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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार 14 अप्रैल को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के महत्वपूर्ण दौरे के दौरान देहरादून में एक भव्य समारोह में दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने एक विशाल जनसभा…
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज अपनी आखिरी कैबिनेट मीटिंग की, जहां माहौल काफी भावुक नजर आया। मीटिंग के दौरान नीतीश कुमार ने मंत्रिपरिषद को संबोधित किया और अपने लंबे कार्यकाल व राज्य के विकास…
क्या कोई आर्मी चीफ दुनिया की ताकतवर महिलाओं को शादी के प्रस्ताव भेज सकता है और फिर किसी दूसरे देश से सबसे खूबसूरत दुल्हन की मांग कर सकता है? यह सुनने में भले ही अजीब सा…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे का उद्घाटन करेंगे, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय लगभग…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को तमिलनाडु में डीएमके सरकार की आलोचना करते हुए उस पर केंद्र सरकार की योजनाओं…
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल को होने वाले हैं, ऐसे में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन…
समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने 13 अप्रैल को नोएडा फेज 2 में कर्मचारियों द्वारा किए गए हिंसक विरोध…
सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची की सफाई प्रक्रिया के दौरान जिन व्यक्तियों के नाम हटा दिए गए थे, उन्हें अंतरिम…
बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि भारतीय ध्वज वाला पोत ‘जग विक्रम’, जिसमें 20,400 मीट्रिक टन…
सर्वोच्च न्यायालय ने मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान रोकने के लिए उंगली और आंखों की पुतली से बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली…
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल शराब नीति मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की याचिका की…
डीएमके सांसद कनिमोझी करुणानिधि ने पार्टी उम्मीदवार सुब्रमणियन के समर्थन में तिरुनेलवेली निर्वाचन क्षेत्र में प्रचार किया और मतदाताओं से…
सबरीमला विवाद एक बार फिर देश की संवैधानिक बहस के केंद्र में है, लेकिन इसे केवल एक मंदिर में महिलाओं…
एनसीआर में श्रमिकों के बढ़ते असंतोष की लहर नोएडा में हिंसा में तब्दील हो गई, जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ…
तेजस्वी यादव ने शनिवार को आरोप लगाया कि नीतीश कुमार अपनी ही पार्टी के दबाव में बिहार के मुख्यमंत्री पद…
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उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के बाद जारी अंतिम आंकड़ों ने राज्य की चुनावी तस्वीर में बड़ा बदलाव सामने रखा है।…
रोजर फेडरर ने भले ही टेनिस को अलविदा कह दिया हो लेकिन उनका जादू अब भी प्रशंसकों…
आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करने के लिए मशहूर भारतीय टीम ने अमेरिका के खिलाफ टी20 विश्व कप…
एशियाई फुटबॉल परिसंघ (एएफसी) ने 31 मार्च को भारत और हांगकांग के बीच होने वाले 2027 एशियाई…
पाकिस्तान के ऑफ स्पिनर उस्मान तारिक अपने अनोखे ‘स्टॉप एंड पॉज’ ‘साइड-आर्म एक्शन’ के कारण क्रिकेट जगत…
ईशान किशन ने बुधवार को नेट अभ्यास पर अपना जबर्दस्त फॉर्म बरकरार रखा लेकिन बाद में जसप्रीत…
जिम्बाब्वे में इतिहास रचकर लौटे भारत अंडर-19 टीम के कप्तान आयुष म्हात्रे अब मुंबई में हैं और…
वरुण धवन, मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े की आने वाली फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ का टीजर रिलीज कर दिया गया है, जो काफी मजेदार है। बता दें, फिल्म का फर्स्ट लुक 13 अप्रैल को रिलीज किया गया था और साथ ही इसकी रिलीज डेट भी बदल गई है। अब यह फिल्म अपनी तय तारीख से पहले सिनेमाघरों में आएगी।रिलीज हुआ फिल्म का फर्स्ट लुकफिल्म के टीजर में वरुण धवन, मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े का इंट्रोडक्शन काफी अनोखे और मजेदार तरीके से दिया गया है। टीजर में दो बच्चे अपने मम्मी-पापा के बारे में चर्चा करते नजर आ रहे हैं, जिसे सोशल मीडिया पर जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। फैंस इस नई तिकड़ी को बड़े पर्दे पर देखने के लिए काफी उत्साहित हैं। View this post on Instagram A post shared by VarunDhawan (@varundvn) इसे भी पढ़ें: Juhi Bhatt को डेट कर रहे हैं Ranveer Allahbadia, इस…
