TRENDING NEWS
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई प्रमुख नेताओं ने शहीद भगत सिंह की जयंती पर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। योगी आदित्यनाथ ने अपने…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के दिवंगत नेता अशोक सिंघल की जन्मशती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण उनके जैसे उन…
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ताइवान को हथियारों की लंबित बिक्री को चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के सामने यह कहकर उचित ठहराया कि वाशिंगटन दुनिया भर में ऐसे कई सौदे करता है तथा ट्रंप…
लखनऊ 27 सितंबर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में बजट प्रावधानों के सापेक्ष वित्तीय स्वीकृतियां…
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने रविवार को यहां कश्मीर के प्रमुख धर्मगुरु मीरवाइज उमर फारूक से…
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा राहुल गांधी की आलोचना किए जाने पर पलटवार करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन…
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि भारत एक ऐसी सभ्यतागत शक्ति है, जिसका उदय टकराव या व्यवधान…
ओडिशा पुलिस ने 14 सितंबर को गंजाम जिले के एक गांव पर हमले में शामिल होने के आरोप में रविवार…
झारखंड में वाम दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को तत्काल रोकने, निर्वाचन आयोग के पुनर्गठन…
दिल्ली पुलिस ने गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू के नाम पर जबरन वसूली गिरोह चलाने और एक व्यापारी से तीन…
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मुंबई के छात्र साहिल वाकोडे के पिता रवींद्र वाकोडे सोमवार से मुंबई के आजाद मैदान में…
(तस्वीरों के साथ) गुवाहाटी, 27 सितंबर असम में विपक्षी दलों ने रविवार को गुवाहाटी में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के…
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी) लिबरेशन (भाकपा माले-लिबरेशन) एक अक्टूबर को पटना में “जन सुनवाई” आयोजित करेगी, जिसमें कम से…
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा कि 265 तालुकाओं को सूखा प्रभावित घोषित किए जाने के बाद…
(फाइल फोटो के साथ) नयी दिल्ली, 27 सितंबर कांग्रेस ने रविवार को निर्वाचन आयोग पर अपना हमला तेज करते हुए…
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
भारत की कूटनीतिक गतिविधियां दिसंबर महीने में एक बड़े रणनीतिक अभियान का रूप लेने जा रही हैं और अब पूरी दुनिया मोदी की कूटनीति का कमाल…
(तस्वीरों के साथ) चेन्नई, आठ सितंबर दलीप ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करते हुए अब तक 11 विकेट…
नयी दिल्ली, आठ सितंबर विश्व कप से पहले जर्सी का रंग बदलकर नारंगी करने को लेकर मचे…
ऐसा लगता है कि हॉकी इंडिया ने भारतीय हॉकी टीमों के लिए केसरिया रंग को मुख्य रंग…
विदेश मंत्रालय (MEA) ने मंगलवार को 2027 के साउथ एशियन फेडरेशन (SAF) गेम्स में भारत की भागीदारी…
शेर-ए-पंजाब लीग 2026 के इस सीज़न में अब तक कई शानदार प्रदर्शन देखने को मिले हैं। हालांकि,…
(फिलेम दीपक सिंह) नयी दिल्ली, आठ सितंबर भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने मंगलवार को अपनी आम सभा…
बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर आज यानी की 28 सितंबर को अपना 44वां जन्मदिन मना रहे हैं। बतौर अभिनेता रणबीर कपूर ने कई फिल्मों में काम किया है। हालांकि अभिनेता बनने से पहले रणबीर कपूर ने डायरेक्टर संजय लीला भंसाली को फिल्म ‘ब्लैक’ में असिस्ट किया था। इसके बाद उन्होंने फिल्मों में कदम रखा और अपनी दमदार एक्टिंग और शानदार लुक से दर्शकों का दिल जीता। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर अभिनेता रणबीर कपूर के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में…जन्म और परिवाररणबीर कपूर का जन्म 28 सितंबर 1982 को हुआ था। इनके पिता का नाम ऋषि कपूर जोकि अपने समय के जाने-माने अभिनेता थे और इनकी मां का नाम नीतू कपूर है। नीतू कपूर भी एक्ट्रेस हैं और अभी भी इंडस्ट्री में सक्रिय हैं। ऐसे में रणबीर को अभिनय विरासत में मिला है। लेकिन रणबीर ने ज्यादा पढ़ाई से बचने के लिए एक्टिंग…
