केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को कहा कि भारत में तीन कंपनियों को सैटेलाइट कम्युनिकेशन (सैटकॉम) लाइसेंस मिले हैं। ये कंपनियाँ अपनी-अपनी सुरक्षा ज़रूरतों को पूरा करने और सरकार द्वारा स्पेक्ट्रम चार्ज का तरीका तय करने के बाद अपना कामकाज शुरू कर सकती हैं। सिंधिया का यह बयान सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच आया है। यह विवाद भारत में सैटकॉम सेवाओं की शुरुआत को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और एलन मस्क के बीच एक्स (पहले ट्विटर) पर हुई बातचीत के बाद शुरू हुआ था। सिंधिया ने कहा तीन पार्टियों को लाइसेंस मिला है। जब सरकार रेवेन्यू के आधार पर चार्ज सिस्टम तय करेगी, तो उन्हें स्पेक्ट्रम अलॉट किया जाएगा और जब वे अलग-अलग सुरक्षा शर्तों को पूरा कर लेंगी, तो वे अपना कामकाज शुरू कर सकेंगी।
मंत्री ने कहा कि भारत किसी भी सेक्टर में मोनोपॉली (एकाधिकार) की इजाज़त नहीं देता है और सरकार कॉम्पिटिटिव मार्केट में ग्राहकों को अलग-अलग सर्विस चुनने का मौका देगी। सिंधिया ने कहा एक खास कंपनी के बारे में बहुत चर्चा हो रही है, लेकिन तीन कंपनियों को सैटकॉम लाइसेंस मिले हैं।” उन्होंने आगे कहा कि सरकार का काम उपभोक्ताओं को चुनने के लिए कई तरह की सेवाएँ उपलब्ध कराना है।
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TRAI और टेलीकॉम विभाग स्पेक्ट्रम चार्ज पर फ़ैसले के करीब
सिंधिया ने कहा कि टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (TRAI) और डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलीकम्युनिकेशन्स (DoT) सैटकॉम स्पेक्ट्रम की कीमत तय करने के तरीके पर अंतिम फ़ैसला लेने के करीब हैं। सरकार द्वारा रेवेन्यू-बेस्ड चार्ज मैकेनिज्म तय करने के बाद तीनों लाइसेंस होल्डर्स को स्पेक्ट्रम अलॉट किया जाएगा। हालांकि, कमर्शियल ऑपरेशन शुरू करने के लिए सिर्फ़ लाइसेंस मिलना ही काफ़ी नहीं होगा, क्योंकि हर कंपनी को लागू सिक्योरिटी ज़रूरतों को भी पूरा करना होगा। मंत्री की टिप्पणियों से भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस कब शुरू होंगी, इस बारे में उठ रहे सवालों के बीच सरकार का रुख़ साफ़ हो गया है।
सिंधिया ने मस्क विवाद पर कांग्रेस पर निशाना साधा
सिंधिया ने सैटकॉम विवाद पर कांग्रेस के रुख की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि पार्टी ने पहले एक खास व्यक्ति को लाइसेंस मिलने पर आपत्ति जताई थी, लेकिन अब वे सवाल उठा रहे हैं कि उसी व्यक्ति को आगे क्यों नहीं बढ़ने दिया जा रहा है। कांग्रेस का ज़िक्र करते हुए सिंधिया ने कहा मुझे नहीं लगता कि उन्हें खुद पता है कि वे बाईं ओर जा रहे हैं या दाईं ओर। उन्होंने कहा कि पार्टी ने शुरू में एक खास व्यक्ति को लाइसेंस मिलने को लेकर चिंता जताई थी, लेकिन अब वे स्पेक्ट्रम देने में हो रही देरी पर सवाल उठाने के मामले में उसी व्यक्ति के साथ खड़े हैं। सिंधिया ने कहा हम अपने रुख को लेकर बहुत स्पष्ट हैं।” उन्होंने दोहराया कि स्पेक्ट्रम की कीमत तय करने का तरीका फाइनल होने और सुरक्षा से जुड़ी शर्तों को अलग-अलग पूरा करने के बाद ही तीनों लाइसेंस होल्डर आगे बढ़ पाएंगे।