क्या आप भी गोवा जाने का प्लान लंबे समय से बना रहे हैं? अब आपको फ्रिक करने की…
राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से प्राध्यापक, प्राध्यापक-कृषि एवं कोच (माध्यमिक शिक्षा विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2025 का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया गया है।.इन परीक्षाओं का आयोजन 31 मई से 11 जून 2026 तक किया जाएगा। आयोग ने विभिन्न विषयों की परीक्षाओं को चार ग्रुप (ए, बी, सी एवं डी) में विभाजित किया है। विस्तृत सूचना आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है।ग्रुप-ए की परीक्षाएं -31 मई से 2 जून तकग्रुप-ए में हिंदी, हिस्ट्री, इंग्लिश, कामर्स एवं केमिस्ट्री विषय रखे गए हैं। इन विषयों के सभी अभ्यर्थियों के लिए 31 मई को प्रातः 10 से 11.30 बजे तक जनरल अवेयरनेस एंड…
ईरान युद्ध के झटकों की वजह से चीन की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है। मार्च के…
राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने खनन कंपनी वेदांता समूह की कर्जग्रस्त जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) के लिए अदाणी…
रुपया सोमवार को शुरुआती कारोबार में 49 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 93.32 पर पहुंच गया। कच्चे तेल की…
ऑनलाइन ऑर्डर पर खाद्य एवं पेय पदार्थ की आपूर्ति करने वाली क्विक कॉमर्स कंपनी स्विगी ने भारतीय रेलवे खानपान एवं…
भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर अगले वित्त वर्ष में 6.8 से 7.2 प्रतिशत के बीच रह…
असम, केरल व पुद्दुचेरी में विधानसभा चुनाव हेतु मतदान संपन्न हो जाने के बाद पश्चिम बंगाल व तमिलनाडु के चुनाव प्रचार मे आक्रामकता आ गई है। बंगाल के सन्दर्भ में प्राप्त विश्लेषणों के अनुसार ऐसा लग रहा है कि इन चुनावों में बंगाल में मात्र दो प्रतिशत मतों के अंतर से ही सरकार बनने का खेल होने वाला है। सत्ता के लिए प्रमुख लड़ाई चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के लिए प्रयासरत ममता बनर्जी तथा भारतीय जनता पार्टी के बीच ही है और यही दोनों आक्रामक रूप से चुनाव प्रचार भी कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी ने पहले ममता सरकार के खिलाफ श्वेत पत्र जारी किया फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन विशाल जनसभाओं के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने भाजपा का संकल्प पत्र जारी किया। इस बीच बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व उनकी पार्टी के कुछ नेताओं ने बीजेपी की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर हिंसा को बढ़ावा देने वाली…
हेल्थ इंश्योरेंस में Pre-existing Disease छुपाने से आपका क्लेम रिजेक्ट हो सकता है, पॉलिसी रद्द हो सकती है और भविष्य में इंश्योरेंस मिलना भी मुश्किल हो सकता है। पूर्व शोध IRDAI की रिपोर्ट के अनुसार हर साल लगभग 8 से 10 लाख क्लेम PED या उससे जुड़ी शर्तों की वजह से रिजेक्ट हो जाते हैं। जब आप अपना हेल्थ इंश्योरेंस कराते है, तो कंपनी आपकी पुरानी बीमारी यानी Pre-existing Disease का रिकॉर्ड मांगती है। यदि आप ऐसे मेंं झूठ बोलते है या जानकारी छुपाते हैं, तो कंपनी आपकी पॉलिसी तुरंत रद्द कर सकती है। ऐसा इसलिए, क्योंकि यह ‘अतुल्य विश्वास’ (Uberrimae Fidei) के सिद्धांत का उल्लंघन है, जिसे बीमा कंपनी और कानून धोखाधड़ी मानते हैं।इसे भी पढ़ें: जानिए, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYMY) के तहत आपको मात्र 55-200 रुपये में कैसे मिलेगी 3000 पेंशन?अगर आप यह गलती कर चुके हैं, तो इंश्योरेंस कंपनी आपका क्लेम स्वीकार नहीं करेगी या आपका…
