दुबई, पांच सितंबर श्री चरणी और प्रेमा रावत की युवा स्पिन जोड़ी की घातक गेंदबाजी के सामने पाकिस्तान की बल्लेबाजी पूरी तरह बेबस नजर आई और भारत ने शनिवार को महिला एशिया कप टी20 के एकतरफा मुकाबले में अपने चिर प्रतिद्वंद्वी को सात विकेट से रौंद दिया। बतौर कप्तान अपना 150वां टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहीं हरमनप्रीत कौर पुरुष और महिला क्रिकेट में इस मुकाम तक पहुंचने वाली पहली अंतरराष्ट्रीय कप्तान बनीं। उनकी टीम ने पाकिस्तान को महज 55 रन पर समेट दिया जो टी20 अंतरराष्ट्रीय में पाकिस्तान का अब तक का सबसे कम स्कोर है।
भारत ने 8.4 ओवर में तीन विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। हरमनप्रीत ने नाबाद 18 रन बनाए और विजयी छक्का लगाकर मुकाबला खत्म किया। दीप्ति शर्मा 12 रन बनाकर नाबाद रहीं।
ग्रुप ए में भारत की यह लगातार तीसरी जीत है। भारतीय टीम इस मैच से पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच गयी थी जबकि इस बड़ी हार के बाद पाकिस्तान को अंतिम चार में पहुंचने के लिए हांगकांग के खिलाफ मैच का इंतजार करना होगा। भारत की 22 वर्षीय बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने चार ओवर में सिर्फ सात रन देकर तीन विकेट लिए, जबकि 24 वर्षीय लेग स्पिनर प्रेमा ने चार ओवर में नौ रन देकर तीन विकेट चटकाए।
शेफाली वर्मा ने तीन ओवर में 10 रन देकर एक विकेट लिया। दीप्ति शर्मा ने 3.1 ओवर में पांच रन देकर दो विकेट झटकते हुए पाकिस्तान की पारी समेटने में अहम भूमिका निभाई। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने शेफाली (12), स्मृति मंधाना (9) और प्रतिका रावल (4) के विकेट जल्दी गंवा दिए।
पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना ने तीनों को पवेलियन भेजा। फिर हरमनप्रीत ने और दीप्ति ने भारत को आसानी से जीत तक पहुंचा दिया। इससे पहले अपने 200वें टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया।
टीम ने शुरुआती चार ओवर में बिना विकेट खोए 27 रन बनाकर अच्छी शुरुआत की। मुनीबा अली को दो जीवनदान मिलने के बावजूद वह 13 रन ही बना सकीं, जबकि शवाल जुल्फिकार ने 14 रन का योगदान दिया। इसके बाद पाकिस्तान की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई और कोई अन्य बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सका।
हरमनप्रीत ने पिच से स्पिनरों को मिल रही मदद को भांपते हुए पांचवें ओवर से ही फिरकी का जाल बिछा दिया। उनका यह दांव पूरी तरह सफल रहा। पाकिस्तान ने पांचवें से 10वें ओवर के बीच महज नौ रन जोड़े और छह विकेट गंवा दिए।
10 ओवर के बाद उसकी टीम 36 रन पर छह विकेट के संकट में थी। भारतीय गेंदबाजों ने शानदार अनुशासन का परिचय देते हुए 18.1 ओवर में कुल 78 डॉट गेंदें फेंकीं। सलामी बल्लेबाज मुनीबा रन बनाने के लिए जूझ रही थीं।
शेफाली की गेंद पर जगह बनाने के लिए वह लेग स्टंप की ओर खिसकीं, लेकिन गेंद को पूरी तरह चूक गईं और बोल्ड हो गईं। इसके बाद पाकिस्तान की पारी का हाल कुछ ऐसा रहा मानो बल्लेबाज ‘तू चल, मैं आई’ की तर्ज पर क्रीज पर आ रहे हों। चरणी ने पिच से मिल रहे टर्न और उछाल का भरपूर फायदा उठाया।
गुल फिरोजा खाता खोले बिना आउट हुईं। उन्होंने गेंद के टर्न के खिलाफ बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन शॉर्ट थर्ड पर कैच दे बैठीं। जुल्फिकार स्वीप खेलने से चूक गईं और पगबाधा आउट हो गईं।
आयशा जफर सिर्फ दो रन बना सकीं। दबाव से निकलने के प्रयास में उन्होंने मिड-ऑन पर हरमनप्रीत को आसान कैच दे दिया। सदफ शमास ने तीन रन बनाए, लेकिन प्रेमा की सीधी गेंद पर स्टंप्स को निशाना बनाकर की गई गेंदबाजी के सामने टिक नहीं सकीं।
पाकिस्तान की सबसे बड़ी उम्मीद कप्तान फातिमा भी खाता नहीं खोल सकीं। दीप्ति शर्मा की शानदार ऑफ स्पिन गेंद सीधे उनके पैड पर लगी और अंपायर ने उन्हें पगबाधा करार दिया। गेंद लेग-मिडिल स्टंप को लगती नजर आ रही थी, लेकिन फातिमा ने रिव्यू लेना भी उचित नहीं समझा।
ऐमान फातिमा (5) और उम्म-ए-हानी (6) के बीच तालमेल की कमी से पाकिस्तान को एक और झटका लगा। गलतफहमी के कारण ऐमान नॉन-स्ट्राइकर छोर पर रन आउट हो गईं। इसके बाद उम्म-ए-हानी भी खराब स्वीप शॉट खेलने की कोशिश में अपना विकेट गंवा बैठीं।
