तमिलनाडु के सभी 38 जिलों में 2027 की जनगणना के लिए 1.6 लाख से अधिक कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा। बुधवार देर रात जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, जनगणना के इस चरण में राज्य के 25 नगर निगम, 651 कस्बे और 15,437 गांव शामिल किए जाएंगे। इसके लिए लगभग 1.43 लाख गणना खंड बनाए गए हैं।
इस कार्य में अनुमानित 1,41,083 गणनाकर्मी और 20,467 पर्यवेक्षक हिस्सा लेंगे। राजस्व प्रशासन आयुक्त, जिलाधिकारियों और नगर आयुक्तों ने इस बात पर जोर दिया है कि राज्य के प्रत्येक परिवार और हर व्यक्ति को जनगणना में शामिल किया जाए। जनगणना में तमिलनाडु के सभी क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा।
इनमें दूरदराज के गांव, छोटी-छोटी बस्तियां, नयी आवासीय कॉलोनियां, झुग्गी बस्तियां, बहुमंजिला आवासीय इमारतें, आवासीय एवं व्यावसायिक उपयोग वाली इमारतें और तेजी से विकसित हो रहे शहरी इलाके शामिल हैं। पिछली बार मकानों की सूची तैयार किए जाने के बाद बनी नयी सड़कों, बस्तियों और इमारतों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जिलाधिकारी और नगर आयुक्त यह सुनिश्चित करेंगे कि ऐसे सभी क्षेत्रों की पहचान कर उन्हें जनगणना में शामिल किया जाए, ताकि कोई भी इलाका या परिवार छूट न जाए।
गणनाकर्मियों और पर्यवेक्षकों को जानकारी एकत्र करने और उसका सत्यापन करने के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। आंकड़े जुटाने और इस कार्य की निगरानी के लिए डिजिटल ऐप और निगरानी प्रणालियों की मदद ली जाएगी। जमीनी स्तर पर सत्यापन से उन परिवारों और व्यक्तियों की पहचान करने में मदद मिलेगी, जो गणना में छूट गए हैं।
विज्ञप्ति के अनुसार, इन उपायों का उद्देश्य पूरे राज्य में व्यवस्थित और विश्वसनीय तरीके से जनगणना सुनिश्चित करना है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जनगणना का कार्य सुचारु रूप से पूरा करने के लिए राजस्व, शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य तथा महिला एवं बाल विकास विभागों के साथ स्थानीय निकाय और अन्य संबंधित एजेंसियां आपसी समन्वय से काम करेंगी। परिवारों को निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कराने की सुविधा भी मिलेगी।
विज्ञप्ति के अनुसार, लोगों के ऑनलाइन अपनी जानकारी खुद दर्ज कराने संबंधी तारीखों की घोषणा जनवरी 2027 में की जाएगी।
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