प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिये गये फैसलों की जानकारी केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कांफ्रेंस में दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने देश में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत, पारदर्शी तथा तकनीक आधारित बनाने के उद्देश्य से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सार्थक पीडीएस योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत अगले पांच वर्षों में केंद्र सरकार लगभग पच्चीस हजार पांच सौ तीस करोड़ रुपये खर्च करेगी।
उन्होंने बताया कि यह योजना दो मौजूदा योजनाओं को मिलाकर तैयार की गई है। इनमें राज्यों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत खाद्यान्न के राज्य के भीतर परिवहन तथा उचित मूल्य की दुकानों के विक्रेताओं के मार्जिन के लिए सहायता योजना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में तकनीक आधारित सुधारों के लिए स्मार्ट पीडीएस योजना शामिल हैं। इन दोनों योजनाओं को एकीकृत कर सार्थक पीडीएस नामक व्यापक योजना बनाई गई है, जिसका उद्देश्य खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को अंतिम छोर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।
सरकार का कहना है कि इस योजना से देश के 81 करोड़ पैंतीस लाख लाभार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। योजना के माध्यम से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को खाद्यान्न परिवहन, भंडारण और उचित मूल्य की दुकानों के संचालन के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। साथ ही राशन दुकानदारों के कमीशन में भी सुधार किया जाएगा ताकि वितरण व्यवस्था अधिक मजबूत बन सके। यह योजना 31 मार्च 2031 तक लागू रहेगी।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से और अधिक सक्षम बनाने पर विशेष जोर दे रही है। इसके तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण और ब्लॉकचेन जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। योजना के अंतर्गत एकीकृत डाटाबेस, वास्तविक समय निगरानी प्रणाली, शिकायत निवारण तंत्र और राज्य स्तरीय नियंत्रण केंद्र विकसित किये जाएंगे। इससे खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी, गड़बड़ियों पर रोक लगेगी और लाभार्थियों को समय पर सुविधा मिल सकेगी।
उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के डिजिटलीकरण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं। राशन कार्डों का पूर्ण डिजिटलीकरण, आधार से जोडना, ई-पोस मशीनों के माध्यम से उचित मूल्य की दुकानों का स्वचालन, ऑनलाइन आवंटन तथा आपूर्ति श्रृंखला का कंप्यूटरीकृत प्रबंधन पहले से लागू किया जा चुका है। मेरा राशन, अन्न मित्र, राइटफुल टारगेटिंग डैशबोर्ड और अन्न सहायता जैसे नागरिक केंद्रित मंचों ने भी व्यवस्था को अधिक सुगम बनाया है। सरकार का मानना है कि सार्थक पीडीएस योजना इन सुधारों को और आगे ले जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के विभिन्न हिस्सों में बढ़ती गर्मी और लू की स्थिति को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने और सावधानी बरतने की अपील की है। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, बाहर निकलते समय पानी साथ रखने और जरूरतमंद लोगों को पानी उपलब्ध कराने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने बाद में एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अत्यधिक गर्मी के दौरान चक्कर आना, उल्टी जैसा महसूस होना और अत्यधिक थकान जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति अस्वस्थ महसूस करे तो उसे तुरंत ठंडी और छायादार जगह पर ले जाकर पानी तथा ओआरएस उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और खुले में काम करने वाले लोगों को अधिक सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि लू के संकेतों को अनदेखा करना गंभीर खतरा पैदा कर सकता है और हीट स्ट्रोक की स्थिति बन सकती है। प्रधानमंत्री ने लोगों से अपने माता पिता, दादा दादी और अन्य बुजुर्ग परिजनों का नियमित हालचाल लेने तथा उन्हें दोपहर के समय बाहर न निकलने और पर्याप्त आराम करने की सलाह देने को कहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों से इस भीषण गर्मी में पक्षियों और जानवरों के प्रति भी संवेदनशीलता दिखाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि घरों, बालकनी, छतों, दुकानों और कार्यालयों के बाहर पानी से भरे बर्तन रखने चाहिए ताकि प्यासे पक्षियों और जानवरों को राहत मिल सके। प्रधानमंत्री ने कहा कि कठिन समय में करुणा और सहयोग की भावना समाज को मजबूत बनाती है।
उधर, प्रधानमंत्री के निर्देश पर गठित मंत्रियों की समिति की बैठक आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई। हम आपको बता दें कि यह समिति पश्चिम एशिया में संघर्ष की स्थिति और उसके भारत पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों की निगरानी के लिए बनाई गई है। बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की उपलब्धता, आवश्यक वस्तुओं और उर्वरकों की आपूर्ति तथा आर्थिक उपायों की समीक्षा की गई। समिति ने विभिन्न मंत्रालयों के बीच समन्वय बनाये रखते हुए किसी भी भू-राजनीतिक या आर्थिक परिस्थिति से निपटने के लिए देश की रणनीतिक तैयारी को मजबूत करने पर जोर दिया।
बहरहाल, यह कहा जा सकता है कि केंद्र सरकार के फैसले यह दर्शाते हैं कि मोदी सरकार आम नागरिकों के जीवन को अधिक सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। एक ओर जहां सार्थक पीडीएस जैसी योजना के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद लोगों तक खाद्यान्न की पारदर्शी और प्रभावी आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है, वहीं भीषण गर्मी के दौरान लोगों, बुजुर्गों, श्रमिकों तथा पशु पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने की प्रधानमंत्री की अपील सरकार के मानवीय दृष्टिकोण को भी सामने लाती है। साथ ही वैश्विक परिस्थितियों पर नजर रखते हुए देश की ऊर्जा और आर्थिक सुरक्षा के लिए उच्चस्तरीय समिति की सक्रियता यह स्पष्ट करती है कि सरकार जनहित, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।