देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने अपनी एसेट मैनेजमेंट इकाई एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड (एसबीआईएफएम) में अपनी 1.42 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच दी है। बैंक ने आईपीओ-पूर्व नियोजन (प्री-आईपीओ प्लेसमेंट) के तहत 30 अलग-अलग निवेशकों को यह हिस्सेदारी कुल 1,655 करोड़ रुपये में बेची है। बैंक ने इस संबंध में शेयर बाजारों को जानकारी साझा की है।
शेयर बाजार को दी गई आधिकारिक सूचना के मुताबिक, बैंक ने यह हिस्सेदारी 574 रुपये प्रति शेयर की दर से बेची है। यह कीमत कंपनी के आगामी आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए तय किए गए मूल्य दायरे की ऊपरी सीमा है। एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का 11,600 करोड़ रुपये का आईपीओ आगामी 14 जुलाई को खुलेगा और 16 जुलाई को बंद होगा। यह पूरा आईपीओ इसके मौजूदा प्रवर्तकों—एसबीआई और अमुंडी इंडिया होल्डिंग की तरफ से केवल बिक्री पेशकश (ओएफएस) के रूप में लाया जा रहा है।
एसबीआई ने शेयर खरीदने वाले प्रमुख निवेशकों के नामों का भी खुलासा किया है। इनमें 360 वन फंड्स, टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी, गो डिजिट जनरल इंश्योरेंस, बेनेट कोलमैन, आनंद राठी ग्लोबल फाइनेंस, कैप्री ग्लोबल वेंचर्स और कार्नेलियन भारत अमृतकाल फंड सहित कुल 30 निवेशक शामिल हैं।
बैंक ने बृहस्पतिवार को एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि भारतीय स्टेट बैंक ने नौ जुलाई, 2026 को इन 30 निवेशकों के साथ अलग-अलग शेयर खरीद समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे। इस सौदे के तहत एसबीआईएफएम के एक रुपये के अंकित मूल्य वाले कुल 2,88,32,748 शेयर बेचे गए हैं, जो आईपीओ-पूर्व चुकता शेयर पूंजी का 1.415 प्रतिशत हैं। बैंक ने साफ किया है कि यह पूरी बिक्री उसकी एसेट मैनेजमेंट इकाई के आईपीओ-पूर्व नियोजन की रणनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
