दुर्गा पूजा से पहले कोलकाता में हाल में रंगी गई एक सड़क पर मोटरसाइकिल सवारों के फिसलने के वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिसके बाद विपक्षी दलों और पर्यावरणविदों ने सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। विपक्षी दलों तथा पर्यावरणविदों ने सड़कों पर इस्तेमाल किए गए रंगों की उपयुक्तता पर सवाल उठाए। एक अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घटना की जांच का आदेश दिया है और कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय कुमार नंद को इसकी जांच का जिम्मा सौंपा है।
पश्चिम बंगाल सरकार ने शहर की कई सड़कों की सामान्य काली पिच या डामर वाली सतह को चमकीले रंगों से रंगा है। शहरी विकास एवं नगर निकाय मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि दक्षिण कोलकाता में गरियाहाट फ्लाईओवर, पूर्वी कोलकाता में चिंगरीघाटा फ्लाईओवर और शहर के मध्य में रेड रोड के एक हिस्से को सुरक्षा दिशानिर्देशों को ध्यान में रखते हुए इंद्रधनुषी रंगों से रंगा गया है। पॉल ने संवाददाताओं को बताया कि शहर को सुंदर बनाने और उसकी सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए पार्क सर्कस के सेवन प्वाइंट क्रासिंग और गरियाहाट फ्लाईओवर के पास पारंपरिक बंगाली सजावटी कला ‘अल्पना’ भी बनाई गई है।
मंत्री ने कहा कि ये रंग कुछ महीनों में उतर जाएंगे। दिन के दौरान चिंगरीघाटा फ्लाईओवर पर बारिश से गीली हुई इंद्रधनुषी रंगों वाली सड़क पर बाइक सवारों के फिसलने के वीडियो वायरल हुए। हालांकि, पीटीआई-भाषा इन वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सकी।
पॉल ने बाद में कहा, “मुख्यमंत्री ने हमें रंग से रंगने को लेकर मिली शिकायतों की जांच करने का निर्देश दिया है। कोलकाता पुलिस आयुक्त से भी इस मामले की जांच करने को कहा गया है।”
कांग्रेस, ममता बनर्जी की अगुवाई वाली अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) और माकपा ने दुर्गा पूजा से पहले शुरू की गई इस सौंदर्यीकरण पहल के सुरक्षा संबंधी प्रभावों पर सवाल उठाए। ममता बनर्जी की एआईटीसी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हाल में रंगा गया फ्लाईओवर मौत का जाल बन गया है।
बारिश की पहली बौछार के साथ ही बाइक फिसलने की घटनाएं सामने आ रही हैं।’’
पार्टी ने इस मामले में पॉल से जवाबदेही तय करने की मांग की। पार्टी ने वीडियो साझा करते हुए कहा, ‘‘बंगाल के लोग सुरक्षित सड़कें चाहते हैं, खतरनाक बुनियादी ढांचा नहीं।’’
प्रदेश कांग्रेस के महासचिव आशुतोष चटर्जी ने भी पॉल और कोलकाता नगर निगम की आयुक्त एवं प्रशासक स्मिता पांडे को पत्र लिखकर सड़क पर सामान्य पेंट के इस्तेमाल से पैदा होने वाले संभावित सुरक्षा जोखिमों की ओर ध्यान दिलाया। चटर्जी ने अपने पत्र में कहा कि वाहनों की आवाजाही के लिए बनी सड़कों पर चमकदार पेंट का मनमाने ढंग से इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे टायरों की पकड़ कमजोर हो सकती है और फिसलने की आशंका बढ़ सकती है।
माकपा नेता पार्थ प्रतिम विश्वास ने भी फ्लाईओवर की सड़कों को रंगने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ‘‘चमकीले और चिकने पेंट का इस्तेमाल सड़क सुरक्षा नियमों के खिलाफ है और सड़क निर्माण के सिद्धांतों का उल्लंघन करता है। इससे खासकर बारिश के दौरान मोटर चालकों और बाइक सवारों की जान को खतरा होता है।’’
पर्यावरणविद् सोमेंद्र मोहन घोष ने पीटीआई-भाषा से कहा कि शहर को सुंदर बनाने की कोई भी पहल स्वागतयोग्य है, लेकिन मोटर वाहनों की आवाजाही वाली सड़कों पर ऐसे पेंट के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
घोष ने बताया कि उन्होंने इस मामले में पॉल और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, दोनों को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं चिंतित हूं। वाहनों के चलने वाली सड़क पर चमकदार ऑयल पेंट खतरनाक है और इसकी अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
सामान्य घरेलू पेंट से सड़क पर टायरों के चलने वाले पूरे हिस्से को कभी नहीं रंगना चाहिए।’’
घोष ने कहा, ‘‘चमकदार पेंट एक चिकनी परत बना देता है। जब यह पानी, तेल या डीजल से गीला होता है, तो घर्षण गुणांक बहुत कम हो जाता है। इससे दोपहिया वाहन और कारें फिसल सकती हैं।’’
पर्यावरण एवं सामाजिक कार्यकर्ता नबा दत्ता ने सवाल उठाया कि क्या सड़कों को चमकीले रंगों से रंगने के उद्देश्य को पर्याप्त रूप से स्पष्ट किया गया है और क्या इस पहल में सड़क का इस्तेमाल करने वाले लोगों पर पड़ने वाले प्रभावों को महत्व दिया गया है।
