TRENDING NEWS
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार को चुनाव वाले असम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत पर विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी की जीत को…
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर देश के किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को विशाल ब्रह्मपुत्र नदी पर बने कुमार भास्कर वर्मा पुल का उद्घाटन किया। यह नया छह लेन का पुल गुवाहाटी को उत्तरी गुवाहाटी से सीधे जोड़ेगा, जिससे हजारों यात्रियों के लिए…
चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा से 300 किलोमीटर से भी कम दूरी पर स्थित असम में भारत ने एक…
अक्सर हम और आप देखते हैं कि जब भी कभी हम किसी सैलून में जाते हैं तो इस बात का…
कांग्रेस की तीखी राजनीतिक टिप्पणी ने मणिपुर को एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा में ला दिया है। पार्टी नेता पवन…
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को संसद कार्यालय में किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और प्रस्तावित भारत-अमेरिका…
राहुल गांधी ने शुक्रवार को संसद कार्यालय में किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को ब्रह्मपुत्र नदी पर बने कुमार भास्कर वर्मा पुल का उद्घाटन करेंगे, जो असम के परिवहन…
पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस हवाई अड्डे पर शनिवार सुबह इंडिगो की एक फ्लाइट में बम…
न्याय व्यवस्था से जुड़े तीन महत्वपूर्ण घटनाक्रमों ने देश में न्यायिक जवाबदेही, नेतृत्व और समय पर न्याय को लेकर व्यापक…
जम्मू-कश्मीर में इस समय सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी है और पूरी घाटी हाई अलर्ट पर है। आज (14 फरवरी, 2026)…
जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पुलवामा में 2019 में आज ही के दिन आतंकवादी हमले में शहीद हुए…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को असम के एक ऐतिहासिक दौरे पर पहुँचे। इस दौरे की शुरुआत डिब्रूगढ़ में इमरजेंसी लैंडिंग…
मुंबई की नवनियुक्त महापौर रितू तावड़े ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के घोटाले पर…
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
वेलेंटाइन वीक में जहां दुनिया भर के युगल प्रेम और रोमांस में डूबे नजर आ रहे हैं, वहीं चीन के कई युवक युवतियां विवाह और रिश्तों…
हॉलीवुड के दिग्गज एक्शन स्टार जेसन मोमोआ, जिन्हें दुनिया ‘एक्वामैन’ और ‘खल ड्रोगो’ के रूप में जानती है, इन दिनों बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान की तारीफों के पुल बांध रहे हैं। मोमोआ ने न केवल शाहरुख को एक सच्चा “जेंटलमैन” बताया, बल्कि विनम्रता के साथ यह भी स्वीकार किया कि शाहरुख खान उनसे कहीं बेहतर अभिनेता और परफॉर्मर हैं। इसे भी पढ़ें: O Romeo Movie Review: शाहिद कपूर का दमदार अभिनय, लेकिन विशाल भारद्वाज की कहानी अंत में पड़ी फीकी दोनों एक्टर्स कई मौकों पर मिल चुके हैं, खासकर सऊदी अरब में जॉय अवार्ड्स में, जहाँ उनके साथ जैकी चैन और जीन-क्लाउड वैन डैम भी थे। हाल ही में सऊदी अरब में उन्हें फिर से एक साथ देखे जाने के बाद उनकी दोस्ती फिर से सुर्खियों में आ गई, जिससे ऑनलाइन फैंस का एक्साइटमेंट फिर से बढ़ गया।अपनी आने वाली फिल्म द व्रेकिंग क्रू के प्रमोशन के दौरान बात करते हुए,…
अगर आप भी कम बजट में विदेश घूमने का सपना देख रहे हैं, तो वियतनाम आपके लिए एक…
