विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने फिल्म निर्माता विवेक अग्निहोत्री के हिंदू धार्मिक रीति-रिवाजों पर दिये गए बयानों की रविवार को आलोचना की और उन्हें ‘‘एहसान फरामोश’’ करार दिया तथा इस धर्म का ‘‘हत्यारा’’ बनने का आरोप लगाया, जिसकी वजह से उन्हें सफलता मिली थी। विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि जो लोग हिंदू समाज के समर्थन से सफल होते हैं, उन्हें उसी आस्था और परंपराओं के खिलाफ नहीं होना चाहिए जिन्होंने उन्हें आगे बढ़ने में मदद की है। बंसल ने कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि अग्निहोत्री हिंदू धार्मिक परंपराओं–चाहे वह कुंभ हो, तीर्थयात्राएं हों, मंदिर हों, संत हों या भजन-कीर्तन हों — में भी कमियां निकालने की हद तक चले जाएंगे।
यह आलोचना अग्निहोत्री की उस टिप्पणी के बाद की गई है जिसमें उन्होंने बुधवार को कहा था कि धर्म पर कर लगाने से भारत सबसे अमीर देश बन सकता है, साथ ही उन्होंने कई धार्मिक रीति-रिवाजों की आलोचना भी की थी। बंसल ने रविवार को किये गए पोस्ट में कहा, ‘‘जरा फिल्म जगत के इस विवेक अग्निहोत्री को देखिए… हिंदू धार्मिक तीर्थयात्राओं पर कर लगाने की वकालत करने वाले। यह जनाब तो बहुत आगे निकल गए हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ये लोग इतनी जल्दी एहसान-फरामोश हो जाएंगे कि जिन्होंने इन्हें आगे बढ़ाया, उन्हीं के विश्वास और आस्था को खत्म करने वाले बन जाएंगे — शायद किसी ने कभी ऐसा सोचा भी नहीं होगा!’’
उन्होंने अग्निहोत्री पर हिंदू धार्मिक रीति-रिवाजों की बार-बार आलोचना करने और उनमें कमियां निकालने का आरोप लगाया।
बंसल ने फिल्म निर्माता से कहा, ‘‘अग्निहोत्री जी, क्या आप खुद हिंदू नहीं हैं? या आप सिर्फ़ नाम के हिंदू हैं?’’ उन्होंने कहा कि वह (अग्निहोत्री) दूसरी सभ्यताओं के सामने हीन भावना महसूस करने के बजाय भारत की सांस्कृतिक विरासत, ज्ञान, मूल्यों और परंपराओं पर गर्व करें। अग्निहोत्री को बुधवार को ‘एक्स’ पर एक वीडियो रीपोस्ट करने के बाद आलोचना का सामना करना पड़ा।
इस वीडियो में उत्तराखंड के कैंची धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिख रही और उन्होंने टिप्पणी की थी कि अगर सरकार धर्म पर कर लगा दे, तो भारत रातों-रात सबसे अमीर देश बन जाएगा।
