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तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी के प्रबल समर्थक पार्टी विधायक कुणाल घोष ने शनिवार को पार्टी के दोनों गुटों द्वारा आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों में हिस्सा लिया, जिसके बाद उनके भावी राजनीतिक कदम को लेकर…
भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी डी सजित बाबू को केरल का नया मुख्य निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया गया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने अपने फेसबुक…
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी मामले की पीड़िता के माता-पिता से मुलाकात के बाद शनिवार को कहा कि घटना को चार साल बीत जाने के बावजूद परिवार अपनी बेटी…
जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं द्वारा 80 वर्ष पहले भारत…
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने शनिवार को कहा कि राज्य में पूंजीगत व्यय के रूप में अगले पांच…
(फोटो के साथ) नयी दिल्ली, 15 अगस्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले की प्राचीर से राष्ट्र…
अपनी कृष्णानगर संसदीय सीट के सर्किट हाउस में एक कमरा खाली करने के लिए कहे जाने के एक दिन बाद,…
15 अगस्त को अमृतसर के अटारी-वाघा बॉर्डर पर हज़ारों लोग भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ‘बीटिंग रिट्रीट’…
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर RSS पर तीखा हमला बोला।…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त को देशभक्ति की भावना और बहुस्तरीय सुरक्षा के बीच यहां लालकिला परिसर में 80वें…
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन में महिला आरक्षण…
नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ की छात्र बार परिषद ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) की उस वापस लिये गए आदेश…
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 15 अगस्त को बाल विवाह के खिलाफ़ 30 दिन के राज्यव्यापी अभियान की…
उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को पूरे राज्य में पनीर, घी और खोया जैसे एनालॉग डेयरी उत्पादों पर पूरी तरह…
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को कहा कि अगर केंद्र सरकार ने 2019 में इस इलाके का स्पेशल…
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रूस और जापान के बीच दशकों से चला आ रहा कुरिल द्वीप विवाद एक बार फिर भड़क उठा है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विवादित इतुरुप…
इंग्लैंड दौरे पर भारत को पहली जीत दिलाने वाले मुकाबले के बाद एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया…
इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदिवसीय मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करने वाले भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने आखिरकार…
Ravichandran Ashwin का बड़ा सुझाव, ICC World Cup से पहले उभरती टीमों को मिले द्विपक्षीय सीरीज का मंच
भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के नए विश्व कप प्रारूप…
अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को रोमांचक मुकाबले में 2-1 से हराकर फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल में…
बेल्जियम ग्रां प्री शुरू होने से पहले मैकलारेन टीम और उसके चालक लैंडो नॉरिस के लिए एक…
बुधवार को FIFA वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफ़ाइनल में अर्जेंटीना ने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ पिछड़ने के बाद…
अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे भारत में देशभक्ति की कहानियों का अंदाज भी बदल रहा है। वीरता के अतिरंजित किस्सों, युद्धभूमि पर जीत और जोशीले राष्ट्रवाद से इतर अब ऐसी कहानियां भी जगह बना रही हैं, जो देशभक्ति को कहीं अधिक मानवीय, सहज और रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़कर सामने रखती हैं। सिनेमा घरों से लेकर ओटीटी मंचों और टेलीविजन तक यह बदलाव दिखाई दे रहा है।हालांकि, बड़े बजट की फिल्में अब भी दर्शकों को आकर्षित कर रही हैं। ‘बॉर्डर 2’ और ‘धुरंधर’ जैसी फिल्में बड़े पैमाने के युद्ध दृश्यों, एक्शन और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कथानक पर जोर देती हैं, वहीं ‘इक्कीस’, ‘अमरन’ और ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ जैसी फिल्में और वेबसीरीज सैनिकों और उनके परिवारों की भावनात्मक यात्रा को कहानी के केंद्र में रखती हैं। पिछले एक दशक में देशभक्ति की बदलती सिनेमाई को आकार देने वाली कुछ प्रमुख फिल्में और वेबसीरीज इस प्रकार हैं: ‘राजी’ (2018): मेघना…
क्या आप भी अगस्त में घूमने का बना रहे हैं प्लान और आपका बजट भी लिमिटेड है, तो…
Hindi NewsCareerRRB Junior Engineer Recruitment | Apply Online For 3993 Vacancies1 मिनट पहलेकॉपी लिंकआरआरबी ने जूनियर इंजीनियर के 3993 पदों पर भर्ती निकाली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट www.rrbapply.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती के लिए फीस जमा करने की आखिरी तारीख 15 सितंबर 2026 तय की गई है।एजुकेशनल क्वालिफिकेशन :किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 3 साल का डिप्लोमा।सिविल इंजीनियरिंग में तीन का डिप्लोमा या सिविल इंजीनियरिंग में बीएससी की डिग्री।तीन साल का डिप्लोमा मैकेनिकल/प्रोडक्शन/ऑटोमोबाइल/इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रॉनिक्स/इंस्ट्रूमेंटेशन और कंट्रोल इंजीनियरिंग या मैकेनिकल/प्रोडक्शन/ऑटोमोबाइल/इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रॉनिक्स/इंस्ट्रूमेंटेशन और कंट्रोलर इंजीनियरिंग की बेसिक सब स्ट्रीम में किया हो।कंप्यूटर इंजीनियरिंग की डिग्री वाले भी संबंधित पद पर…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत ने 2014 से अब तक लगभग 40 देशों के…
आयकर विभाग ने शनिवार को कहा कि छोटे करदाताओं के लिए विदेशी संपत्ति की स्वैच्छिक घोषणा योजना के तहत घोषणाएं…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि को बढ़ावा देने का आह्वान करते हुए कहा कि लागत,…
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी हालिया मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट में कोई बदलाव न करते हुए इसे…
मुंबई, पांच जुलाई वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को उम्मीद के मुताबिक प्रमुख नीतिगत दर…
संसद का मॉनसून सत्र पूरी तरह बर्बाद हो गया जिसके चलते कई सवाल उठे हैं। सबसे पहला सवाल यह है कि क्या यही संसदीय लोकतंत्र है, जहां संसद का पूरा सत्र ही हंगामे की भेंट चढ़ जाए? सवाल उठता है कि विपक्ष का काम सरकार को घेरना है या सदन को ही ठप कर देना? 20 जुलाई से शुरू हुआ मानसून सत्र 13 अगस्त को खत्म हो गया, लेकिन सवाल यह है कि इस पूरे सत्र में बहस कितनी हुई और हंगामा कितना? सवाल उठता है कि संसद में नारे लगना ज्यादा जरूरी है या जनता के मुद्दों पर सवाल-जवाब होना जरूरी है? सवाल उठता है कि जब सरकार जवाब देने को तैयार थी, तो विपक्ष ने संसद चलने क्यों नहीं दी?आंकड़ों को देखें तो राज्यसभा की उत्पादकता महज 39.17 प्रतिशत रही और सभापति के अनुसार सदन में कुल 37 घंटे 49 मिनट ही काम हो सका। वहीं लोकसभा की…
सोशल मीडिया इस समय ऐसे वीडियोज से भरा पड़ा है, जिनमें बलूचिस्तान के लोग अपनी आजादी का जश्न मनाते हुए नजर आ रहे हैं। 11 अगस्त को बलूचिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के तौर पर मनाए गए कार्यक्रमों के बीच बलूच अलगाववादी नेतृत्व ने अब अपने अभियान को एक नया राजनीतिक मोड़ देने की कोशिश भी की है। बलूच नेता मीर यार बलूच ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से “रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान” को स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देने की अपील की है। साथ ही भारत की ओर से पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों में मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर उठाई गई आवाज की खुलकर सराहना की है।मीर यार बलूच ने एक्स पर जारी अपने संदेश में भारतीय मीडिया का विशेष रूप से आभार जताया। उनका कहना था कि भारतीय मीडिया ने 11 अगस्त को बलूचिस्तान में मनाए गए स्वतंत्रता दिवस को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल…