13 मिनट पहलेकॉपी लिंकआज की सरकारी नौकरी में जानकारी AIIMS NORCET 10 का नोटिफिकेशन जारी होने की। इस भर्ती के लिए आवेदन की शुरुआत 24 फरवरी 2026 से की जाएगी। झारखंड में 355 लेक्चरर की भर्ती का नोटिफिकेशन जारी। इस भर्ती के लिए आवेदन की शुरुआत 20 फरवरी 2026 से होगी। साथ ही बिहार सेकेंड इंटर लेवल भर्ती में अब 26,426 पदों पर भर्ती। इस भर्ती में 1107 नए पदों को जोड़ा गया है।इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए….1. AIIMS NORCET 10 का नोटिफिकेशन जारीअखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) दिल्ली की ओर…
निजी विमानन कंपनी अकासा एयर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विनय दुबे ने शनिवार को कहा कि एयरलाइन…
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बारे में ‘झूठ फैलाने’ के लिए विपक्षी…
उद्योगपति मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) को वेनेजुएला के कच्चे तेल की सीधी खरीद के लिए…
एशियाई बाजारों में मजबूती के बीच सेंसेक्स और निफ्टी में सोमवार को शुरुआती कारोबार में बढ़त दर्ज की गई। बीएसई…
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 2027 में संभावित विधानसभा चुनावों से पूर्व 9 लाख करोड़ रु का अब तक का सबसे बड़ा बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया है। सत्तापक्ष, विशेषज्ञ और मीडिया भी इस बजट की सराहना कर रहे हैं। परंपरागत रूप से विपक्ष इसकी आलोचना करते हुए इसे योगी सरकार का अंतिम बजट कह रहा है। योगीराज के इस बजट का आकार भारत के पड़ोसी राष्ट्रों पाकिस्तान ओैर बांग्लादेश के बजट से भी कई गुना बड़ा है। यूपी में योगी बजट की एक और विशेष बात है कि किसी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में लगातार 10वां बजट पेश हुआ हो ऐसा पहली बार हुआ है। अभी तक किसी भी मुख्यमंत्री को लगातार इतने बजट प्रस्तुत करने का सौभाग्य नहीं प्राप्त हुआ है। यूपी के बजट में केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट की छाप दिख रही है। योगी सरकार का चुनावी वर्ष के पूर्व का यह बजट प्रदेश को समस्त क्षेत्र…
दुनिया के दो बड़े लोकतंत्र और पहली-चौथी अर्थव्यवस्था वाले देश अमेरिका व भारत में पुनः प्रेम के पींगे परवान चढ़ने शुरू हो गए। तमाम अंतर्राष्ट्रीय व द्विपक्षीय विरोधाभासों के बीच पारस्परिक सहयोग के विभिन्न जटिल पहलुओं पर जो रजामंदी दिखाई गई और फिर यह तय हुआ कि ‘धीरे धीरे प्यार को बढ़ाना है, हद से गुजर जाना है!’ जिसके अपने वैश्विक निहितार्थ हैं। शायद इसी हद पर ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ और ‘सर्वे भवंतु सुखिनः’ की गारंटी निर्भर है। ऐसे में स्वाभाविक सवाल है कि अमेरिका-भारत-यूरोपीय संघ यानी जी-7 प्रभुत्व वाले प्रेम त्रिकोण और भारत-रूस-चीन यानी ब्रिक्स देश वाले प्रेम त्रिकोण के बीच भारत कब, कैसे और कितना गुटनिरपेक्ष संतुलन बना पाएगा, अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बरकरार रख पाएगा? क्योंकि सब कुछ इन्हीं द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बातों-मुलाकातों पर निर्भर करेगा। इसलिए कूटनीतिक हल्के में इस बात की आशंका अभी से ही जताई जा रही है कि आखिर अमेरिका कब तक अपने इस परिवर्तित स्टैंड पर…
अतीत के भेदभाव को आधार बनाकर सवर्ण समाज के वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों को दंडित करने या आरक्षण जैसी नीतियों से बांधना न्यायसंगतता के सिद्धांतों के विरुद्ध प्रतीत होता है, क्योंकि यह व्यक्तिगत योग्यता को नजरअंदाज कर सामूहिक दोषारोपण करता है। इसलिए यक्ष प्रश्न है कि अतीत में हुए भेदभाव पर सवर्णों के वर्तमान-भविष्य को कानूनी शिकंजे में कसना दलित-ओबीसी नेतृत्व की न्यायसंगतता का तकाजा नहीं है!लिहाजा, उन्मुक्त हृदय से उनके मौजूदा प्रगतिशील नेताओं को गहराई पूर्वक विचार करना चाहिए और अपने पूर्वजों के प्रतिगामी नजरिए को बदलकर स्वतंत्रता, समानता व बंधुत्व के राष्ट्रव्यापी लोकतांत्रिक भाव को मजबूत करना चाहिए। अन्यथा सामाजिक विघटन को परमाण्विक प्रक्रिया तेज होगी और इससे पैदा हुए जनविद्वेष की आग में देर-सबेर हरेक शांतिप्रिय लोगों के भी झुलसने का आसन्न खतरा बना रहेगा। ऐसा इसलिए कि यह नीतिगत, वैधानिक और रणनीतिक सवाल है जिसे कूटनीतिक स्वार्थवश विदेशों से हवा दी गई, इसे संवैधानिक स्वरूप…
