एसनसियोन, सात नवंबर (एपी) पराग्वे में एक प्रमुख बैंक के डूबने के मामले में संसद के उच्च सदन सीनेट द्वारा पद से हटाए जाने के कुछ ही समय बाद देश के अपदस्थ राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को विश्वासघात के संदेह में शुक्रवार को घर में नजरबंद कर दिया गया। सीनेट में मौजूद सभी 44 सदस्यों ने पद पर रहते हुए कदाचार करने के आरोप में पेना को हटाने के पक्ष में मतदान किया। इसके साथ ही दक्षिण अमेरिका में सबसे स्थिर माने जाने वाले राष्ट्रपतियों में से एक का कार्यकाल नाटकीय ढंग से समाप्त हो गया।
यह फैसला नियामक अधिकारियों द्वारा यूएनो बैंक का नियंत्रण अपने हाथ में लेने के महज तीन दिन बाद आया। इस कार्रवाई के कारण बैंक के करीब 30 लाख ग्राहक अपनी जमा राशि नहीं निकाल पा रहे हैं और बैंक कार्ड का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। इससे देश में राजनीतिक संकट पैदा हो गया।
राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख को भेजे गए एक पत्र के अनुसार, अभियोजकों ने आदेश दिया है कि आर्थिक अपराध एवं भ्रष्टाचार निरोधक इकाई के समक्ष पेश किए जाने तक पेना को उनके घर में ही नजरबंद रखा जाए। अटॉर्नी जनरल के कार्यालय ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को पुष्टि की कि पेना को उनके घर में नजरबंद रखा गया है। आदेश में केंद्रीय बैंक के पूर्व प्रमुख कार्लोस कार्वालो को भी गिरफ्तार करने को कहा गया है।
पेना ने ही कार्वालो को इस पद पर नियुक्त किया था। हालांकि, यह तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका कि कार्वालो को हिरासत में लिया गया है या नहीं। सांसदों ने पेना पर आरोप लगाया है कि उन्होंने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करके करोड़ों डॉलर की सार्वजनिक धनराशि यूएनो बैंक में जमा कराई, जबकि नियामक अधिकारियों ने बैंक से जुड़े लोगों और कंपनियों को जोखिम भरे ऋण दिए जाने की अनदेखी की।
पेना ने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है। देश के उपराष्ट्रपति पेड्रो अलियाना ने शुक्रवार को राष्ट्रपति पद की शपथ ली। वह अगस्त 2028 में समाप्त होने वाले शेष कार्यकाल तक इस पद पर रहेंगे।
अलियाना ने ऐसे समय में सत्ता संभाली है, जब सरकार पर जमाकर्ताओं का पैसा लौटाने और यूएनो बैंक के डूबने के लिए जिम्मेदार लोगों को दंडित करने का दबाव है। लंबे समय से सत्ता में रही रूढ़िवादी कोलोराडो पार्टी के वरिष्ठ नेता अलियाना (52) दक्षिणी प्रांत नीम्बुकू के पूर्व गवर्नर और संसद के निचले सदन के पूर्व अध्यक्ष हैं। हालांकि, वह भी इस घोटाले से पूरी तरह अछूते नहीं हैं।
अभियोजक उनके खिलाफ भी जांच कर रहे हैं। पेना को पद से हटाए जाने के कारण अब वह पराग्वे के संविधान के तहत निर्वाचित पूर्व राष्ट्रपतियों को मिलने वाली सीनेट की आजीवन सदस्यता के पात्र नहीं रहेंगे। इसके साथ ही उन्हें इस सदस्यता से मिलने वाली संसदीय छूट भी नहीं मिल सकेगी।
अभियोजक केंद्रीय बैंक और पेंशन कोष के मौजूदा एवं पूर्व अधिकारियों के खिलाफ भी जांच कर रहे हैं। पेना ने बृहस्पतिवार को अपना इस्तीफा सौंप दिया था, लेकिन संसद ने उसे स्वीकार नहीं किया। उनके वकीलों रिकार्डो प्रेडा और एडोल्फो फेरेइरो ने दलील दी थी कि सांसदों को महाभियोग की सुनवाई जारी रखने के बजाय उनका इस्तीफा स्वीकार कर लेना चाहिए था।
हालांकि, विपक्षी सांसद इस बात पर अड़े रहे कि पेना को पद से हटाया जाए, ताकि वह संसदीय छूट के साथ पद न छोड़ सकें। विपक्षी सांसद योलांडा परेडेस ने पत्रकारों से कहा, ‘‘उन्हें जाना ही होगा, लेकिन घर नहीं। उन्हें कड़ी सुरक्षा वाली जेल में भेजा जाना चाहिए।
जनता अब दंड से बच निकलने की प्रवृत्ति से तंग आ चुकी है।’’
पेना ने शुक्रवार को फैसला आने से कुछ ही समय पहले जारी अपने विदाई संदेश में उम्मीद जताई कि उनके पद छोड़ने से पराग्वे को और नुकसान नहीं होगा। उन्होंने लिखा, ‘‘मैं नहीं चाहता कि मेरी मौजूदगी और अधिक विभाजन या अस्थिरता का कारण बने। मेरी जिम्मेदारी अपने व्यक्तिगत भविष्य से ऊपर देश को रखना है।’’
इस मामले को लेकर जनता का गुस्सा हर दिन बढ़ता जा रहा है।
अपनी फंसी हुई जमा राशि वापस करने और यूएनो बैंक के डूबने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर इस सप्ताह हजारों लोगों ने प्रदर्शन किए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़पें भी हुईं और पुलिस ने रबर की गोलियां चलाईं तथा काली मिर्च वाले स्प्रे का इस्तेमाल किया।
