पश्चिम बंगाल में भाजपा की पहली सरकार 9 मई (शनिवार) को बनेगी, जो रवींद्रनाथ टैगोर के जन्मदिन के साथ मेल खाती है। भारतीय जनता पार्टी ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को करारी शिकस्त दी और ममता बनर्जी के 15 साल के शासनकाल का अंत कर दिया। इस जीत के साथ भाजपा पहली बार राज्य में सरकार बना रही है, जिसे लंबे समय से पूर्वी भारत में विपक्ष का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता रहा है।
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने कहा कि पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को होगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर लोगों ने भाजपा का झंडा लेकर तोड़फोड़ की। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि यदि कोई ऐसा करता है, तो हमें उसे पार्टी से निष्कासित करने के लिए विवश होना पड़ेगा… पश्चिम बंगाल के लिए पूरे देश में जश्न मनाया गया… अब हमारे सामने बहुत बड़ी चुनौतियाँ हैं। हम उनका सामना करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। हम अपने कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने और किसी की भावनाओं को ठेस न पहुँचाने का आग्रह करते हैं।
भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में शानदार जीत दर्ज पूर्वी भारत के उस अहम गढ़ में प्रवेश कर लिया, जहां एक दशक से अधिक समय तक वह अपने विस्तार के बावजूद सेंध नहीं लगा पाई थी। यह निर्णायक जीत केवल चुनावी गणित तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने राज्य में ममता बनर्जी के लंबे समय से चले आ रहे वर्चस्व को भी बड़ा झटका दिया है और क्षेत्रीय राजनीतिक परिदृश्य को नया आकार दिया है।
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कल की जीत के बाद सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, “पश्चिम बंगाल में कमल खिला! 2026 का विधानसभा चुनाव हमेशा याद रखा जाएगा। जनता की शक्ति की जीत हुई है और सुशासन की राजनीति की विजय हुई है।” 2014 के लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में सीमित उपस्थिति से शुरू हुई भाजपा की यात्रा 2019 के लोकसभा चुनाव में तेज उभार और 2021 के विधानसभा चुनाव में कुछ झटकों के बाद अब एक निर्णायक जनादेश में बदल गई है। राष्ट्रीय स्तर पर यह जीत भाजपा की राजनीतिक कथा को और मजबूत करती है तथा उसके निरंतर विस्तार और मजबूती की धारणा को बल देती है। साथ ही, यह केंद्रीय नेतृत्व और क्षेत्रीय नेताओं की भूमिका को भी सुदृढ़ करती है।
