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मुस्लिमों के बारे में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का बयान सामने आते ही भाजपा ने मुस्लिमों को चुनावी टिकट थमाने शुरू कर दिये हैं। हम आपको बता दें कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत…
नेपाल में बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 11,000 से अधिक लोगों को बचाया जा चुका है तथा तलाश और बचाव अभियान के लिए 22,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। अधिकारियों ने मंगलवार…
इंडियन ओवरसीज कांग्रेस (IOC) के चेयरमैन सैम पित्रोदा ने दिल्ली में हाल ही में हुए CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले युवा…
हरियाणा में जून 2026 तक जन्म के समय लिंगानुपात (एसआरबी) 900 दर्ज किया गया है, जबकि पिछले पूरे वर्ष और…
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के कौशांबी में पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट में…
उत्तर प्रदेश के लखनऊ में पुलिस ने 16 वर्षीय लड़की से दुष्कर्म के आरोपी 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार कर…
बिहार और झारखंड के मुख्यमंत्रियों ने सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में सोन नदी के 77.5…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को उत्तर प्रदेश में पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट में लोगों की मौत पर दुख…
राष्ट्रीय राजधानी के बवाना के एक स्कूल में तीन साल की बच्ची के कथित यौन उत्पीड़न और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के…
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) ने पिछले साल पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री दिवंगत बूटा सिंह के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी के…
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में एक नर्स से दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले में पुलिस ने बिहार के 34…
(मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कहा कि दिल्ली सरकार छात्रों को तत्काल प्राथमिक चिकित्सा, बुनियादी स्वास्थ्य सहायता और परामर्श…
उत्तर पश्चिम दिल्ली पुलिस ने शेयर बाजार में निवेश के बहाने राष्ट्रीय राजधानी निवासी एक व्यक्ति से 20.72 लाख रुपये…
राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में सोमवार को रेलवे पुलिस के एक आरक्षी को कथित रुप से 70 हजार रुपए…
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई नेताओं और अधिकारियों के साथ मिलकर सोमवार…
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भारत में सदियों से व्रत-त्योहारों और पारंपरिक खान-पान का हिस्सा रहा मखाना अब महज एक साधारण खाद्य पदार्थ नहीं रह गया है, बल्कि यह दुनिया भर…
फिल्म सहिया के सर्टिफिकेशन को लेकर डायरेक्टर और प्रोड्यूसर संजय शर्मा ने CBFC के खिलाफ अपना रुख साफ कर दिया है। मुंबई में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में शर्मा ने कहा कि अगर सेंसर बोर्ड ने छोटे बजट की फिल्मों के साथ अपना रवैया नहीं बदला, तो वह कानूनी रास्ता अपनाने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा, “मैं निश्चित रूप से कोर्ट जाने की तैयारी कर रहा हूं। मैं कल तक इंतजार कर रहा हूं, जब पांच दिन का समय खत्म होगा। उम्मीद है कि सेंसर बोर्ड मंजूरी दे देगा। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो हमारे पास हाई कोर्ट जाने और पूरे मामले की जांच की मांग करने के अलावा कोई चारा नहीं होगा।”संजय शर्मा ने सहिया को डायरेक्ट और प्रोडूसर किया है, यह फिल्म पिछले काफी दिनों से सेंसर-बोर्ड में अटकी हुई है. शर्मा ने इस बात पर भी सवाल उठाया कि आखिर फिल्मों को महीनों तक सेंसर…