प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना (PM SYMY) असंगठित क्षेत्र के गरीब श्रमिकों के लिए एक सरकारी पेंशन योजना है, जिसके तहत 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 3000 रुपये की पेंशन मिलती है। वो भी तब, जब आपने लगभग 55–200 रुपये प्रति माह इस फंड में योगदान दिया हो, जो कि उम्र के हिसाब से निर्धारित है। फिर इसमें सरकार आपके योगदान के बराबर ही अतिरिक्त राशि जमा करती है, जिससे लंबे समय में 3000 ₹ प्रतिमाह की पेंशन व्यवस्था बनती है। # समझिए, PM SYMY क्या है? यह किसके लिए है?PM SYMY एक “केंद्रीय क्षेत्र की पेंशन योजना” है जो असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों (रेहड़ी पटरी वाले, मजदूर, घरेलू कामगार, निर्माण मजदूर, एग्रीकल्चर वर्कर आदि) के लिए 2019 में शुरू की गई थी। इसे श्रम एवं रोजगार मंत्रालय चलाता है और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) पेंशन फंड के रूप में काम करता है। इसे भी पढ़ें: PM…
सरकारी मशीनरी के नाकारा होने के कारण देश में धार्मिक आयोजनों में भगदड़ जैसे हादसे रुक नहीं रहे हैं। हादसों ऐसी श्रृंखला में नालंदा मंदिर का हादसा भी जुड़ गया है। नालंदा के शीतला माता मंदिर में पूजा करने के दौरान भगदड़ मच गई और इसमें 9 लोगों की जान चली गई। आठ महिलाओं की भीड़ में दबने से मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक पुरुष ने अस्पताल में दम तोड़ा। चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार को शीतला अष्टमी के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मंदिर में पहुंचे थे। वहां मेला भी लगा था। इसी दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज मंगलवार को नालंदा यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति शामिल हुईं। दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति ने कई देशों के छात्रों को डिग्री व मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक प्रदान दिया गया। राष्ट्रपति की यात्रा की सुरक्षा में 8 जिलों के 2500 जवानों को लगाया गया था,…
भारत के खिलाफ जहर उगलने के आदी पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने जब कोलकाता को निशाना बनाने की धमकी दी तो यह उनकी बौखलाहट का खुला प्रदर्शन था, लेकिन हैरानी इससे भी ज्यादा इस बात पर है कि भारत के भीतर कुछ नेता इस खोखली धमकी को लेकर हंगामा खड़ा कर रहे हैं। जिसे बार-बार उसकी हर हरकत पर मुंहतोड़ जवाब मिला हो, जिसे उसकी गुस्ताखियों की सजा उसके घर में घुसकर दी गई हो, उसकी गीदड़ भभकी पर तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का शोर मचाना न केवल हास्यास्पद है बल्कि चिंताजनक भी है। देखा जाये तो यह एक कमजोर और बेअसर खतरे को बढ़ा चढ़ाकर पेश करने और चूहे को शेर बताकर लोगों में डर पैदा करने की कोशिश से ज्यादा कुछ नहीं है।हम आपको बता दें कि ख्वाजा आसिफ ने पिछले सप्ताह सियालकोट में मीडिया से बातचीत के दौरान यह दावा किया था कि भविष्य में…
वर्ष 2026 के पश्चिम बंगाल विधनासभा चुनाव घोषित हो चुके हैं। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है वैसे वैसे राज्य की राजनीति का पारा चढ़ रहा है। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के लिए अपने प्रचार को आक्रामक बना चुकी हैं। उनके लिए इस बार राह उतनी आसान नहीं है। भारतीय जनता पार्टी भी इस बार हर हाल में बंगाल में अपनी सरकार बनाने को संकल्पबद्ध है। बिहार विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सभा में कहा था कि गंगा नदी बिहार से ही बंगाल में जाती है और उसी दिन से बंगाल मे राजनीतिक तपिश का अनुभव होने लगा था। बंगाल में ममता दीदी के चौथी बार मुख्यमंत्री बनने की राह बहुत आसान नहीं है क्योकि कांग्रेस और वामपंथी दल भी पूरी ताकत से ममता दीदी को हराने के लिए काम कर रहे हैं। उनकी अपनी ही पार्टी के निष्कासित विधायक…
