उत्तर प्रदेश के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि राज्य अब केवल इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल निर्माण का केंद्र नहीं बल्कि कृत्रिम मेधा (एआई), सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। शर्मा ने ‘यूपीज जर्नी फ्रॉम इलेक्ट्रॉनिक्स लीडर टू एआई एंड सेमीकंडक्टर पावरहाउस’ सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भविष्य में एआई और आईटी का कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ाव प्रदेश के विकास को नई दिशा देगा। उन्होंने बताया कि 52 स्टार्टअप के साथ हुई बैठक में सामने आया कि अधिकतर स्टार्टअप खाद्य आपूर्ति क्षेत्र से जुड़े हैं, जबकि कृषि में एआई के इस्तेमाल वाले स्टार्टअप की संख्या कम है।
शर्मा ने कहा कि यह एक बड़ा अवसर है और तकनीक आधारित समाधानों से किसानों की आय तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए नीतियों में लगातार सुधार कर रही है। उन्होंने कहा कि निवेश प्रोत्साहन की प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर दिया जा रहा है और पिछले एक वर्ष में करीब 500 से 600 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन वितरित किए गए हैं।