भारत और चीन के बीच हवाई संपर्क धीरे-धीरे फिर से बढ़ रहा है। इस दिशा में इंडिगो के बाद अब एयर इंडिया की सेवाओं ने भी दोनों देशों के बीच सीधी उड़ान व्यवस्था को मजबूत किया है। करीब 6 साल के बाद दिल्ली और शंघाई के बीच सीधी उड़ान शुरू होना दोनों देशों के यात्रियों के लिए अहम बदलाव माना जा रहा है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, भारत और चीन के बीच सीधी हवाई सेवा दोबारा शुरू करने वाली पहली भारतीय कंपनी इंडिगो थी। कंपनी ने अक्टूबर 2025 में कोलकाता और ग्वांगझू के बीच सीधी उड़ान सेवा फिर शुरू की थी। इसके बाद नवंबर 2025 में दिल्ली और ग्वांगझू के बीच भी सीधी उड़ान शुरू की गई थी।
इसके बाद एयर इंडिया ने भी चीन के साथ अपनी सीधी उड़ान सेवा बहाल की। एयर इंडिया ने 1 फरवरी को दिल्ली और शंघाई के बीच सीधी उड़ान शुरू की। इसके साथ ही मुख्य भूमि चीन के लिए एयर इंडिया की उड़ान सेवा करीब 6 साल बाद फिर से शुरू हुई। शुरुआत में कंपनी ने इस मार्ग पर सप्ताह में 4 उड़ानें संचालित की थीं।
बता दें कि 29 मार्च से एयर इंडिया ने दिल्ली-शंघाई मार्ग पर उड़ानों की संख्या बढ़ाकर सप्ताह में 5 कर दी है। इससे भारत और चीन के बीच सीधे हवाई सफर के विकल्प पहले की तुलना में बढ़े हैं। कारोबारी यात्रियों, छात्रों, पर्यटकों और दोनों देशों में रहने वाले लोगों के लिए सीधी उड़ान का दोबारा शुरू होना यात्रा को आसान बनाएगा।
गौरतलब है कि भारत और चीन के बीच हवाई संपर्क ऐसे समय में फिर बढ़ रहा है, जब दोनों देशों के बीच राजनयिक स्तर पर भी संपर्क बढ़ाने की कोशिशें चल रही हैं। पिछले कुछ समय में दोनों पक्षों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने और आपसी संपर्क बढ़ाने को लेकर बातचीत हुई है। हालांकि, दोनों देशों के संबंधों में कई संवेदनशील मुद्दे अब भी बने हुए हैं।
भारत-चीन हवाई संपर्क को लेकर पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र भी एक अहम पहलू है। पाकिस्तान ने अप्रैल 2025 से भारतीय विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर रखा है। ऐसे में भारत से चीन जाने वाली उड़ानों के लिए वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना पड़ता है। इससे उड़ान की दूरी और यात्रा समय पर असर पड़ सकता है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान ने करीब 2 सप्ताह पहले भारतीय विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र पर लागू रोक को एक और महीने के लिए बढ़ा दिया है। यह फैसला भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच लिया गया है। अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव भी हुआ था।
ऐसे माहौल में भारत और चीन के बीच सीधी उड़ानों की बहाली को केवल विमानन क्षेत्र से जुड़ा कदम नहीं माना जा रहा है। इससे दोनों देशों के बीच लोगों की आवाजाही और व्यापारिक संपर्क को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, उड़ानों की संख्या और आगे की सेवाओं में बदलाव दोनों देशों के बीच संबंधों और यात्रा मांग पर निर्भर रहने वाले हैं।