भारत सरकार द्वारा संचालित अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana – APY) देश के असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और आम नागरिकों को बुढ़ापे में वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई एक लोकप्रिय सामाजिक सुरक्षा योजना है। इस योजना के तहत 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर लाभार्थी को हर महीने 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक की गारंटीड न्यूनतम मासिक पेंशन मिलती है।अटल पेंशन योजना (APY) 2026 क्या है?अटल पेंशन योजना 2026 एक सरकारी रिटायरमेंट स्कीम है, जिसे PFRDA रेगुलेट करता है। यह हर काम करने वाले भारतीय को सब्सक्राइबर के 60 साल का होने के बाद ₹1,000, ₹2,000, ₹3,000, ₹4,000 या ₹5,000 की गारंटीड मंथली पेंशन देती है। यह अनऑर्गनाइज़्ड सेक्टर के लाखों लोगों के लिए बनाई गई है – दुकानदार, ड्राइवर, डिलीवरी वर्कर, घरेलू हेल्पर, किसान और सेल्फ-एम्प्लॉयड — जिनके पास EPF या फॉर्मल पेंशन नहीं है। जब आप जवान होते हैं…
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जो लोग बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को हल्के में लेकर चल रहे थे, उन्हें अब अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है। बसपा के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद चुनावी मैदान में पूरी ताकत के साथ उतर चुके हैं और उनकी सभाओं में उमड़ रही भीड़, खासकर युवाओं की मौजूदगी, पार्टी के लिए नई उम्मीद पैदा कर रही है। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी आकाश आनंद ने बसपा की रैलियों में बड़ी भीड़ आकर्षित की थी, हालांकि इसका चुनावी परिणाम पार्टी के लिए शून्य रहा। लेकिन लोकसभा और विधानसभा चुनावों के मुद्दे अलग होते हैं और इसी अंतर को समझते हुए आकाश आनंद इस बार बसपा के लिए जमीन तैयार करने में जुटे हैं।पिछले दिनों बसपा के भीतर हुई राजनीतिक उठापटक और संगठनात्मक चुनौतियों के बीच आकाश आनंद का यह आक्रामक अभियान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले विधानसभा चुनाव में बसपा महज एक…
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की आहट अब साफ सुनाई देने लगी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले सप्ताहांत दिल्ली दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात कर उत्तर प्रदेश के चुनावी समीकरण और रणनीति पर चर्चा की। प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद योगी ने इसे ‘सुशासन के मार्ग पर लगातार आगे बढ़ने’ के लिए प्रेरणा देने वाला बताया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को सिर्फ शिष्टाचार भेंट के तौर पर नहीं देखा जा रहा।दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात के साथ ही उत्तर प्रदेश भाजपा ने संगठन को चुनावी मोड में डालते हुए नई नियुक्तियों का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने छह संगठनात्मक क्षेत्रों और विभिन्न मोर्चों के प्रभारियों की घोषणा की है। नई टीम में करीब 60 फीसदी नए चेहरों को जगह दी गई है। साफ है कि भाजपा अब मिशन 2027 को केवल नारों तक…
राहुल गांधी का प्रयागराज आकर छात्रों से संवाद करना अपने आप में कोई असामान्य राजनीतिक घटना नहीं है। लोकतंत्र में विपक्ष के नेता का युवाओं के बीच जाना, उनकी समस्याएं सुनना और सरकार से सवाल पूछना बिल्कुल स्वाभाविक है। लेकिन राजनीति में किसी कार्यक्रम का समाचार बन जाना और उसका चुनावी प्रभाव पैदा करना, ये दो बिल्कुल अलग बातें हैं। यही अंतर उत्तर प्रदेश की राजनीति के संदर्भ में राहुल गांधी के प्रयागराज कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ को समझने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।कांग्रेस ने इस कार्यक्रम को पेपर लीक, बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं और युवाओं की समस्याओं के खिलाफ एक बड़े अभियान के रूप में पेश किया है। प्रयागराज का चयन भी प्रतीकात्मक है, क्योंकि यह देश के प्रमुख शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा केंद्रों में गिना जाता है। कांग्रेस का दावा है कि वह छात्रों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना चाहती है। लेकिन यहां पहला राजनीतिक सवाल खड़ा…