देश के राजनीतिक दल देश के लोगों के लिए कितने गैरजिम्मेदार हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हिमालय क्षेत्र में शोध पर आधारित दो महत्वपूर्ण पर्यावरणीय जानकारी के बारे में किसी ने चिंता तक जाहिर नहीं की। इन रिपोर्टों में सर्दी के मौसम में हिमालय क्षेत्र जंगलों में लगने वाली आग के कारण और भूस्खलन के नए केंद्रों की जानकारी दी गई है। दरअसल ऐसी जानकारियों को गंभीरता से लेने पर राजनीतिक दलों के वोट बैंक में इजाफा नहीं होता। यही वजह है अत्यंत संवेदनशील और आम जन—जीवन को प्रभावित करने वाले पर्यावरण जेसे मुद्दे राजनीतिक दलों के घोषणा पत्रों में जगह नहीं पाते हैं। फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया के आंकड़े बताते हैं कि इस बार सर्दियों का मौसम शुरू होने के बाद 1 नवंबर से अब तक उत्तराखंड में देश में सबसे अधिक 1,756 फायर अलर्ट दर्ज किए गए हैं। यह संख्या महाराष्ट्र (1,028), कर्नाटक…
भारत एक कृषि देश है और यहाँ के किसानों के लिए सिंचाई हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। डीजल की बढ़ती कीमतें और बिजली की अनिश्चित आपूर्ति खेती की लागत को बढ़ा देती है। इसी समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) योजना की शुरुआत की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाना और उनकी आय में वृद्धि करना है।PM कुसुम योजना क्या है?PM कुसुम योजना, या प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान, भारत सरकार की एक स्कीम है जिसे मार्च 2019 में खेती में सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया था। यह सोलर पंप और पावर प्लांट के लिए फाइनेंशियल मदद देकर किसानों की मदद करती है, जिससे डीज़ल और ग्रिड बिजली पर उनकी निर्भरता कम होती है और इनकम बढ़ती है।इसे भी पढ़ें: Chikitsa Pratipoorti Yojana…
विभिन्न तरह के पारस्परिक विरोधाभासों से जूझ रहे भारतीय गणतंत्र के लिए ‘एक भारत, एक कानून’ की अवधारणा बदलते वक्त की मांग है। इसलिए इसको सरजमीं पर उतरना बेहद जरूरी है। सवाल है कि जब एक मतदाता, एक वोट का विधान सफल हो सकता है तो फिर एक भारत, एक कानून का विधान क्यों नहीं? इस बात में कोई दो राय नहीं कि ऐसी सकारात्मक कोशिशें अंततोगत्वा समतामूलक समाज की दिशा में निर्णायक साबित हो सकते हैं। लिहाजा यदि भारतीय संविधान के संघीय ढांचे और अन्यान्य विविधताओं को बनाए रखने वाले नानाविध प्रावधानों से ‘एक देश, एक कानून’ की पावन और समदर्शी सोच टकराती है तो ऐसे किसी भी टकराव को नजरअंदाज कीजिए और एक समान नागरिक संहिता (UCC) या एकसमान कानूनी व्यवस्था की दिशा में एक यथार्थपरक व्यवहारिक कदम उठाइए। इससे दलित, आदिवासी, ओबीसी, अल्पसंख्यक, सवर्ण जैसे निरर्थक भेद भी मिटेंगे और राष्ट्र को अप्रत्याशित मजबूती मिलेगी।इसे भी पढ़ें: UGC…