भारत में विविधता का देश है और यहां पर घूमने के लिए कई सारी जगहें मौजूद है। अगर…
Hindi NewsCareerChandigarh Vatika School Protest | Deaf Mute Students Demand Bus Service4 मिनट पहलेकॉपी लिंकचंडीगढ़ के सेक्टर-19 स्थित वटिका स्पेशल स्कूल के मूक-बधिर स्टूडेंट्स ने स्कूल के बाहर करीब 3 घंटे प्रदर्शन किया। ये बच्चे बोल और सुन नहीं सकते। ऐसे में अपनी आवाज उठाने के लिए उन्होंने शोर मचाना शुरू किया। यह विरोध प्रदर्शन 12 अगस्त 2026 को किया गया। छात्रों ने अपनी मांगों का ज्ञापन प्रबंधन को दिया। प्रदर्शन में स्कूल के कुछ पूर्व विद्यार्थी और पेरेंट्स भी शामिल हुए।बस चार्जिंग की सुविधास्कूल में एक इलेक्ट्रिक बस उपलब्ध है, लेकिन छात्रों के मुताबिक कैंपस में चार्जिंग की व्यवस्था…
देश में हवाई सफर करने वाले यात्रियों की जेब पर जल्द ही बड़ा असर पड़ सकता है। सरकारी…
भारतीय अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में उम्मीद से बेहतर 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी। यह अमेरिका-ईरान…
राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने सोमवार को एस्सेल समूह के चेयरमैन सुभाष चंद्रा की व्यक्तिगत दिवाला मामले में पुनर्भुगतान…
मध्य पूर्व में तनाव के कारण ईंधन की कीमतों में अस्थिरता के बीच, सरकार ने बुधवार को तेल विपणन कंपनियों…
अमेरिका द्वारा बंधुआ मजदूरी और अतिरिक्त औद्योगिक क्षमता (Overcapacity) के मुद्दों को लेकर शुरू की गई ‘धारा-301’ (Section 301) की…
पुरानी कार या बाइक खरीदने के बाद RC (Registration Certificate) अपने नाम ट्रांसफर कराना बेहद जरूरी है। अब केंद्र सरकार ने वाहन के मालिकाना हक के ट्रांसफर और अधिकृत डीलरों के जरिए पुराने वाहनों की बिक्री को लेकर नए नियमों का मसौदा पेश किया है। इसमें छह महीने की समय सीमा का प्रावधान चर्चा में है। हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि छह महीने बाद मालिकाना हक बदलने का प्रस्ताव आम व्यक्ति द्वारा खरीदे गए वाहन पर सीधे लागू होने वाला नियम नहीं है। यह मुख्य रूप से उस वाहन के लिए प्रस्तावित है, जिसे पंजीकृत मालिक ने अधिकृत डीलर को सौंप दिया है और Form 29C के जरिए इसकी सूचना दी गई है। क्या है सरकार का नया प्रस्ताव?सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने Central Motor Vehicles Rules, 1989 में बदलाव का मसौदा जारी किया है। इसका उद्देश्य खासकर संगठित सेकंड-हैंड वाहन कारोबार में वाहन के एक डीलर से…
पश्चिम बंगाल का जादवपुर विश्वविद्यालय एक समय देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में गिना जाता था, लेकिन आज कैंपस से ज्ञान, शोध और अकादमिक विमर्श की बजाय ‘आजादी’ के नारे और विवादित राजनीतिक गतिविधियों की खबरें सुर्खियां बन रही हैं। यहां सवाल उस मानसिकता का है जो भारत में रहते हुए भारत से ही ‘आजादी’ की मांग करने तक पहुंच जाती है। देखा जाए तो ‘कश्मीर मांगे आजादी’ जैसे उद्घोष और माओवादी नेता किशनजी के समर्थन में लिखे नारों ने एक बेहद असहज सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर विश्वविद्यालय के भीतर किस तरह की राजनीति और किस तरह की मानसिकता को जगह दी जा रही है? ऐसे लोगों को लेकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का रुख बिल्कुल स्पष्ट और सख्त है। उन्होंने दो टूक अंदाज में कहा है कि वे इस ‘बीमारी’ को जानते हैं और इसकी ‘दवा और इलाज’ भी जानते हैं। इसे भी पढ़ें: Suvendu Adhikari…
