देश के आठ प्रमुख शहरों में जुलाई-सितंबर में शॉपिंग मॉल में खुदरा स्थानों की पट्टा मांग 38 प्रतिशत घटकर 7.1 लाख वर्ग फुट रह गई। रियल एस्टेट सलाहकार कंपनी कुशमैन एंड वेकफील्ड के अनुसार, 2026 की तीसरी (जुलाई-सितंबर) तिमाही में ‘हाई-स्ट्रीट’ (मुख्य बाजारों) पर खुदरा स्थलों की पट्टा मांग 33 प्रतिशत बढ़कर 15.1 लाख वर्ग फुट हो गई।
इन आठ शहरों में मुंबई, दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद शामिल हैं। शॉपिंग मॉल और ‘हाई-स्ट्रीट’ को मिलाकर कुल खुदरा स्थलों की पट्टा मांग जुलाई-सितंबर तिमाही में करीब पांच प्रतिशत घटकर 22.2 लाख वर्ग फुट रह गई, जो एक साल पहले इसी अवधि में 23.3 लाख वर्ग फुट थी।
जुलाई-सितंबर 2026 में खुदरा स्थल की पट्टा मांग में ‘हाई-स्ट्रीट’ स्थानों का दबदबा रहा। इनकी कुल सकल पट्टा मांग में 68 प्रतिशत हिस्सेदारी रही। वहीं, शॉपिंग मॉल का हिस्सा कुल 32 प्रतिशत रहा। आठ शहरों में केवल मुंबई और पुणे में लीज गतिविधियां घटीं। बाकी छह शहरों में इसमें बढ़ोतरी दर्ज की गई। जुलाई-सितंबर तिमाही में गिरावट के बावजूद जनवरी-सितंबर अवधि में कुल खुदरा स्थल की पट्टा मांग मामूली बढ़कर 65.7 लाख वर्ग फुट हो गई।
कुशमैन एंड वेकफील्ड के कार्यकारी प्रबंध निदेशक (मुंबई एवं नया कारोबार) गौतम सराफ ने कहा, ‘‘भारत का खुदरा बाजार लगातार स्थिर मांग दिखा रहा है, हालांकि अच्छी गुणवत्ता वाले खुदरा स्थल की उपलब्धता सीमित बनी हुई है।’’ उन्होंने कहा कि जनवरी-सितंबर अवधि में कुल पट्टा गतिविधियां बढ़ीं, जबकि आठों शहरों में कोई नया शॉपिंग मॉल शुरू नहीं हुआ।
