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मध्य पूर्व संघर्ष से जुड़ी ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण लागत पर बढ़ते दबाव को देखते हुए कोरियन एयर ने आपातकालीन प्रबंधन मोड की घोषणा की है। एयरलाइन अप्रैल से गैर-जरूरी खर्चों में चरणबद्ध कटौती…
केरल भाजपा के घोषणापत्र में 2026 के चुनावों से पहले कल्याणकारी और अवसंरचना संबंधी कई वादे शामिल हैं। इसमें आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के लिए “भक्ष्य आरोग्य सुरक्षा” कार्ड का प्रस्ताव है, जिसके तहत दवाइयों…
भाजपा की हिंदुत्ववादी विचारधारा और पीएम मोदी का लगातार विरोध करने वाला राज्य तमिलनाडु है। भाजपा को राज्य में एक भी सीट नहीं मिली थी। वहीं साल 2018 में जब पीएम मोदी डिफेंस एक्सपो का उद्घाटन…
उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माता के विरुद्ध कथित आपत्तिजनक टिप्पणी…
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और सांसद सोनिया गांधी, जिन्हें 24 मार्च को बुखार के कारण सर गंगा राम अस्पताल में…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरबा पीठ स्थित सम्राट संप्रति संग्रहालय की वास्तुकला और डिजाइन की प्रशंसा करते हुए कहा कि…
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में निर्वाचन आयोग की ओर से प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के किए गए तबादले…
मध्य पूर्व युद्ध के कारण ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच, नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने राज्य सरकारों…
दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने सोमवार को संकेत दिया कि सरकार निवासियों को बढ़े हुए बिजली बिलों का…
गिरफ्तार लश्कर-ए-तैबा (एलईटीटी) के ऑपरेटिव शब्बीर अहमद लोन से पूछताछ के बाद हुई नई जांच में पाकिस्तान की अंतर-सेवा खुफिया…
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए अपने 13 उम्मीदवारों की चौथी सूची…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार, 31 मार्च को वाव-थारद का दौरा करने वाले हैं, जिसके साथ वे गुजरात के विकास के…
हवाई अड्डों पर किफायती भोजन का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है, क्योंकि हाल ही में सोशल…
आगामी जनगणना 2027 को लेकर एक अहम बदलाव सामने आया है, जो सामाजिक वास्तविकताओं को ध्यान में रखते हुए किया…
विधानसभा चुनाव से पहले ‘मेरा बूथ, सबसे मजबूत संवाद’ पहल के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पुडुचेरी में…
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देश के ‘पीएम इन वेटिंग’ और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलियों और आतंकवादियों की कमर तोड़ने में अभूतपूर्व और उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।…
टीम इंडिया के विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन के कोच उत्तम मजूमदार ने कहा कि भारत बनाम पाकिस्तान टी20…
पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने युवा भारतीय क्रिकेटर अभिषेक शर्मा का बचाव किया है, जब रविवार…
हफ्तों तक चले ‘बॉयकॉट ड्रामे’ और बैन के डर से पाकिस्तान के ‘यू-टर्न’ लेने के बाद, आखिरकार…
पूर्व भारतीय क्रिकेटर नयन मोंगिया ने रविवार को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में होने वाले बहुप्रतीक्षित…
2026 टी20 विश्व कप के सबसे बहुप्रतीक्षित मुकाबलों में से एक के लिए मंच तैयार है। भारत…
2026 टी20 विश्व कप के 27वें मैच के लिए मंच तैयार है। भारत और पाकिस्तान 15 फरवरी…
