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पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने मंत्रिमंडल भंग कर दिया है। इसका मतलब है कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी अब पूर्वी राज्य की मुख्यमंत्री नहीं हैं। 71 वर्षीय बनर्जी ने इस्तीफा देने से इनकार…
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की मध्यमग्राम में बाइक सवार हमलावरों द्वारा गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को…
पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्थित शिबपुर झुग्गी बस्ती में गुरुवार को कई देसी बमों के विस्फोट के बाद तनाव का माहौल छा गया, जिससे अफरा-तफरी मच गई और निवासियों में अफरा-तफरी और चोटें आईं। प्रत्यक्षदर्शियों ने…
तमिलनाडु सरकार के गठन को लेकर चल रही राजनीतिक गतिविधियों के बीच, एआईएडीएमके के अट्ठाईस विधायकों को पुडुचेरी के पूरनकुप्पम…
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अपने आदेश में संजय कपूर परिवार ट्रस्ट विवाद में पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़…
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के जवाब में शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के…
केरलम में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के 10 साल के शासन के बाद संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की सत्ता में…
असम के मुख्य सचिव रवि कोटा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी दौरे की तैयारियों का जायजा लेने के लिए…
पूर्व सैन्य अभियान महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर इसे भारत की रणनीतिक यात्रा…
तमिलनाडु के निवर्तमान मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा कि डीएमके राज्य में टीवीके प्रमुख…
ऑपरेशन सिंदूर को आज एक वर्ष पूरा हो गया। इस अवसर पर पूरा देश हमारे सशस्त्र बलों के शौर्य को…
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर गतिरोध के बीच, राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) प्रमुख विजय…
बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, नीतीश कुमार, राजनाथ सिंह, भारतीय जनता…
भारत द्वारा पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को खत्म करने के लिए शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को आज एक साल…
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बीच भड़की राजनीतिक हिंसा ने एक और जान ले ली है। राज्य के निवर्तमान…
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पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरलम, असम और पुडुचेरी में संपन्न विधानसभा चुनावों के नतीजों ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों के लिए मिला जुला चित्र प्रस्तुत किया है।…
विराट कोहली के नाम से जाना जाने वाला बेंगलुरु का चर्चित one8 commune रेस्टोरेंट पर आखिरकार ताला…
सनराइजर्स हैदराबाद के तूफानी बल्लेबाज हेनरिक क्लासेन ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मुकाबले में इतिहास रच दिया…
आईपीएल 2026 के बीच केकेआर के उपकप्तान रिंकू सिंह समय निकालकर होने वाली पत्नी प्रिया सरोज साथ…
गुरुवार, 23 अप्रैल को मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच आईपीएल 2026 का मुकाबला खेला…
विश्व के दूसरे नंबर के खिलाड़ी कार्लोस अल्काराज़ की उम्र केवल 22 वर्ष है, लेकिन उनके देश…
अब तक अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने वाली पूर्व चैंपियन मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके)…
HBO की सबसे चर्चित सीरीज में से एक ‘हाउस ऑफ द ड्रैगन’ (House of the Dragon) जल्द ही अपने तीसरे सीजन के साथ वापसी कर रही है। बुधवार को सीरीज का नया पोस्टर रिलीज किया गया, जिसने फैंस के उत्साह को दोगुना कर दिया है। इससे पहले 27 अप्रैल को इस सीजन का पहला टीजर ट्रेलर भी लॉन्च किया जा चुका है।रिलीज हुआ ‘हाउस ऑफ द ड्रैगन 3’ का पोस्टरसामने आए नए पोस्टर में रानी रेनीरा टारगैरियन को ‘आयरन थ्रोन’ पर बैठे हुए दिखाया गया है। उनके चारों ओर ‘ब्लैक्स’ और ‘ग्रीन्स’ दोनों गुटों के प्रमुख किरदार हाथ बढ़ाते नजर आ रहे हैं। इस दमदार पोस्टर ने सोशल मीडिया पर आते ही हलचल मचा दी है और फैंस के बीच सीरीज को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है। इसे भी पढ़ें: Citadel Season 2 की धमाकेदार वापसी: Priyanka Chopra के एक्शन ने जीता दिल, लेकिन रिव्यूज़ में बंटा इंटरनेटकब रिलीज होगी सीरीज?पोस्टर…