नेपाल में ग्लेशियर ढहने से आई विनाशकारी बाढ़ ने सिर्फ हिमालय की नाजुक भौगोलिक संरचना को उजागर नहीं किया है, बल्कि भारत की सीमा से सटे तिब्बत में चीन के निर्माणाधीन 60,000 मेगावाट के मेदोग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को लेकर भी खतरे की घंटी तेज कर दी है। नेपाल में सैंकड़ों लोगों की मौत और 750 लोगों के लापता होने की खबरों के बीच अब यह सवाल और गंभीर हो गया है कि दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक हिमालय में इतना विशाल बांध आखिर कितना सुरक्षित है।हम आपको बता दें कि शुरुआत में नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई इस आपदा को 4.4 तीव्रता के भूकंप से जोड़कर देखा गया था। लेकिन अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के नए विश्लेषण ने तस्वीर बदल दी। यूएसजीएस के अनुसार, अतिरिक्त भूकंपीय आंकड़ों और उपग्रह तस्वीरों के अध्ययन से पता चला कि यह भूकंप नहीं था, बल्कि ग्लेशियर के ढहने और उसके…
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना यानी PM-JAY सरकार का हेल्थकेयर प्रोग्राम है जो हर परिवार को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज देता है, जो एम्पैनल्ड सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में होता है।आयुष्मान कार्ड क्या है?आयुष्मान कार्ड एक डिजिटल हेल्थ कार्ड है जो आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PMJAY) के तहत जारी किया जाता है। योग्य लाभार्थी आयुष्मान कार्ड का इस्तेमाल करके पूरे भारत में पैनल वाले अस्पतालों में हर परिवार को हर साल ₹5 लाख तक के कैशलेस इलाज का फ़ायदा उठा सकते हैं। यह कार्ड सभी योग्य लाभार्थियों के लिए सस्ती और आसानी से मिलने वाली हेल्थकेयर पक्का करता है और सेकेंडरी और टर्शियरी केयर हॉस्पिटलाइज़ेशन तक पहुँच देता है।इसे भी पढ़ें: Credit Card Closure: क्या आपने लंबे समय तक क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल नहीं किया? तो जानिए कैसे हो सकता है आपका नुकसान?आयुष्मान कार्ड की एलिजिबिलिटीPM-JAY के लिए एलिजिबल होने के…
आये दिन होने वाले प्रदर्शनों के चलते सामान्य जनजीवन को बंधक बना देने की प्रवृति पर दिल्ली उच्च न्यायालय की टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण हो जाती है कि प्रदर्शनों के कारण कई बार तो जीवन मरण तक के हालात पैदा हो जाते हैं। अन्य सब कारणों और परिणामों को थोड़ी देर के लिए अलग कर भी दिया जाएं तो भी हालात यहां तक हो जाते हैं कि यातायात प्रभावित होने से तत्काल मेडिकल रिलिफ की आवश्यकता वाले बीमारों तक का जीवन संकट में पड़ जाता है। इसमें कोई दो राय नहीं कि लोकतंत्र में अपनी बात कहने, अपनी बात रखने और अपना विरोध अंकित कराने का सबको अधिकार है। केई गलत हो रहा है तो उसका विरोध भी होना चाहिए पर इसका मतलब यह तो नहीं होना चाहिए कि हम अपनी बात कहने के चक्कर में दूसरों को अपने सामान्य नागरिक अधिकारों से वंचित कर दें। विरोध प्रदर्शन के साथ ही…
वन्देमातरम आज विवाद का विषय बना दिया है। जबकि यह सत्य है कि जब बंकिम बाबू ने इसकी रचना की थी, तब उनके मन में किसी के मन को आहत करने का कोई विचार नहीं था। उनका भाव केवल मातृभूमि के वंदन का था। देश में वन्देमातरम के अंतिम दो भाग का पहली बार विरोध विभाजन की मानसिकता रखने वाले मोहम्मद अली जिन्ना ने किया। आज उसी मार्ग पर कांग्रेस कदम बढ़ाती दिख रही है। यह बात सही है कि देश का सम्मान करने वाली किसी भी बात पर राजनीति नहीं होना चाहिए, लेकिन केवल वोट की चाहत के चलते ऐसा करना और भी खतरनाक हो जाता है।वन्दे मातरम् भारत की स्वतंत्रता चेतना, मातृभूमि के प्रति समर्पण और राष्ट्रीय स्वाभिमान का ऐसा उद्घोष है, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में असंख्य भारतीयों के भीतर देशभक्ति की ज्वाला प्रज्वलित की। यही कारण है कि आज जब वन्दे मातरम् के पूर्ण या…
