अदिति खन्ना
लंदन, 29 अगस्त ब्रिटेन ने नेपाल में आई भयानक बाढ़ से प्रभावित अपने 33 नागरिकों की मदद के लिए एक ‘त्वरित प्रतिक्रिया दल’ भेजा है। इस बीच, उनके परिवार वाले, जिनमें से कई ब्रिटिश-भारतीय शामिल हैं, लगातार उनके लिए प्रार्थना कर रहे हैं। विदेश, राष्ट्रमंडल एवं विकास कार्यालय (एफसीडीओ) ने कहा कि यह दल शनिवार से काठमांडू में काम शुरू कर देगा।
यह दल जमीनी स्तर पर अतिरिक्त मदद देगा और हवाईअड्डे पर ब्रिटिश नागरिकों के लिए सहायता का समन्वय करेगा। यह राहत और पुनर्वास के लिए पहले से वादा की गई 50 लाख पाउंड की मानवीय सहायता के अलावा है। बुधवार को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर के ढहने से बर्फ और चट्टानों का मलबा नीचे की ओर बह निकला।
इसके साथ पानी, कीचड़ और मलबा तेजी से आया, जिसने मध्य नेपाल में बस्तियों को तबाह कर दिया, जरूरी बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया और पनबिजली केंद्रों को बहा ले गया। इस हादसे में मरने वालों की संख्या 600 के पार पहुंच गई, जबकि 2,400 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में रुक-रुक कर हो रही बारिश के बीच, बचाव दलों ने लगभग 2,500 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालस है, जिनमें 163 विदेशी भी शामिल थे।
खोज और बचाव कार्यों के लिए 11,000 से ज़्यादा सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें 5,000 से अधिक नेपाली सेना के जवान शामिल हैं। उम्मीद है कि ब्रिटेन के खास तौर पर प्रशिक्षित किए गए संकट-प्रबंधन कर्मचारी दूतावास को कामकाज में मदद करेंगे, स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर तालमेल बिठाएंगे, लापता रिश्तेदारों के बारे में जानकारी चाहने वालों की मदद करेंगे और स्थानीय अधिकारियों व आपातकालीन सेवा कर्मियों के साथ संपर्क बनाए रखेंगे। ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड ने कहा, “नेपाल से आ रही तस्वीरें दिल दहला देने वाली हैं और हमारी संवेदनाएं प्रभावित लोगों के साथ हैं।”
उन्होंने शुक्रवार को कहा, “ब्रिटिश नागरिकों की सुरक्षा और भलाई हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
इसीलिए हम नेपाल में एक ‘त्वरित तैनाती दल’ भेज रहे हैं, ताकि इस बेहद मुश्किल समय में वहां मौजूद ब्रिटिश नागरिकों और उनके परिवारों को अतिरिक्त मदद दी जा सके।”
उन्होंने कहा, “हमारे कर्मचारी नेपाली अधिकारियों, आपातकालीन सेवा कर्मियों और काठमांडू में हमारे दूतावास के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि प्रभावित लोगों को जरूरी मदद और जानकारी मिल सके। इस त्रासदी से प्रभावित ब्रिटिश नागरिकों की मदद के लिए हम हर संभव प्रयास करते रहेंगे।”
इस आपदा में फंसे 33 ब्रिटिश नागरिकों के परिवार वाले ब्रिटेन में लगातार प्रार्थना कर रहे हैं। इनमें साउथ लंदन के सनातन मंदिर और सामुदायिक केंद्र के ब्रिटिश भारतीय भी शामिल हैं, जो मंदिर द्वारा आयोजित तीर्थयात्रा के तहत कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे।
प्रबंधक सचिन बागला ने कहा कि वे प्रार्थना कर रहे हैं कि बुधवार को अचानक आई बाढ़ में फंसे लोग सुरक्षित रहें। एफसीडीओ ने कहा कि नेपाल में मौजूद जिन ब्रिटिश नागरिकों को दूतावास संबंधी मदद की जरूरत है, उन्हें काठमांडू में ब्रिटिश दूतावास से संपर्क करना चाहिए।