देश की सबसे बड़ी वाहन कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) की फरवरी में कुल बिक्री 7.32 प्रतिशत बढ़कर 2,13,995 इकाई…
हुंदै मोटर इंडिया की कुल वाहन बिक्री फरवरी, 2026 में सालाना आधार पर 12.6 प्रतिशत बढ़कर 66,134 इकाई रही है।…
मार्च के महीने की शुरुआत त्योहारों के साथ हो रही है। होली का पर्व भी बेहद नजदीक आ चुका है।…
Mumbai: Just one in three Indian schoolchildren has adequate stamina, with only 34% meeting aerobic fitness benchmarks – the weakest…
New Delhi: In a big relief for food businesses, the country’s food regulator has made licences valid for life.Under new…
स्ट्रेस और एंग्जाइटी एक ऐसी समस्या है, जिसका सामना आज के समय में अधिकतर लोग कर रहे हैं। पढ़ाई से…
बुढ़ापे में याददाश्त कमजोर होना एक आम समस्या मानी जाती है। अब तक वैज्ञानिक भी इसके पीछे के ठोस कारणों…
Washington DC: Scientists have identified a key biological system that helps brown fat burn energy by building the networks it…
अक्सर माता-पिता इस बात से परेशान रहते हैं कि उनका बच्चा खाना तो भरपेट खाता है, लेकिन इसके बाद भी…
पहले की तुलना में अब अपने पेट्स के साथ सफर करना काफी आसान हो गया है। आजकल ऑटो…
बिहार के बेगूसराय में एक सरकारी स्कूल के भीतर हुई लापरवाही ने 12 साल के छात्र की जान ले ली। ये 6 मई को बिहार के अरवा गांव के जहानपुर सेकेंडरी स्कूल की घटना है। क्लासरूम में लोहे की ग्रिलों का ढेर गिरने से छठी क्लास के छात्र विवान राज उर्फ मुन्ना की मौके पर ही जान चली गई। पेन उठाने झुका तभी ग्रिल ढह गईं जानकारी के मुताबिक, लंच-ब्रेक के दौरान स्कूल के बरामदे में काफी भीड़ थी। भीड़ से बचने के लिए विवान पास के एक क्लासरूम में चला गया, जहां साइंस लैब बनाने के लिए लोहे की…
रुपया शुरुआती गिरावट से उबरते हुए बृहस्पतिवार को 23 पैसे की बढ़त के साथ 94.26 प्रति डॉलर (अस्थायी)…
रुपया बृहस्पतिवार को शुरुआती कारोबार में 28 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.77 पर पहुंच गया। अमेरिका तथा ईरान…
सरकार ने कारोबार जगत को राहत देने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है, जिससे खासतौर पर छोटे और…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के अंतिम चरण का मतदान संपन्न होने के साथ ही देशभर में ईंधन की कीमतों में…
आज के समय में डेटा को नई अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जा रहा है, और इसी वजह से देश-विदेश की…
2026 के पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में केवल सत्ता परिवर्तन या सत्ता वापसी की घटना मात्र नहीं हैं बल्कि ये देश की राजनैतिक दिशा और मतदाता के बदलते मनोविज्ञान का एक ऐसा विस्तृत दस्तावेज हैं, जिसने भविष्य की राजनीति के लिए नए प्रतिमान स्थापित कर दिए हैं। इन परिणामों ने स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय मतदाता अब केवल भावनात्मक नारों या पारंपरिक वोट बैंक के गणित में उलझने वाला नहीं है बल्कि वह शासन की जवाबदेही, नेतृत्व की विश्वसनीयता और विकास के ठोस धरातल पर अपना निर्णय सुना रहा है। पूर्वोत्तर की पहाड़ियों से लेकर दक्षिण के तटीय मैदानों तक फैली इस राजनैतिक हलचल का यदि सूक्ष्म विश्लेषण किया जाए तो यह साफ दिखाई देता है कि ‘भगवा’ राजनीति का पूर्वी विस्तार अब अपने चरम पर है जबकि दक्षिण में क्षेत्रीय अस्मिता और नए राजनैतिक विजन के बीच एक दिलचस्प संघर्ष छिड़ गया…