भले ही देश की तमाम राजनीतिक पार्टियां आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए अपनी-अपनी बिसात बिछाने में जुटी हों, लेकिन भारतीय राजनीति की इस शतरंज पर जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक और बड़ा ‘मास्टरस्ट्रोक’ चलने की संभावना जोर पकड़ रही है। हम आपको बता दें कि ‘एक देश, एक चुनाव’ का विचार अब महज बहस या चुनावी नारा नहीं रह गया है, भारत इसके क्रियान्वयन से कुछ ही कदम दूर दिखाई दे रहा है। एक ओर भाजपा देशभर में विभिन्न सामाजिक और पेशेवर वर्गों के बीच इस विचार के समर्थन में अभियान चलाकर जनमत तैयार करने में जुटी है, वहीं इस मुद्दे पर विचार कर रही संयुक्त संसदीय समिति भी राज्यों, विधायिकाओं, शिक्षाविदों, कानूनी विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों से व्यापक चर्चा के बाद अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के चरण में पहुंच रही है। ऐसे में सियासी हलकों में यह सवाल तेजी से उठ रहा…
नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक धरना-प्रदर्शन स्थल “जंतर-मंतर” (वोट क्लब के बाद) पर 21 अगस्त 2026 को हुआ ‘आरक्षण हटाओ’ आंदोलन वास्तव में आरक्षण सुधार मुहिम बनकर रह गया। हालांकि इसके सामाजिक मिजाज और जनहितकारी तेवरों ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह घटनाक्रम भारतीय राजनीति के लिए महज एक और धरना नहीं है, बल्कि यह उस असंतोष की राजनीतिक अभिव्यक्ति है जो सरकारी नौकरियों, प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा में अवसरों को लेकर सामान्य वर्ग के एक प्रतिभाशाली हिस्से, खासकर जेन-जी युवाओं में दिखाई दे रहा है। साथ ही प्रौढ़ और बुजुर्ग समाजसेवियों का समर्थन भी उन्हें प्राप्त है। इसलिए जंतर-मंतर की सियासी झाड़फूंक पर गौर फरमाना आवश्यक है, क्योंकि संविधान, राजनीति और सामाजिक न्याय की असली परीक्षा यहीं से शुरू होती है जो कब खत्म होगी, शायद नेताओं को भी नहीं पता, क्योंकि दो नावों की सवारी करने में वे माहिर जो होते हैं। कहना न होगा कि जिस तरह…
Credit Card Closure: क्या आपके पास ऐसा क्रेडिट कार्ड है जिसे आपने लंबे समय से इस्तेमाल नहीं किया है? यदि हां, तो इसे नजरअंदाज करना हमेशा सही रणनीति नहीं है। वजह यह कि लंबे समय तक कार्ड का इस्तेमाल न करने से हर स्थिति में सीधे आपका CIBIL Score खराब नहीं होता, लेकिन कार्ड पर लगने वाले शुल्क, कार्ड के बंद होने और कुल उपलब्ध क्रेडिट लिमिट में बदलाव जैसी परिस्थितियां आपकी क्रेडिट प्रोफाइल को प्रभावित कर सकती हैं।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि RBI के मौजूदा नियमों के तहत यदि कोई क्रेडिट कार्ड एक वर्ष से अधिक समय तक इस्तेमाल नहीं किया गया है, तो कार्ड जारी करने वाली कंपनी को कार्डधारक को सूचित करके उसे बंद करने की प्रक्रिया शुरू करनी होती है। यदि सूचना के 30 दिनों के भीतर कार्डधारक की ओर से कोई जवाब नहीं मिलता, तो बकाया राशि के भुगतान के अधीन कार्ड बंद किया…
महाराष्ट्र में ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी का व्यावहारिक ज्ञान अनिवार्य करने का फैसला अब केवल सरकारी घोषणा नहीं, बल्कि जमीनी कार्रवाई का रूप ले चुका है। राज्यभर में शुरू हुई जांच के पहले ही दिन 1,268 व्यावसायिक यात्री वाहन चालकों मुख्यतः ऑटो और टैक्सी चालकों, को मराठी का पर्याप्त ज्ञान नहीं होने पर नोटिस जारी कर दिया गया। राज्य सरकार इसे यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और महाराष्ट्र की भाषा-संस्कृति से जोड़ रही है, लेकिन इस कार्रवाई ने रोज़गार, प्रवासी चालकों की आजीविका, नियमों की अस्पष्टता और कानूनी वैधता को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के अनुसार, राज्य में ऑटो और टैक्सी चलाने के लिए मराठी का ‘वर्किंग नॉलेज’ यानी व्यावहारिक ज्ञान अनिवार्य है। राज्य सरकार का तर्क है कि चालकों को रोजमर्रा के कामकाज में यात्रियों से संवाद करना पड़ता है और कई शिकायतें मिली हैं कि कुछ…
Supporting Student Journalist.
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