अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान नीति को लेकर अपनी ही पार्टी के भीतर कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिकी सीनेट ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण विधेयक को आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी है, जिसका मुख्य उद्देश्य राष्ट्रपति ट्रंप को ईरान के साथ जारी युद्ध से पीछे हटने के लिए मजबूर करना है। इस कदम से व्हाइट हाउस और कांग्रेस के बीच तनाव और गहराने की आशंका है। बड़ी संख्या में रिपब्लिकन सांसदों ने राष्ट्रपति की इच्छा के खिलाफ जाकर इस विधेयक के पक्ष में मतदान किया।
इसे भी पढ़ें: Pakistan पर क्लीन स्वीप का खतरा, Test Series में इतिहास रचने से 3 विकेट दूर Bangladesh
फरवरी के अंत में ट्रंप द्वारा ईरान पर हमला करने का आदेश दिए जाने के बाद से डेमोक्रेट सांसद बार-बार युद्ध अधिकार प्रस्तावों पर मतदान करवा रहे हैं। इन प्रस्तावों के तहत ट्रंप को या तो युद्ध के लिए कांग्रेस की सहमति लेनी होगी या फिर सैनिकों को वापस बुलाना होगा।
इसे भी पढ़ें: UFC स्टार Pooja Tomar का बड़ा बयान- ‘सही सपोर्ट मिले तो MMA में दुनिया पर राज करेगा India’
अब तक रिपब्लिकन सांसद इन प्रस्तावों को खारिज करने के लिए पर्याप्त वोट जुटाने में सफल रहे थे, लेकिन लुइसियाना के सीनेटर बिल कैसिडी ने अपनी राय बदली और विधेयक को आगे बढ़ाने के लिए निर्णायक वोट दिया।
कैसिडी हाल ही में हुए प्राइमरी चुनाव में हार गए थे, जहां ट्रंप ने उनके प्रतिद्वंद्वी का समर्थन किया था।
यह विधेयक 47 के मुकाबले 50 मतों से पारित हो गया। इस प्रक्रिया ने यह दिखाया कि रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी कुछ सांसद ईरान के साथ युद्ध रोकने के पक्ष में हैं।
इस विधेयक पर अंतिम मंजूरी के लिए भी मतदान होगा, हालांकि अभी यह तुरंत स्पष्ट नहीं हुआ कि उस पर मतदान कब होगा।
केंटुकी से रिपब्लिकन सीनेटर रैंड पॉल, मेन की सुसैन कॉलिन्स और अलास्का की लिसा मर्कोव्स्की पहले भी ऐसे युद्ध अधिकार प्रस्तावों के समर्थन में मतदान कर चुके थे और उन्होंने मंगलवार को भी ऐसा ही किया। कैसिडी ने पहली बार इस विधेयक के पक्ष में वोट दिया।
Stay updated with International
News in Hindi on Prabhasakshi