पश्चिम बंगाल में स्वाधीनता के पश्चात पहली बार है जब भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड और ऐतिहासिक बहुत मिला है। भाजपा ने बंगाल में दो शतक का आंकड़ा पार कर कर एक नई लकीर खींच दी है। पश्चिम बंगाल में भाजपा को जहां साल 2016 में 3 और 2021 में 77 सीटें मिलीं। वहां 4 मई 2026 को घोषित हुए चुनाव परिणाम में भाजपा ने 206 सीटों के साथ नया अध्याय लिख दिया है। अंततः भाजपा के लिए कभी असंभव माने जाने वाले पश्चिम बंगाल में भगवा लहरा गया है। भाजपा ने ममता बनर्जी के अभेद्य किले को भेदकर वहां अपना विजय का परचम लहरा दिया है। बीजेपी की ये जीत कई मायनों में विशेष है। पश्चिम बंगाल के चुनाव में जिसने भी वहां के जनमानस को देखा, वहां के लोगों के मनोभावों, मुखरता और मौन को देखा। उन्हें ये परिणाम अप्रत्याशित नहीं लगे। क्योंकि 2026 के चुनाव में बंगभूमि…
बंगाल केवल एक भौगोलिक भूभाग नहीं है, बल्कि यह वह विचार है जिसने आधुनिक भारत की आधारशिला रखी। आज का दिन इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में अंकित होने वाला है, क्योंकि यह मात्र एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि उस माटी की अपनी जड़ों की ओर वापसी है, जिसने कभी ‘वंदे मातरम्’ के उद्घोष से पूरे आर्यावर्त को जगाया था। यह जीत उस संकल्प की सिद्धि है जो दशकों से बंगाल की गलियों में मौन था, किंतु मरा नहीं था। आज जब बंगाल में राष्ट्रवाद का भगवा ध्वज लहरा रहा है, तो ऐसा प्रतीत होता है कि गंगासागर की लहरें डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के उन बलिदानों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रही हैं, जिन्होंने एक विधान, एक प्रधान और एक निशान के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था। यह उस विचारधारा की विजय है जो मानती है कि राष्ट्र सर्वोपरि है और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद ही भारत की…
इंश्योरेंस का मकसद मन की शांति देना है, जब ज़िंदगी में अचानक कोई मुश्किल आती है – चाहे वह कार एक्सीडेंट हो, मेडिकल इमरजेंसी हो, घर में आग लग जाए, या कोई ट्रिप खराब हो जाए। लेकिन, अगर आपका इंश्योरेंस क्लेम अचानक रिजेक्ट हो जाए तो यह शांति खत्म हो सकती है।क्लेम रिजेक्ट होना कोई नई बात नहीं है। हर साल हज़ारों क्लेम ऐसे कारणों से रिजेक्ट हो जाते हैं जिन्हें अक्सर रोका जा सकता है। यह आर्टिकल इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट होने के सबसे आम कारणों के बारे में बताता है, बताता है कि क्लेम प्रोसेस कैसे काम करता है और इन महंगी गलतियों से बचने के लिए प्रैक्टिकल टिप्स देता है।इसे भी पढ़ें: क्या होता है होम लोन इंश्योरेंस और क्यों हैं इसे लेना फायदे का सौदा?इंश्योरेंस क्लेम क्या है?इंश्योरेंस क्लेम एक फॉर्मल रिक्वेस्ट है जो पॉलिसी होल्डर अपनी इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत कवर हुए नुकसान या डैमेज के…
घर खरीदना हर परिवार का बड़ा सपना होता है, जिसे पूरा करने के लिए अधिकांश लोग होम लोन लेते हैं। लेकिन अगर लोन चुकाने के दौरान कमाने वाले व्यक्ति के साथ कोई अनहोनी हो जाए तो परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। ऐसे जोखिम से बचाव के लिए होम लोन इंश्योरेंस अहम भूमिका निभाता है। लोन लेने वाले हमेशा इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि अगर जल्द ही उनके साथ कुछ अनहोनी हो गई तो वे अपने घर के लोन का बकाया नहीं चुका पाएंगे। कंज्यूमर नहीं चाहता कि उनकी असमय मौत के बाद होम लोन लेने का बोझ उनके परिवार पर पड़े। क्योंकि होम लोन एक लंबे समय के लोन से जुड़ा होता है जो 30 साल तक चल सकता है, इसलिए यह बात लोन लेने वाले के दिमाग में बार-बार आती है। इसलिए, लोन लेने वालों के लिए यह समझदारी है कि वे इसे ध्यान में…
बिहार में नए मुख्यमंत्री पद पर सम्राट चौधरी के चयन ने भाजपा को एक “नया चेहरा और नया नारा” दिया है, जिसे पार्टी पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में केंद्र में लेकर चल रही है। इसी वजह से बिहार के नए प्रमुख चेहरे के इस चयन से बंगाल में भी भाजपा की “लहर की बात” तेज़ी से चलने लगी है। चूंकि बिहार में सम्राट चौधरी का महत्व निर्द्वन्द है, इसलिए पश्चिम बंगाल के लोगों में भाजपा के प्रति विश्वास और गहरा हुआ। उल्लेखनीय है कि बिहार में नीतीश कुमार के बाद भाजपा ने पहली बार अपने प्रत्यक्ष नेता को मुख्यमंत्री बनाकर संकेत दिया है कि पार्टी अब “एनडीए के नेतृत्व” को भी भाजपा के नाम से बेचेगी। बता दें कि तारापुर की सियासत को लोककल्याण कारी दिशा देने वाले पूर्व स्वास्थ्य मंत्री शकुनि चौधरी के यशस्वी पुत्र सम्राट चौधरी कुशवाहा (कोईरी/ओबीसी) समाज से हैं; लेकिन सवर्णों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं।…
