राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) ने 20 सितंबर 2026 को प्रस्तावित एसआई भर्ती-2021 की पुनः परीक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। वर्ष 2021 की भर्ती में ऑनलाइन आवेदन करने वाले सभी कैंडिडेट्स को फिलहाल री-एग्जाम में शामिल होने का मौका दिया गया है। इसके लिए कैंडिडेट्स को 8 से 22 जुलाई तक अपने आवेदन में जरूरी जानकारी अपडेट करनी होगी। हालांकि, जिन कैंडिडेट्स ने 8 मई 2026 के प्रेस नोट के अनुसार पहले ही आवेदन अपडेट कर दिया है, उन्हें दोबारा संशोधन करने की जरूरत नहीं होगी। आयोग के अनुसार आवेदन अपडेट करने से पहले कैंडिडेट्स को अपने वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) में केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसमें लाइव फोटो, अंगूठे का निशान और हस्ताक्षर अपलोड करना अनिवार्य रहेगा। इसके बाद आवेदन में संशोधन कर स्वघोषणा पत्र स्वीकार करते हुए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी से सत्यापन करना होगा। यह प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। कैंडिडेट्स एसएसओ आईडी से लॉगिन कर माय रिक्रूटमेंट सेक्शन में जाकर आवेदन अपडेट कर सकते हैं। जिनका ओटीआर नई एसएसओ आईडी में माइग्रेट हो चुका है, वे फेच एप्लीकेशन फॉर्म विकल्प का उपयोग कर सकेंगे। यदि आवेदन ट्रांसफर में तकनीकी समस्या आती है तो कैंडिडेट्स 15 जुलाई तक आयोग के कैंडिडेट ग्रीवेंस पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि भर्ती की पात्रता शर्तें 3 फरवरी 2021 के मूल विज्ञापन और 7 जून 2021 के शुद्धिपत्र के अनुसार ही लागू रहेंगी। परीक्षा का सिलेबस भी 22 मई 2026 को जारी प्रेस नोट के अनुसार रहेगा। आवेदन में केवल मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी, पत्राचार का पता, लाइव फोटो, अंगूठे का निशान और हस्ताक्षर ही बदले जा सकेंगे। आयु, शैक्षणिक योग्यता और आरक्षण जैसी मूल जानकारी में कोई बदलाव नहीं होगा। यह निर्णय राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ के 2 जुलाई 2026 के अंतरिम आदेश के बाद लिया गया है। आयोग ने कहा है कि 2021 भर्ती के सभी कैंडिडेट्स को फिलहाल अनंतिम रूप से री-एग्जाम में शामिल होने की अनुमति दी गई है। हालांकि, ओटीआर में उपयोग किए गए फोटो, हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान के उपयोग की सहमति देकर ओटीपी सत्यापन के साथ आवेदन फाइनल सब्मिट करना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने वाले कैंडिडेट्स का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
एसआई भर्ती री-एग्जाम: 2021 के सभी कैंडिडेट्स को मिलेगा मौका:8 से 22 जुलाई तक आवेदन अपडेट करने होंगे, ओटीपी से सत्यापन नहीं किया तो आवेदन नहीं होगा स्वीकार
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सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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