केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे महत्वपूर्ण विधेयकों पर बहस में हिस्सा लेकर संसद के सुचारू कामकाज में सहयोग करें, न कि बाद में बिना चर्चा के कानून पारित करने के लिए सरकार की आलोचना करें। लोकसभा को संबोधित करते हुए रिजिजू ने बताया कि उस दिन जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक पारित किया गया और सभी सदस्यों को बहस में भाग लेने का मौका दिया गया।
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रिजिजू ने कहा कि माननीय चेयरमैन सर, आज एक अहम बिल पास हुआ और हम चाहते थे कि इसमें सभी हिस्सा लें। बिज़नेस एडवाइज़री कमिटी में इसके लिए समय तय किया गया था। आप लोगों को बाहर जाकर यह नहीं कहना चाहिए कि बिना चर्चा के बिल क्यों पास किया गया? उन्होंने आगे कहा कि आप न्यूज़ में जाकर कहते हैं कि सरकार बिल पर चर्चा नहीं करती। वे बिना चर्चा के बिल पास कर देते हैं। आप हम पर ऐसा आरोप नहीं लगा सकते। आपने अपना मौका गंवा दिया है।
रिजिजू ने यह भी कहा कि उन्होंने कांग्रेस सांसदों से बार-बार चर्चा में शामिल होने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि मैंने कांग्रेस के साथियों से बार-बार जन्म और मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक पर चर्चा करने का आह्वान किया है, जिसे आज पारित किया गया है। लेकिन विपक्ष के किसी भी साथी ने इस विधेयक पर चर्चा में भाग नहीं लिया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। कृपया भविष्य में ऐसा न करें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सांसदों को जनता द्वारा मुद्दों को उठाने और संसदीय बहसों में भाग लेने के लिए चुना जाता है।
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उन्होंने कहा कि जनता पूछेगी कि हमने आपको संसद में बोलने के लिए भेजा है, लेकिन आप विधेयक पर चर्चा में भाग नहीं लेते। विपक्ष के ज़ोरदार विरोध के बीच, लोकसभा की कार्यवाही बाद में सोमवार, 3 अगस्त को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
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