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वर्ष 2021 में बैंक लॉकर सुविधा के लिए विभिन्न संशोधित दिशानिर्देश जारी किए, जो विगत 1 जनवरी 2022 से लागू हैं। इनके तहत बैंक लॉकर से सामान गायब होने पर बैंक की जिम्मेदारी तय की गई है। साथ ही ग्राहक की लापरवाही के बारे में भी नियमसम्मत जानकारी उपलब्ध कराई गई है ताकि किसी भी प्रकार का नीतिगत विरोधाभास नहीं बचे। यही वजह है कि बैंक लॉकर के धंधे में तेजी आई है।इस बारे में मुख्य गाइडलाइंस निम्नलिखित है- आरबीआई के अनुसार, बैंक लॉकर की सामग्री का इन्वेंटरी रखने या उसके मूल्य की जांच करने का अधिकार बैंक को नहीं है।हां, लॉकर हायरर को अवैध या खतरनाक वस्तुएं रखने की मनाही है, और बैंक को अपनी सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी होती है। इसलिए लॉकर एग्रीमेंट में ये शर्तें शामिल होनी चाहिए।इसे भी पढ़ें: नए इनकम टैक्स ड्राफ्ट नियमों के बीच चर्चा में आई Old Regime,…
प्रस्तावित ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स, 2026 पुराने बनाम नए टैक्स सिस्टम की बहस को चुपचाप बदल सकता है। हालांकि इनकम टैक्स एक्ट, 2025 ने एक बड़ा स्ट्रक्चरल रीसेट और टैक्स की भाषा को आसान बनाया, लेकिन ज़्यादातर टैक्सपेयर्स के लिए असली सवाल आसान है: क्या मैं ज़्यादा टैक्स बचाऊंगा? नया एक्ट और नियम 1 अप्रैल, 2026 (टैक्स साल 2026–27) से लागू होंगे। नए इनकम टैक्स ड्राफ्ट नियम 2026 के सामने आने के बाद एक बार फिर Old Tax Regime चर्चा में है। अब तक सरलता और कम दरों के कारण New Tax Regime को बढ़त मिल रही थी, लेकिन प्रस्तावित बदलावों ने पुराने सिस्टम को फिर प्रतिस्पर्धी बना दिया है।हालांकि ये नियम अभी ड्राफ्ट फॉर्म में हैं, लेकिन ये सिर्फ प्रोसेस और लिमिट बदलने से कहीं ज़्यादा हैं। ड्राफ्ट नियम चुपचाप यह बताते हैं कि कई नई छूट, एग्ज़ेम्प्शन और ज़्यादा लिमिट से मुख्य रूप से पुराने टैक्स सिस्टम के तहत…
देश में समय के साथ लोकतंत्र के परिपक्कव होने के बजाए कमजोर होने की आहट आ रही है। आजादी के बाद देश में ऐसा पहली बार हुआ है कि संवैधानिक संस्थाओं को पक्षपात के आरोपों के कारण कटघरे में खड़ा किया जा रहा है। इन संस्थाओं के कामकाज के तौर—तरीकों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इन पर पूरी तरह से सत्तारुढ केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के इशारों पर काम करने करने और विपक्ष के अधिकारों को दबाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोपों के इस घेरे में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के सभापति रहे जगदीप धनखड़, भारत के नियंत्रक-महालेखा परीक्षक और अब मुख्य चुनाव आयुक्त आ चुके हैं।लोकसभा स्पीकर को हटाने के लिए 118 विपक्षी सांसदों के समर्थन से अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। विपक्षी सांसदों का दावा था कि ओम बिरला ने “पक्षपातपूर्ण व्यवहार” दिखाया है और उनका कार्यालय अपेक्षित निष्पक्षता बनाए रखने में विफल…
धर्म, जाति और धर्मांतरण का प्रश्न भारत के सामाजिक, संवैधानिक और राष्ट्रीय जीवन से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील और जटिल विषय है। हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिया गया यह निर्णय कि यदि अनुसूचित जाति का कोई व्यक्ति हिन्दू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म को स्वीकार कर लेता है तो वह अनुसूचित जाति का संवैधानिक दर्जा और उससे जुड़े लाभों का अधिकारी नहीं रहेगा, केवल एक सामान्य कानूनी निर्णय नहीं है, बल्कि यह भारतीय संविधान की मूल भावना, सामाजिक न्याय की अवधारणा और राष्ट्रीय एकता की आवश्यकता को ध्यान में रखकर दिया गया एक दूरगामी और ऐतिहासिक निर्णय है। इस निर्णय को भारतीय न्याय व्यवस्था की परिपक्वता, संतुलन और दूरदर्शिता का प्रतीक कहा जा सकता है।भारत में अनुसूचित जाति की व्यवस्था का निर्माण किसी धर्म विशेष को लाभ देने के लिए नहीं किया गया था, बल्कि उन सामाजिक वर्गों को संरक्षण और अवसर देने के लिए किया…
Supporting Student Journalist.
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