किसी भी वाहन धारक के लिए थर्ड पार्टी बीमा बहुत जरूरी होता है, ताकि दुर्घटना की स्थिति में तीसरे व्यक्ति को हुई जान-माल की क्षति की भरपाई की जा सके। लेकिन बीमा कम्पनियों ने अब जो नया रुख अख्तियार किया है, उसका सार-सत्य यह है कि अब आपके गाड़ी चलाने के तरीके से ही यह तय होगा कि आपको कितना बीमा प्रीमियम देना होगा। यानी कि रफ ड्राइविंग करने वालों को अब ज्यादा बीमा प्रीमियम अदा करना पड़ेगा। इस हेतु बीमा कम्पनियों ने टेलीमैटिक्स तकनीक का सहारा लेने का निर्णय लिया है।वस्तुतः टेलीमैटिक्स (Telematics) एक ऐसी तकनीक है, जिसमें वाहन में लगे सेंसर, जीपीएस, मोबाइल ऐप या OBD (On-Board Diagnostics) डिवाइस के जरिए गाड़ी चलाने से जुड़ा डेटा एकत्र किया जाता है। फिर बीमा कंपनियां इस डेटा का विश्लेषण करके यह तय करती हैं कि चालक कितना सुरक्षित वाहन चलाता है और उसी के आधार पर अब बीमा प्रीमियम भी…
देश को नक्सलवाद-माओवाद के आतंक से मुक्ति दिलाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने दो नये अहम अभियान प्रारंभ किये हैं- पहला, भारत को घुसपैठियों से मुक्त करना तथा दूसरा है, युवाओं को नशे की लत से मुक्ति दिलाना। भारत के किशोरों तथा युवाओं को हर प्रकार के नशे से मुक्ति दिलाने के लिए 2 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री मोदी ने “नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान“ का प्रारंभ करते हुए एक वीडियो संदेश जारी किया है। अपने सन्देश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहाकि जो युवा नशे से लड़कर बाहर निकलते हैं वे कमजोर नहीं, बल्कि असली योद्धा होते हैं। समाज को उनका सम्मान करना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत में ड्रग्स की सप्लाई दुश्मन देशों की आतंकी साजिश का ही एक हिस्सा है। दुश्मन देश भारतीय युवाओं को नशे के जाल में धकेलना चाहते हैं ताकि भारत कभी भी एक सशक्त एवं…
लोकतांत्रिक राजनीति में कई बार छोटे चुनाव भी बड़े संदेश दे जाते हैं। विधानसभा उपचुनावों को लंबे समय तक केवल रिक्त सीटों को भरने की औपचारिक प्रक्रिया माना जाता रहा है। सामान्य धारणा यही रही कि जिस राज्य में जिस दल की सरकार होती है, प्रशासनिक बढ़त, संगठनात्मक शक्ति और सत्ता के प्रभाव के कारण वही दल उपचुनाव आसानी से जीत जाता है। इसी कारण उपचुनावों के परिणामों को व्यापक राजनीतिक संकेतक के रूप में कम ही देखा जाता था किंतु पिछले कुछ वर्षों में यह धारणा तेजी से बदली है। अब उपचुनाव केवल एक सीट का फैसला नहीं करते बल्कि जनता के तत्कालीन मनोभाव, सरकार के प्रति संतोष-असंतोष, संगठन की मजबूती, नेतृत्व की स्वीकार्यता और भविष्य की राजनीतिक दिशा के संकेत भी देते हैं। बिहार के बांकीपुर, मध्य प्रदेश के दतिया और गुजरात के मांझलपुर विधानसभा उपचुनावों ने भी यही संदेश दिया है। तीन सीटों में से दो पर…
आज जब पूरा देश पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है, तब हर भारतीय के मन में उनकी मुस्कुराती छवि, ओजस्वी आवाज़ और मानवीय संवेदनाओं से भरा व्यक्तित्व एक बार फिर जीवंत हो उठता है। देखा जाये तो भारतीय राजनीति में ऐसे नेता विरले ही हुए हैं, जिनकी लोकप्रियता केवल अपनी पार्टी तक सीमित न रहकर राजनीतिक सीमाओं को भी पार कर गई हो। सुषमा स्वराज उन्हीं असाधारण नेताओं में थीं। सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, संसद हो या अंतरराष्ट्रीय मंच, उनके शब्दों में दृढ़ता थी, विचारों में स्पष्टता थी और व्यवहार में ऐसी आत्मीयता थी, जिसने उन्हें हर दल के नेताओं और करोड़ों भारतीयों का सम्मान दिलाया। छह अगस्त 2019 को 67 वर्ष की आयु में उनके निधन ने भारतीय राजनीति को एक ऐसी आवाज़ से वंचित कर दिया, जिसकी कमी आज भी महसूस की जाती है।सुषमा स्वराज का अंतिम सार्वजनिक संदेश…
Supporting Student Journalist.
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