मेजबान भारत ने विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज के तीसरे चरण में चार स्वर्ण, तीन रजत और आठ कांस्य सहित कुल 15 पदक जीतकर अपने अभियान का शानदार समापन किया। पदक तालिका में हालांकि भारत पांच स्वर्ण पदक जीतने वाले चेक गणराज्य से पीछे दूसरे स्थान पर रहा। चीन ने दो स्वर्ण, छह रजत और पांच कांस्य पदकों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।
इस प्रतियोगिता ने भारत के पैरा तीरंदाजों को 18 से 24 अक्टूबर तक आइची-नागोया में होने वाले एशियाई पैरा खेलों के लिए तैयारी का अच्छा मौका मिला। भारत की स्वर्ण पदक जीतने की मुहिम का नेतृत्व पैरालंपिक चैंपियन हरविंदर सिंह ने किया। उन्होंने विजय सुंडी के साथ मिलकर पैरा रिकर्व पुरुष युगल का खिताब जीता।
हरविंदर ने प्रतियोगिता अंतिम दिन भावना के साथ जोड़ी बनाकर पैरा रिकर्व मिश्रित टीम स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक हासिल किया। श्याम सुंदर स्वामी और तोमन कुमार ने पैरा कंपाउंड पुरुष युगल में भारत को तीसरा स्वर्ण पदक दिलाया, जिसके बाद विश्व चैंपियन और पेरिस पैरालंपिक कांस्य पदक विजेता शीतल देवी ने पैरा कंपाउंड महिला वर्ग में व्यक्तिगत खिताब जीता। सरिता ने भी कांस्य पदक जीतकर शीतल देवी के साथ पोडियम पर अपनी जगह बनाई।
भारत के तीन रजत पदक भावना और पूजा ने पैरा रिकर्व महिला युगल में, तन्वी इंगले ने दृष्टिबाधित वर्ग में और स्वाति चौधरी और आदिल मोहम्मद नजीर अंसारी ने महिला प्रथम श्रेणी की मिश्रित टीम स्पर्धा में जीते। भारत ने आठ कांस्य पदक भी जीते, जिसमें युगल गर्ग ने दृष्टिबाधित वर्ग में तीसरा स्थान हासिल किया। स्वाति चौधरी ने महिला वर्ग की व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य पदक जीता, जबकि शीतल देवी और विश्व चैंपियन तोमन कुमार ने पैरा कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया।
इससे पहले तोमन ने पैरा कंपाउंड पुरुषों की व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था, जबकि भावना ने पैरा रिकर्व महिलाओं की व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर तीन पदक जीते। इसके बाद स्वाति ने वसुंधरा तेओतिया के साथ महिला प्रथम श्रेणी के युगल स्पर्धा में एक और कांस्य पदक जीता, जिससे उनके पदकों की कुल संख्या दो हो गई। आदिल ने विनायक ब्रीड के साथ जोड़ी बनाकर महिला वर्ग के पुरुष युगल में कांस्य पदक जीतकर कुल दो पदक हासिल किए।