भारत और न्यूजीलैंड के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता आखिरकार आज नई दिल्ली में हस्ताक्षरित हो गया, जिसे दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इस समझौते पर भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मकले की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इसे एक पीढ़ी में एक बार होने वाला महत्वपूर्ण समझौता बताया, जो वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार, निवेश प्रवाह और श्रम गतिशीलता के लिए नए रास्ते खोलेगा।हम आपको बता दें कि यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निवेश, तकनीकी सहयोग और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देगा। भारत सरकार ने इस अवसर को वैश्विक व्यापार के नए द्वार के रूप में प्रस्तुत किया है। पीयूष गोयल ने कहा कि भारत में व्यापार करना आसान बनाया जा रहा है, नियमों को…
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हुआ अभूतपूर्व बम्पर मतदान लोकतंत्र में लोक की आस्था का प्रमाण है। यह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। यह बताता है कि भारत के आम नागरिक का अपने संविधान, संवैधानिक प्रक्रियाओं और संस्थाओं पर कितना अटूट विश्वास है। राजनैतिक दलों के लिए इस मतदान में क्या छुपा है वो तो 4 मई 2026 को ज्ञात होगा किन्तु जनता जनार्दन अपना कर्तव्य निभाने में जीत चुकी है। राजनैतिक विश्लेषक बंगाल में बंपर मतदान के पीछे कई कारण बता रहे हैं जैसे कि मतदाता जागरूकता अभियानों में लगातार वृद्धि, महिलाओं और युवाओं की बढ़ती भागीदारी, बेहतर चुनाव प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही स्थानीय मुद्दों पर जागरुकता। बंगाल में एक बड़ा कारण जनमानस में राजनीतिक चेतना जाग्रत होना भी माना जा रहा है। कुछ लोग एसआईआर के कारन कम हुए मतदाताओं को ही इसका एकमात्र कारण बता रहे…
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार एक बड़ा बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। भाजपा, जिस पर लंबे समय से बाहरी होने का आरोप लगता रहा, उसने इस धारणा को काफी हद तक कमजोर कर दिया है। चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह पार्टी के नेता स्थानीय खानपान, परंपराओं और सांस्कृतिक प्रतीकों से जुड़ते नजर आए हैं, उससे बंगाल के लोगों के बीच यह संदेश गया है कि यह दल अब बाहरी नहीं, बल्कि अपना ही है। स्थानीय भोजन के साथ जुड़ाव ने इस राजनीतिक दूरी को कम करने में अहम भूमिका निभाई है और मतदाताओं के मन में अपनापन पैदा किया है।हम आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल के चुनावी परिदृश्य में इस बार राजनीति और भोजन का एक अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। यह केवल प्रचार का तरीका नहीं, बल्कि पहचान, सांस्कृतिक जुड़ाव और स्वीकार्यता का प्रतीक बन गया है। जिस तरह फिल्मकार सत्यजीत रे…
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बीच केंद्र सरकार ने देश की महिलाओं को संसद व राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ वर्ष 2034 की बजाए 2029 से देने के लिए 131वां संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया। यह संशोधन विधेयक पारित होने के लिए इसके पक्ष में दो तिहाई बहुमत चाहिए था। कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस व डीएमके जैसे दलों ने इस संशोधन को समर्थन नहीं दिया जिससे दो तिहाई बहुमत न मिलने के कारण यह 298 मतों के मुकाबले 230 मतों से गिर गया। लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक गिरने के बाद विपक्षी दलों ने इसको प्रधानमंत्री की हार बताते हुए मेजें थपथपाकर जश्न मनाया। लोकसभा में विधेयक पर हुई चर्चा के दौरान ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया था कि इन सभी विधेयकों में उत्तर दक्षिण से कोई भेदभाव नहीं किया गया है तथा सरकार इसका कोई क्रेडिट…
Supporting Student Journalist.
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