बारिश की कमी से राज्य के कई इलाकों में फसलों को हुए नुकसान को लेकर राज्य सरकार ने बृहस्पतिवार को घोषणा की है कि प्रभावित किसानों को तुरंत आर्थिक मदद प्रदान की जाएगी। इसके लिए 25 सितंबर को आदेश जारी किया जाएगा। साथ ही एक मंत्रिमंडलीय उप-समिति का गठन किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की अध्यक्षता में यह उप-समिति पूरे राज्य में सूखे जैसे हालात की निगरानी करेगी और सरकार से तुरंत राहत उपायों को लेकर सिफारिश करेगी। वाशिम जिले के सूखा प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद अमरावती हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए फडणवीस ने स्वीकार किया कि स्थिति ‘‘अत्यंत गंभीर’’ है और कहा कि महायुति सरकार केंद्र से वित्तीय सहायता का इंतजार किए बिना, राज्य के सूखा राहत कोड के पहले चरण ( ट्रिगर 1 – शुरुआती आकलन) के तहत ही किसानों को तुरंत मदद प्रदान करेगी। उन्होंने कहा, किसानों को सहायता राशि देने का आदेश कल जारी कर दिया जाएगा।
फडणवीस ने यह भी कहा कि ऐसी संभावना है कि पहले चरण के तहत कुछ इलाके छूट गए हों, ऐसे क्षेत्रों को तीसरे ट्रिगर (चरण) के तहत शामिल किया जाएगा। सूखे जैसे हालात के बीच फसलों और पानी की स्थिति का जायजा लेने के लिए वाशिम के कारंजा तालुका के म्हसाला, मंगरुलपीर तालुका के मोहगव्हाण और मालेगांव तालुका के जौल्का गांव का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने किसानों से बातचीत की और सोयाबीन तथा तुअर (अरहर) की बर्बाद फसलों का निरीक्षण किया।
फडणवीस ने किसानों से चर्चा करते हुए कहा, हमने आज खेतों का निरीक्षण किया है। कल हम सूखे पर सरकारी आदेश (जीआर) जारी करेंगे और सभी किसानों की मदद करेंगे। उन्होंने कहा, कहीं भी पानी नहीं है।
फसलें सूख गई हैं, खासकर सोयाबीन की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। किसानों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने स्वीकार किया कि बारिश न होने से खेती, चारे और पीने के पानी से जुड़ी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
राहत उपायों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पहले ही कर्ज माफी शुरू कर चुकी है और इसे जल्द पूरा करेगी, जबकि बिजली के बिल भी माफ कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिन किसानों को कर्ज माफी मिल चुकी है, बैंकों नियमों के अनुसार उन्हें नया ऋण प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंकों से कहा जाएगा कि वे इस मुश्किल समय में किसानों से कर्ज की वसूली न करें।
शिवसेना (उबाठा) नेता उद्धव ठाकरे की उस मांग पर, जिसमें उन्होंने स्थिति पर चर्चा के लिए महाराष्ट्र विधानमंडल का विशेष सत्र बुलाने का आग्रह किया था, फडणवीस ने कहा कि यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा, जब हमारे किसान संकट में हैं, तो राजनीति क्यों होनी चाहिए? हम इस बात पर ध्यान देंगे कि किसानों की मदद कैसे की जाए।