मलाइका अरोड़ा एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को लेकर खबरों में हैं। राजस्थान के एक प्रसिद्ध मंदिर से उनकी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इन तस्वीरों में, अभिनेत्री हर्ष मेहता नाम के व्यक्ति के साथ नजर आ रही हैं। बता दें, पिछले कुछ समय से यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि ये दोनों एक रिश्ते में हैं।मंदिर में सादगी भरा अंदाजरविवार को मलाइका अरोड़ा और हर्ष मेहता राजस्थान के आदिनाथ जैन मंदिर पहुंचे। इस दौरान मलाइका ने बेहद साधारण सफेद कुर्ता पहना था, वहीं हर्ष नीली शर्ट में दिखे। मंदिर परिसर में मौजूद स्थानीय लोगों और प्रशंसकों ने उनके साथ खूब सेल्फी लीं। भीड़ को देखते हुए वहां के अधिकारियों को व्यवस्था संभालने के लिए बीच-बचाव करना पड़ा। इस दौरान दोनों ने प्रशंसकों के साथ काफी गर्मजोशी से मुलाकात की। View this post on Instagram A post shared by Mamaraazzi (@mamaraazzi) इसे भी पढ़ें:…
महाराष्ट्र के सतारा जिले में स्थित पंचगनी एक प्रसिद्ध और शांत हिल स्टेशन है। ‘पंचगनी’ नाम का अर्थ…
बिहार सरकार की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और प्रशिक्षित मानव संसाधन की कमी को दूर करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। सरकार द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि बिहार के सभी 9 प्रमंडल में 1-1 एएनएम प्रशिक्षण संस्थान, सभी जिलों में 1-1 जीएनएम संस्थान खोले जाएंगे। वहीं हर जिले में एक पारा मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी। इस महत्वकांक्षी योजना को वित्तीय साल 2026-27 से लागू करने का फैसला लिया गया है। सरकार द्वारा लक्ष्य तय किया गया है कि एक साल के अंदर इन संस्थानों की स्थापना की प्रक्रिया पूरी कर ली…
इंडिगो ने मंगलवार को घोषणा की कि उसने विली वॉल्श को अपना नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया…
जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया कच्चे माल की बढ़ती लागत के असर को आंशिक रूप से कम करने के लिए एक…
हवाई यात्रियों के लिए एक बड़ा बदलाव आने वाला है, जिससे फ्लाइट में सीट चयन को लेकर लंबे समय से…
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) और प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल ने देशभर में अधिकृत आधार केंद्रों को गूगल मैप पर प्रदर्शित…
उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि एक ही कर्ज के लिए मूल कर्जदार और उसके कॉरपोरेट गारंटर दोनों के…
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वर्ष 2021 में बैंक लॉकर सुविधा के लिए विभिन्न संशोधित दिशानिर्देश जारी किए, जो विगत 1 जनवरी 2022 से लागू हैं। इनके तहत बैंक लॉकर से सामान गायब होने पर बैंक की जिम्मेदारी तय की गई है। साथ ही ग्राहक की लापरवाही के बारे में भी नियमसम्मत जानकारी उपलब्ध कराई गई है ताकि किसी भी प्रकार का नीतिगत विरोधाभास नहीं बचे। यही वजह है कि बैंक लॉकर के धंधे में तेजी आई है।इस बारे में मुख्य गाइडलाइंस निम्नलिखित है- आरबीआई के अनुसार, बैंक लॉकर की सामग्री का इन्वेंटरी रखने या उसके मूल्य की जांच करने का अधिकार बैंक को नहीं है।हां, लॉकर हायरर को अवैध या खतरनाक वस्तुएं रखने की मनाही है, और बैंक को अपनी सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी होती है। इसलिए लॉकर एग्रीमेंट में ये शर्तें शामिल होनी चाहिए।इसे भी पढ़ें: नए इनकम टैक्स ड्राफ्ट नियमों के बीच चर्चा में आई Old Regime,…
प्रस्तावित ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स, 2026 पुराने बनाम नए टैक्स सिस्टम की बहस को चुपचाप बदल सकता है। हालांकि इनकम टैक्स एक्ट, 2025 ने एक बड़ा स्ट्रक्चरल रीसेट और टैक्स की भाषा को आसान बनाया, लेकिन ज़्यादातर टैक्सपेयर्स के लिए असली सवाल आसान है: क्या मैं ज़्यादा टैक्स बचाऊंगा? नया एक्ट और नियम 1 अप्रैल, 2026 (टैक्स साल 2026–27) से लागू होंगे। नए इनकम टैक्स ड्राफ्ट नियम 2026 के सामने आने के बाद एक बार फिर Old Tax Regime चर्चा में है। अब तक सरलता और कम दरों के कारण New Tax Regime को बढ़त मिल रही थी, लेकिन प्रस्तावित बदलावों ने पुराने सिस्टम को फिर प्रतिस्पर्धी बना दिया है।हालांकि ये नियम अभी ड्राफ्ट फॉर्म में हैं, लेकिन ये सिर्फ प्रोसेस और लिमिट बदलने से कहीं ज़्यादा हैं। ड्राफ्ट नियम चुपचाप यह बताते हैं कि कई नई छूट, एग्ज़ेम्प्शन और ज़्यादा लिमिट से मुख्य रूप से पुराने टैक्स सिस्टम के तहत…