पितृपक्ष की शुरुआत हो चुकी है और यह 16 दिनों तक चलता है। इस दौरान लोग अपने पूर्वजों…
Hindi NewsCareerIndia First Natural Gas Train Launch | Mehli Mistry Resigns Tata Trust8 मिनट पहलेकॉपी लिंकआज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं-इंटरनेशनल (INTERNATIONAL)1. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने UNGA को संबोधित किया26 सितंबर को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने UN के 81वें सत्र में ‘जनरल असेंबली ’ को संबोधित किया।जयशंकर ने अपने सम्बोधन में आतंकवाद, वैश्विक संघर्ष और बहुपक्षीय व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठाए।अपने इस संबोधन में जयशंकर संघर्षों को तुरंत रोककर शांति स्थापित करने की अपील भी की।भाषण में वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक समुद्री मार्गों को खुला रखने…
(सागर कुलकर्णी) वॉशिंगटन, 28 सितंबर चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की अमेरिका यात्रा के दौरान घोषित व्यापार व्यवस्था…
राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने एफल 3आई लिमिटेड की टैलेंट अनलिमिटेड ऑनलाइन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ दिवाला…
भारत में टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं का बाजार 2030 तक बढ़कर तीन से 3.25 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।…
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने शिशु पोषण के तीन उत्पादों में खाद्य सुरक्षा मानकों का कथित रूप…
शापूरजी पल्लोनजी समूह के चेयरमैन शापूर मिस्त्री ने टाटा संस को अपर-लेयर की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों पर लागू नियमों के…
आजकल किसी भी बैंकिंग व्यवहार में नॉमिनी को दर्ज किया जाना आम बात है, फिर भी यदि किसी वजह से म्यूचुअल फंड निवेशक की नॉमिनी दर्ज नहीं है, तब भी निवेश का पैसा खत्म नहीं होता, बल्कि निवेशक की मृत्यु के बाद यूनिट्स/रिडेम्पशन की रकम कानूनी उत्तराधिकारी (legal heirs) को निर्धारित प्रक्रिया के तहत मिलती है। हालांकि, नॉमिनी होने की तुलना में प्रक्रिया अधिक लंबी और दस्तावेज़-आधारित हो सकती है।इसलिए आज हम आपको बताएंगे कि नॉमिनी नहीं होने पर पैसा कैसे मिलता है? इसके लिए किन-किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है। आइए जानते हैं क्रमबद्ध रूप से-पहला, सबसे पहले मृत्यु प्रमाणपत्र निवेशक के निधन का आधिकारिक Death Certificate प्रस्तुत करना होता है।दूसरा, उत्तराधिकारी की पहचान यदि नॉमिनी नहीं है, तो AMC/RTA आम तौर पर यह देखता है कि दावा करने वाला व्यक्ति मृतक का वैध उत्तराधिकारी है या नहीं। इसके लिए परिस्थितियों के अनुसार इनमें से दस्तावेज मांगे जा सकते…
आधार कार्ड आज लगभग हर महत्वपूर्ण सरकारी और वित्तीय काम में इस्तेमाल होने वाला दस्तावेज है। बैंक खाता, मोबाइल कनेक्शन, पेंशन, सरकारी योजनाओं से लेकर आयकर और डिजिटल केवाईसी (KYC) तक कई सेवाओं में आधार से जुड़ी जानकारी सही और अपडेट रखना जरूरी है। लेकिन सवाल यह है कि अगर आधार में मोबाइल नंबर, पता या ई-मेल बदल गया है तो क्या हर बार आधार केंद्र जाना जरूरी है? जवाब है—नहीं।2026 में UIDAI ने नए Aadhaar App के जरिए कई महत्वपूर्ण सेवाओं को मोबाइल से उपलब्ध कराया है। फिलहाल ऐप में मोबाइल नंबर और पता अपडेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। हालांकि नाम, जन्मतिथि, लिंग और बायोमेट्रिक जैसी सभी जानकारी घर बैठे बदलने की सुविधा नहीं है। इनके लिए परिस्थितियों के अनुसार Aadhaar Enrolment/Update Centre जाना पड़ सकता है।इसे भी पढ़ें: स्टार्टअप के लिए 2 लाख तो PhD में हर महीने 10 हजार, बेटियों के लिए बिहार की सम्राट सरकार की…
