पुणे के 25 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में पुणे रूरल पुलिस ने रविवार को मर्डर सीन रीक्रिएट किया। इसके लिए पुलिस सिया गोयल और उसके कथित लवर चेतन चौधरी को लोहागढ़ किले की उसी पहाड़ी पर ले गई, जहां से उन्होंने केतन को धकेलकर मौत के घाट उतारा था। घटना के करीब 10 दिन बाद पुलिस दोनों आरोपियों को ठीक उसी जगह पर लेकर गई, ताकि 18 जून को हुए इस खौफनाक मर्डर के पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को एक साथ जोड़ा जा सके।
पुलिस कमिश्नर ने कहा, स्पॉट पर जाकर समझी पूरी टाइमलाइन
पुणे रूरल पुलिस के सुपरिटेंडेंट संदीप सिंह गिल ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि आरोपियों को लोहागढ़ किले के उसी सटीक पॉइंट पर ले जाया गया था जहां से केतन को नीचे गिराया गया था। पुलिस वहां पूरा सीन रीक्रिएट कर रही है कि उन्होंने कौन सा रास्ता लिया, दोनों आरोपी कहां पर खड़े थे, उन्होंने केतन को कैसे घेरा और पूरी वारदात को किस तरह अंजाम दिया। आरोपियों ने पुलिस के सामने इस घटना से जुड़े कई अहम खुलासे भी किए हैं।
मंगेतर को अलग और प्रेमी को अलग ले गई पुलिस
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि मुख्य आरोपी सिया गोयल को सबसे पहले उस सटीक लोकेशन पर ले जाया गया जहां से उसने और चेतन ने मिलकर केतन को नीचे धकेला था। जांच को बिना किसी कन्सफ्यूजन के पूरा करने के लिए पुलिस चेतन चौधरी को अलग से किले पर लेकर जाएगी। इस रीक्रिएशन से पुलिस को यह जानने में मदद मिलेगी कि आरोपियों ने पूछताछ के दौरान जो दावे किए हैं, वे कितने सच हैं और घटना के वक्त उनकी असल पोजीशन क्या थी।
वीडियो रिकॉर्डिंग और सीक्रेट सिग्नल की जांच जारी
इस पूरी ‘क्राइम सीन रीक्रिएशन’ की बकायदा वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही है ताकि इसे कोर्ट में पुख्ता सबूत के तौर पर पेश किया जा सके। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि दोनों आरोपी किले तक कैसे पहुंचे और वारदात से ठीक पहले सिया ने चेतन को क्या इशारा दिया था। इसके साथ ही पुलिस इस एंगल को भी वेरिफाई कर रही है कि चेतन चौधरी बिना टिकट लिए किले के अंदर कैसे घुसा और वह लगातार इस कपल को कैसे ट्रैक कर रहा था।