देश में समय के साथ लोकतंत्र के परिपक्कव होने के बजाए कमजोर होने की आहट आ रही है। आजादी के बाद देश में ऐसा पहली बार हुआ है कि संवैधानिक संस्थाओं को पक्षपात के आरोपों के कारण कटघरे में खड़ा किया जा रहा है। इन संस्थाओं के कामकाज के तौर—तरीकों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इन पर पूरी तरह से सत्तारुढ केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के इशारों पर काम करने करने और विपक्ष के अधिकारों को दबाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोपों के इस घेरे में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के सभापति रहे जगदीप धनखड़, भारत के नियंत्रक-महालेखा परीक्षक और अब मुख्य चुनाव आयुक्त आ चुके हैं।लोकसभा स्पीकर को हटाने के लिए 118 विपक्षी सांसदों के समर्थन से अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। विपक्षी सांसदों का दावा था कि ओम बिरला ने “पक्षपातपूर्ण व्यवहार” दिखाया है और उनका कार्यालय अपेक्षित निष्पक्षता बनाए रखने में विफल…
धर्म, जाति और धर्मांतरण का प्रश्न भारत के सामाजिक, संवैधानिक और राष्ट्रीय जीवन से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील और जटिल विषय है। हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिया गया यह निर्णय कि यदि अनुसूचित जाति का कोई व्यक्ति हिन्दू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म को स्वीकार कर लेता है तो वह अनुसूचित जाति का संवैधानिक दर्जा और उससे जुड़े लाभों का अधिकारी नहीं रहेगा, केवल एक सामान्य कानूनी निर्णय नहीं है, बल्कि यह भारतीय संविधान की मूल भावना, सामाजिक न्याय की अवधारणा और राष्ट्रीय एकता की आवश्यकता को ध्यान में रखकर दिया गया एक दूरगामी और ऐतिहासिक निर्णय है। इस निर्णय को भारतीय न्याय व्यवस्था की परिपक्वता, संतुलन और दूरदर्शिता का प्रतीक कहा जा सकता है।भारत में अनुसूचित जाति की व्यवस्था का निर्माण किसी धर्म विशेष को लाभ देने के लिए नहीं किया गया था, बल्कि उन सामाजिक वर्गों को संरक्षण और अवसर देने के लिए किया…
धार्मिक स्थलों को बंदरों से क्यों नही मिलती मुक्ति। सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यह है कि इन स्थानों पर आने वाले श्रृद्धालु कब तक इनके आंतक झेलते रहेंगे? कब तक इनका शिकार होते रहेंगे?हाल में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु अपने कार्यकाल में 19 मार्च को वृंदावन आईं। वे दूसरी बार यहां आईं है। इससे पहले इसी पद पर रहते हुए प्रणब मुखर्जी व रामनाथ कोविंद भी अपने कार्यकाल में दो बार वृंदावन आए थे। लेकिन, राष्ट्रपति मुर्मु वृंदावन के तीन दिवसीय प्रवास पर आने वाली पहली राष्ट्रपति हैं। देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्रप्रसाद, ज्ञानी जैल सिंह एक बार वृंदावन आए। उपराष्ट्रपति पद पर रहते हुए डॉक्टर शंकरदयाल शर्मा, आर वेंकटरामन, डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन भी वृंदावन अपनी धार्मिक यात्रा पर आ चुके हैं।इसे भी पढ़ें: President Murmu के Vrindavan दौरे से पहले हाई अलर्ट, चश्मा चोर बंदरों को डराएंगे लंगूर के कटआउटनिवर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी दो बार वृंदावन आए। आश्रय…
आजकल आधार कई सरकारी सर्विस और स्कीम का एक ज़रूरी हिस्सा बन गया है। आधार का इस्तेमाल लगभग हर सर्विस में पहचान वेरिफिकेशन के लिए किया जाता है, चाहे वह बैंक अकाउंट हो, मोबाइल नंबर हो, गैस सब्सिडी हो या पेंशन हो। ऐसे में पेंशन अकाउंट, खासकर EPF (एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड) से आधार को लिंक करना फायदेमंद साबित हो सकता है। हालांकि पेंशन अकाउंट से आधार को लिंक करना ज़रूरी नहीं है, लेकिन इससे आपकी पहचान और डॉक्यूमेंट्स को वेरिफाई करना आसान हो जाता है। इससे भविष्य में क्लेम, पेंशन ट्रांसफर और दूसरी सर्विस में देरी की संभावना कम हो सकती है। अच्छी बात यह है कि आप आसानी से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से अपने पेंशन अकाउंट से आधार को लिंक कर सकते हैं। सरकार द्वारा विभिन्न पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता और लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित करने के लिए आधार लिंकिंग को महत्वपूर्ण बनाया गया है। पेंशन खाते…