भारत के कारोबारी जगत में एक बार फिर बड़ा उलटफेर हुआ है। एम3एम हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2026 ने गौतम अडानी और उनके परिवार को देश के सबसे अमीर परिवार के रूप में फिर से नंबर एक पर पहुंचा दिया है। अडानी परिवार की कुल संपत्ति अब 9.23 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि पिछले साल शीर्ष स्थान पर रहे मुकेश अंबानी और उनका परिवार 8.63 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर है। यानी अडानी परिवार ने 59,400 करोड़ रुपये की बढ़त के साथ पहला स्थान हासिल किया है।यह वापसी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल के दिनों में अडानी समूह और स्वयं गौतम अडानी को लेकर कई विवाद खड़े किये गये थे। लेकिन विवादों से सफलतापूर्वक बाहर आते हुए अडानी की कारोबारी ताकत और उनके समूह से जुड़ी संपत्ति में फिर उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। एक साल में अडानी परिवार की संपत्ति 13 प्रतिशत…
हिमालय केवल बर्फ से ढकी पर्वत-शृंखला नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन, जल, कृषि, ऊर्जा और पर्यावरण का आधार है। लेकिन जलवायु परिवर्तन और पहाड़ों की वहन-क्षमता की अनदेखी करते हुए हो रहे निर्माण ने हिमालयी क्षेत्र को एक ऐसे संकटभरे दौर में पहुंचा दिया है, जहां प्राकृतिक आपदाएं अब केवल अचानक आने वाली घटनाएं नहीं रह गई हैं, बल्कि उनके पीछे लंबे समय से बन रही पर्यावरणीय अस्थिरता दिखाई देने लगी है। 26 अगस्त 2026 को नेपाल में हुई विनाशकारी रॉक-आइस अवलांच और उसके बाद आई मलबा-बाढ़ ने इस खतरे को अत्यंत भयावह रूप में सामने रखा है। विश्व मौसम विशेषता अध्ययन के अनुसार उस घटना में 1,300 से अधिक लोगों की मौत हुई और 5,000 से अधिक लोग लापता रहे। वैज्ञानिकों ने इसे केवल किसी एक मौसमीय घटना का परिणाम न मानकर जलवायु और भूगर्भीय कारकों के सम्मिलित प्रभाव से बनी त्रासदी बताया है।नेपाल की घटना को समझना…
बिहार सरकार ने बेटियों और महिलाओं की उच्च शिक्षा, स्वरोजगार और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई नई पहल शुरू की हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अगस्त 2026 में बेटियों और बहनों के लिए शिक्षा, उद्यमिता और सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की। इनमें PhD करने वाली छात्राओं को हर महीने 10,000 रुपये की सहायता और स्टार्टअप शुरू करने के लिए 50,000 रुपये से 2 लाख रुपये तक की वित्तीय मदद शामिल है।इन पहलों में मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप, बिहार की बेटी स्टार्टअप योजना और पुलिस दीदी अभया ब्रिगेड शामिल हैं। साथ में, वे उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना, महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना और शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों के आसपास सुरक्षा में सुधार करना चाहते हैं। आईये इन योजनाओं के बारे में जानते हैं:इसे भी पढ़ें: क्या है दिल्ली लक्ष्मी योजना? जानिए आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और दस्तावेज से…
दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी दिल्ली लक्ष्मी योजना को लेकर महिलाओं के बीच लंबे समय से चर्चा थी। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है। सरकार के ताजा ऐलान के अनुसार, योजना की पात्र लाभार्थियों को 1 सितंबर 2026 से 2,500 रुपये की मासिक सहायता राशि मिलना शुरू हो गई है।ताजा जानकारी के अनुसार:- पात्र महिलाओं को स्वीकृति पत्र अगस्त के अंतिम सप्ताह में दिए गए।- 1 सितंबर 2026 से पहली किस्त जारी करने की प्रक्रिया शुरू हुई।- पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है।- राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था की गई है।इसे भी पढ़ें: म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश करते समय 10 आम गलतियों को करने से बचें, तभी मुनाफा होगा क्या है दिल्ली लक्ष्मी योजना?दिल्ली लक्ष्मी योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की पात्र महिलाओं को…
