कोच्चि, नौ अक्टूबर केरल उच्च न्यायालय ने रेलवे को केरलम के नीलांबुर और कर्नाटक के नंजनगुड को जोड़ने वाली प्रस्तावित रेल लाइन के लिए 14 अक्टूबर तक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश सौमेन सेन और न्यायमूर्ति श्याम कुमार वी. एम. की पीठ ने रेलवे को 14 अक्टूबर को एक हलफनामा दाखिल कर यह बताने का भी निर्देश दिया कि क्या डीपीआर को मंजूरी और स्वीकृति के लिए सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया है या नहीं। यह आदेश कोझिकोड स्थित ‘कैंसर एंड एलाइड एलमेंट रिसर्च (केयर) फाउंडेशन’ के अध्यक्ष की याचिका पर आया।
यह फाउंडेशन ‘एमवीआर कैंसर सेंटर एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट’ का संचालन करता है। ‘केयर’ के अध्यक्ष सी. एन. विजयकृष्णन ने याचिका में दावा किया है कि मालाबार क्षेत्र में रेलवे संपर्क सुविधा होना बेहद जरूरी है, लेकिन उनके कई बार अनुरोध करने के बावजूद अधिकारी इस पर विचार नहीं कर रहे। इसके बाद, इस साल जुलाई में दक्षिण रेलवे ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि रेलवे बोर्ड ने नीलांबुर-नंजनगुड रेल परियोजना के लिए अंतिम स्थल सर्वेक्षण (एफएलएस) कराने की मंजूरी दे दी है।
पीठ ने कहा, ‘‘हलफनामा 27 जुलाई 2026 को दायर किया गया था। हम उम्मीद करते हैं कि अब तक डीपीआर तैयार हो चुकी होगी और यदि नहीं हुई है तो इसे अगली सुनवाई की तारीख (14 अक्टूबर) तक तैयार कर लिया जाए और हलफनामे के रूप में इस अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। हलफनामे में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख होना चाहिए कि क्या नीलांबुर-नंजनगुड रेलवे परियोजना की मंजूरी और स्वीकृति के लिए डीपीआर को सक्षम प्राधिकारी के समक्ष रखा गया है या नहीं।