वर्ष 2017 में विधानसभा चुनावों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बनी भाजपा गठबंधन की सरकार ने नौ वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। इन नौ वर्षों में सरकार ने कानून व्यवस्था, सांस्कृतिक पुनर्जागरण तथा विकास के अनेक प्रतिमान गढ़े हैं। अपनी उपलब्धियों को जन जन तक पहुँचाने के लिए सरकार ने, ”नवनिर्माण के नौ वर्ष” नामक पुस्तक का प्रकाशन भी किया है। वर्ष 2017 के पूर्व उत्तर प्रदेश अराजकता के जाल में फंसा हुआ था। छोटी -छोटी बातों पर फसाद हो जाते थे। कानून और व्यवस्था की बुरी स्थिति के कारण निवेशक यहां आने से डरते थे। मुस्लिम तुष्टिकरण चरम पर था। लोग उल्टा प्रदेश कहकर प्रदेश का उपहास करते थे। 2017 में योगी जी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनने के बाद से इस स्थिति में व्यापक परिवर्तन हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि अब प्रदेश की पहचान का संकट समाप्त हो चुका है,…
आजकल व्यक्तिगत पहचान के लिए आधार नम्बर का इस्तेमाल अनिवार्य हो चुका है। ऐसे में ऐन वक्त पर यदि आधार ऑथेंटिकेशन फेल हो जाए, तो लोगों के परेशान होना स्वाभाविक है। ऐसी समस्या प्रायः सर्वर डाउन होने या गलत नम्बर दर्ज रहने से आती है। जानकारों का कहना है कि आधार ओटीपी (OTP) न आने या ऑथेंटिकेशन फेल होने की समस्या आम है, जो मोबाइल नंबर, नेटवर्क या सर्वर से जुड़ी हो सकती है। इसलिए आइए हमलोग यहां जानते हैं कि इसका मुख्य कारण क्या है और इसका समाधान क्या हो सकता है। इस आम समस्या के मुख्य कारण की बात करें तो गलत या अपंजीकृत नंबर इसका पहला कारण समझा जाता है। आमतौर पर आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर किसी कारण बस बंद रहना, या उसका बदल जाना या फिर कभी लिंक ही न किया जाना इसकी वहज हो सकती है।इसे भी पढ़ें: क्या आप भी हैं किसी के लोन…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पहली और दूसरी सूची जारी कर साफ संकेत दे दिया है कि इस बार वह आधी अधूरी तैयारी के साथ नहीं बल्कि पूरी ताकत, पूरी रणनीति और पूरी आक्रामकता के साथ मैदान में उतरी है। खासतौर पर दूसरी सूची में 111 उम्मीदवारों के नामों पर नजर डालने पर पता चलता है कि एक एक सीट पर गहरे मंथन के बाद उम्मीदवार तय किये गये हैं। हम आपको बता दें कि हिंगलगंज से रेखा पात्रा, खड़दह से कल्याण चक्रवर्ती, सोनारपुर दक्षिण से रूपा गांगुली, मथाभांगा से निसिथ प्रमाणिक, चोपड़ा से शंकर अधिकारी, बैरकपुर से कौस्तव बागची, कमरहाटी से अरूप चौधरी जैसे नाम सीधे चुनावी मुकाबले को और दमदार बना रहे हैं। इसके अलावा एंटाली से प्रियंका तिबरेवाल और मणिकतला से तपस रॉय जैसे उम्मीदवार राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखते हैं।अगर पहली सूची पर नजर डालें तो…
घर से बाहर दूसरे शहर में काम करने वाली कामकाजी महिलाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है रहने-खाने के लिए एक सुरक्षित ठिकाने की खोज। इस समस्या का समाधान बिहार सरकार ने निकाला है। वहीं, पटना के IAS कॉलोनी, (रूपसपुर) में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास – ‘आकांक्षा’ का शुभारंभ किया गया है। मुजफ्फरपुर, पटना के बाद अब गयाजी, दरभंगा और भागलपुर में भी ऐसे ही छात्रावास खोलने की योजना है। इसका संचालन महिला बाल विकास निगम के तहत किया जाता है। इसमें 50 महिलाओ के रहने की सुविधा है। छात्रावास में अधीक्षक, सहायक अधीक्षक, रसोइया समेत अन्य आवश्यक कर्मी भी मौजूद होंगे।महंगे शहरों में पढ़ाई या नौकरी के दौरान सस्ती और सुरक्षित रहने की व्यवस्था बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में कई राज्य सरकारें और संस्थाएं कम लागत वाले छात्रावास संचालित करती हैं, जिनमें ‘आकांक्षा’ जैसे मॉडल खासे लोकप्रिय हो रहे हैं। सीमित बजट, करीब 3000 रुपये मासिक…
Supporting Student Journalist.
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