मुंबई, आठ अक्टूबर यहां सामने आए एक असामान्य अदालती घटनाक्रम में, आईएसआईएस मॉड्यूल मामले में गिरफ्तार एक व्यक्ति ने बृहस्पतिवार को पीठासीन न्यायाधीश को धमकी दी और साथ ही मौजूदा सरकार और न्यायपालिका का भी अनादर किया। उसके इस हंगामे के बाद, अदालत ने निर्देश दिया कि अगले आदेश तक आरोपी को केवल वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से ही पेश किया जाए। अदालत ने कहा, ‘‘वह केवल मुकदमे की कार्यवाही से बचने के लिए मानसिक समस्या होने का नाटक कर रहा है।’’
साल 2023 में गिरफ्तार किए गए आरोपी ताबिस सिद्दीकी ने विशेष राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) न्यायाधीश अभय जोगलेकर के सामने पेश किए जाने पर अदालत का नाम पूछते हुए दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया।
सिद्दीकी ने कहा कि उसे ‘‘मौजूदा सरकार के प्रति कोई सम्मान नहीं है’’। अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी ने न्यायपालिका के खिलाफ ‘अभद्र भाषा’ का इस्तेमाल किया और कहा कि उसे ‘अदालत के प्रति कोई सम्मान नहीं है’। सिद्दीकी ने न्यायाधीश को धमकी दी कि वह उन्हें और उनके परिवार को ‘देख लेगा’।
अदालत ने आरोपी के आचरण की निंदा करते हुए कहा कि यह ‘बेहद निंदनीय’ है। आरोपी के मेडिकल रिकॉर्ड की समीक्षा करने के बाद, अदालत ने इस बात का संज्ञान लिया कि आरोपी का मनोवैज्ञानिक परीक्षण सरकारी जे. जे. अस्पताल में किया गया था और रिपोर्ट में ‘‘स्पष्ट रूप से बताया गया है कि वर्तमान में कोई बड़ी मानसिक बीमारी नहीं है’’। अदालत ने कहा कि इस प्रकार यह स्पष्ट निष्कर्ष निकलता है कि आरोपी ‘‘केवल मुकदमे की कार्यवाही से बचने के लिए मानसिक समस्या होने का नाटक कर रहा है।’’
आईएसआईएस मॉड्यूल मामले में राज्य में कई छापों के दौरान जुलाई 2023 में एनआईए द्वारा पकड़े गए सात आरोपियों में सिद्दीकी भी शामिल था।
एनआईए के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर इस्लामिक स्टेट के साथ सक्रिय रूप से जुड़े हुए थे और वे आतंकवादी संगठन के भारत-विरोधी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे। केंद्रीय जांच एजेंसी ने दावा किया कि आरोपियों के घरों की तलाशी के दौरान आतंकवादी संगठन से संबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेजों सहित आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई और सोशल मीडिया पोस्ट भी मिले हैं। एनआईए ने कहा है कि जब्त की गई सामग्री से आईएसआईएस के साथ आरोपी के गहरे और सक्रिय संबंधों तथा आतंकवादी संगठन के भारत-विरोधी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए युवाओं को प्रभावित करने के उनके प्रयासों का स्पष्ट रूप से खुलासा हुआ है।