महाराष्ट्र की राजनीति आज सुबह एक भयानक सदमे से हिल गई जब उपमुख्यमंत्री अजित पवार का चार्टर्ड विमान बारामती जाते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया और आग की लपटों में समा गया। जिला परिषद चुनाव के लिए रैली में शामिल होने जा रहे अजित पवार की मौके पर ही मृत्यु हो गई। अब सवाल यह है कि अजित पवार की राजनीतिक विरासत कौन संभालेगा? सवाल यह भी है कि अजित पवार के निधन के बाद क्या अब उनकी पार्टी और उनके विधायक एकजुट रह पाएंगे? सवाल यह भी है कि यदि अजित पवार की पत्नी या बेटे ने एनसीपी की कमान संभाली तो क्या पार्टी के वरिष्ठ नेता उसी तरह उनके आदेश का पालन करेंगे जैसा कि वह अजित पवार के पार्टी अध्यक्ष रहते हुए करते थे? हम आपको बता दें कि अजित पवार अपने पीछे पत्नी सुनेत्रा पवार, जो राज्यसभा सांसद हैं और दो पुत्र पार्थ व जय को छोड़ गए…
भारत का गणतंत्र पूर्वाग्रहों जैसे जातिवाद, सांप्रदायिकता, भाषा जनित क्षेत्रवाद, वंशवाद, राजनीतिक पक्षपात और सामाजिक असमानताओं से जूझ रहा है, जो संवैधानिक मूल्यों को कमजोर कर रहे हैं। खासकर गणतंत्र दिवस जैसे अवसरों पर ये मुद्दे अकसर उभरकर सामने आ जाते हैं, जहां लोकतंत्र की चुनौतियां स्पष्ट दिखती हैं। इसलिए कतिपय प्रमुख पूर्वाग्रहों पर चर्चा लाजिमी है जो इसे समदर्शी और सर्वसम्मत लोकतंत्र बनने देने की राह के सबसे बड़े रोड़े तब भी थे, आज भी हैं और अगर यही हालात बने रहे तो भविष्य में भी रहेंगे। लिहाजा प्रबुद्धजनों से लेकर आम आदमी के दिलोदिमाग में यह यक्ष प्रश्न बना हुआ है कि आखिर कबतक जटिल पूर्वाग्रहों से परेशान रहेगा भारत गणतंत्र?पिछली शताब्दी के अंतिम तीन भागों से लेकर मौजूदा शताब्दी के प्रथम भाग तक यानी पूरे सौ सालों में भारतीय शासन-प्रशासन की जो पूर्वाग्रही गतिविधियां दिखाई-सुनाई पड़ीं, उससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि भारतीय गणतंत्र को दलित-आदिवासी-पिछड़े-अल्पसंख्यक-सवर्ण कोटि…
नोएडा के युवा साफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत ने देश के सिस्टम में व्याप्त लापरवाही पूर्ण सोच व खामियों की एकबार फिर से पोल खोलने का कार्य कर दिया है। दुर्घटना के बाद किसी के घर का चिराग सिस्टम की लापरवाही से पूरी वीरता से लड़ते हुए कुंभकर्णी नींद में सो रहे सिस्टम को जगाने के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर गया है। इस हृदयविदारक घटना के बाद से ही उत्तर प्रदेश के सिस्टम में हड़कंप मचा हुआ है, जिसके चलते ही तत्काल नोएडा प्राधिकरण ने इस घटना की जांच कराने की घोषणा कर दी थी और प्रारंभिक जांच के आधार पर अपनी गाज गिराते हुए एक इंजीनियर की नौकरी से समाप्ति तक की कार्रवाई कर दी, वहीं युवराज के पिता ने भी एफआईआर दर्ज करवाई है, और नोएडा प्रशासन ने भी दो लापरवाह बिल्डरों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करवाई है, जिस पर पुलिस जांच करके आगे की कार्रवाई…
प्राचीनकाल में मनुस्मृति से लेकर आधुनिक काल के संविधान तक हिंदू समुदाय में जिस जातिवाद को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप में बढ़ावा दिया गया, वह अब दुनिया के तीसरे बड़े धर्म सनातन (हिन्दू) के लिए अभिशाप साबित हो रहा है। जिस तरह से सियासी गोलबंदी के लिए जातिवाद को हवा दी जा रही है, वह किसी लोकतांत्रिक कलंक से कम नहीं है। अब तो प्रशासनिक और न्यायिक निर्णय भी इसे हवा देते प्रतीत हो रहे हैं। इसे भी पढ़ें: नोटा दबाना अवांछित उम्मीदवारों को बढ़ावा देना है, निकाय चुनाव में मतदान के बाद बोले मोहन भागवतमसलन, इससे निरंतर कमजोर हो रहे हिन्दू समाज की एकजुटता के दृष्टिगत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत की चिंता स्वाभाविक है। यह उन जैसे सैकड़ों मशहूर लोगों के लिए भी सार्वजनिक चिंता का विषय रहा है। लेकिन हमारी संसद और सरकार के लिए यह कोई मुद्दा नहीं है क्योंकि जातिवादी खिलौने से मतदाताओं को फुसलाने…
Supporting Student Journalist.
Playlist
0:16
0:16
0:16