर्ताओं ने ठगी गई राशि के एक हिस्से का सुराग अंधेरी स्थित मोहम्मद अशरफ के खाते में पाया।
पूछताछ में पता चला कि अशरफ और उसके साथी ने मुख्य गिरोह को अपने बैंक खातों का इस्तेमाल करने की अनुमति दी और अपराध से अर्जित धन को मुख्य साजिशकर्ताओं तक पहुंचाने में मदद की। एक स्थानीय अदालत ने उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