भारत की सेमीकंडक्टर छलांग ने अब उन ताकतों की बेचैनी भी उजागर कर दी है, जिन्हें भारत का तेजी से उभरना रास नहीं आ रहा। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव की चेतावनी साफ संकेत देती है कि भारत की तरक्की को रोकने वाली चालें तेजी से चली जा रही हैं लेकिन देश को अब दुश्मनों के तौर-तरीके समझ में आ चुके हैं। माना जा रहा है कि जिस तरह भारत को मोबाइल फोन के क्षेत्र में वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनने से रोकने की कोशिशें हुईं, उसी तरह अब सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भी साइबर हमलों, फर्जी खबरों और भौतिक व्यवधानों के जरिए भारत की रफ्तार थामने की कोशिश हो सकती है। लेकिन संदेश सीधा है। भारत अब पीछे हटने वाला नहीं है और उसकी रणनीतिक बढ़त को चुनौती देने वालों को इस बार भारत पहले से कहीं अधिक सतर्क और तैयार मिलेगा।हम आपको बता दें कि केंद्रीय मंत्री…
उत्तर प्रदेश की राजनीति को देश के सत्ता मार्ग का सबसे बड़ा प्रवेश द्वार माना जाता है। यहाँ का हर चुनावी समर राजनीतिक सिद्धांतों, सामाजिक इंजीनियरिंग और रणनीतिक पैंतरों की एक नई प्रयोगशाला बन जाता है। इस समय सूबे की सियासत 2027 के विधानसभा चुनावों की आहट से पूरी तरह गर्म हो चुकी है। इस बार का विमर्श लोक-कल्याणकारी नीतियों या पारंपरिक विकास मॉडलों पर कम, बल्कि समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के “बदलते वैचारिक और प्रतीकात्मक रंगों” पर ज्यादा केंद्रित है। कभी लाल टोपी और हरे झंडे के पर्याय रहे अखिलेश यादव के इस नए राजनीतिक कलेवर ने उत्तर प्रदेश के पूरे राजनीतिक परिदृश्य को एक नई बहस में झोंक दिया है। उनके इस नए तेवर को जहां विपक्षी दल चुनावी अवसरवाद और “गिरगिट की तरह रंग बदलने” की संज्ञा दे रहे हैं, वहीं सपा के रणनीतिकार इसे बहुजन और वंचित समाज को एकजुट करने की एक व्यापक…
उत्तर प्रदेश के राजनीतिक इतिहास में साल 2024 का लोकसभा चुनाव एक ऐसे मोड़ के रूप में दर्ज हो चुका है, जिसने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अजेय मानी जाने वाली छवि को गहरा धक्का पहुँचाया। दिल्ली की सत्ता पर लगातार तीसरी बार काबिज होने के बावजूद, देश के सबसे बड़े और राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश में पार्टी की सीटों का आंकड़ा लगभग आधा रह जाना एक ऐसी चेतावनी थी, जिसे नजरअंदाज करना आत्मघाती साबित हो सकता था। इस चुनावी झटके ने जहाँ एक ओर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन को नई ऊर्जा दी, वहीं दूसरी ओर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को आत्ममंथन और अपनी रणनीतियों को नए सिरे से परिभाषित करने पर मजबूर कर दिया। अब जबकि राज्य साल 2027 के विधानसभा चुनाव के मुहाने पर खड़ा है, भाजपा का पूरा ध्यान केवल सत्ता बचाने पर नहीं, बल्कि अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन…
भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ भी कर गुजरने को तैयार हो जाते हैं। पश्चिम एशिया में होर्मुज और बाब-अल-मंदेब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर दबाव बढ़ा तो भारत ने हाथ पर हाथ रखकर बैठने की बजाय अपनी ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए नए रास्तों की तलाश तेज कर दी। इसी कूटनीतिक और रणनीतिक सक्रियता के बीच ओमान ने भारत के सामने ऐसा जोरदार प्रस्ताव रख दिया है, जो आने वाले समय में खाड़ी क्षेत्र से भारत तक तेल और ऊर्जा संसाधनों की निर्बाध आपूर्ति के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है। हम आपको बता दें कि ओमान ने भारत को अपने सोहार बंदरगाह में निवेश का न्योता दिया है। यह ऐसा बंदरगाह है जो होर्मुज जलडमरूमध्य से दूर है और संकट के समय भारत के लिए खाड़ी तक पहुंच का एक वैकल्पिक और सुरक्षित द्वार बन सकता है।नई दिल्ली में 16 सितंबर…
Supporting Student Journalist.
Playlist
0:16
0:16
0:16