हूती विद्रोहियों के प्रवक्ता याह्या सरी ने आरोप लगाया कि सऊदी सेना ने पिछले 24 घंटों में यमन में 28 हवाई हमले किए, जिनमें ताइज़, अल-जौफ़ और मारिब के इलाकों को निशाना बनाया गया। रविवार को अपने आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर एक बयान में सरी ने कहा पिछले 24 घंटों में सऊदी लड़ाकू विमानों ने खमीस मुशैत और ताइफ़ एयरबेस से उड़ान भरकर F-15 और टाइफून विमानों का इस्तेमाल करते हुए 28 हवाई हमले किए। इन हमलों में ताइज़, अल-जौफ़ और मारिब के इलाकों को निशाना बनाया गया, जिससे हमारे देश और लोगों के खिलाफ सऊदी हमले शुरू होने के बाद से हवाई हमलों की कुल संख्या 760 हो गई है। सरी ने आगे कहा कि इन ताज़ा हमलों के साथ ही हूतियों के खिलाफ सऊदी “हमलों” की शुरुआत से लेकर अब तक सऊदी हवाई हमलों की कुल संख्या 760 हो गई है। ये बयान हूतियों के उन दावों के बाद आए हैं, जिनमें उन्होंने सऊदी अरब को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों की जिम्मेदारी ली थी।
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टेलीग्राम पर एक बयान में हूतियों ने दावा किया कि उनकी सेना ने बैलिस्टिक और क्रूज़ मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल करके दो सैन्य अभियान चलाए, जिनमें रियाद और यानबू में आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। बयान में कहा गया, राजधानी सना को निशाना बनाने की सऊदी दुश्मन की आपराधिक कोशिशों के जवाब में – जिसमें ISIS-जैसी तरकीबों का इस्तेमाल करते हुए आम नागरिकों पर अंधाधुंध बमबारी शामिल थी। यमनी सशस्त्र बलों ने बड़ी संख्या में बैलिस्टिक और क्रूज़ मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल करके दो सफल सैन्य अभियान चलाए। पहले अभियान में सऊदी राजधानी रियाद में संवेदनशील जगहों को निशाना बनाया गया और दूसरे में यानबू में अरामको की सुविधाओं को निशाना बनाया गया। अल्लाह की कृपा से दोनों अभियान सफल रहे और निशाना बनाई गई जगहों पर भीषण आग लग गई।” संघर्ष के दौरान यह पहली बार था जब हूतियों ने देश की राजधानी को निशाना बनाया।
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मौजूदा हालात को देखते हुए, अमेरिका ने सऊदी अरब में अपने मिशन के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। इसके तहत, सऊदी अरब पर हूथी मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए, वहां काम करने वाले अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों को ताइफ़ और यानबू शहरों की सभी सरकारी और निजी यात्राओं के लिए विशेष मंज़ूरी लेनी होगी। सऊदी अरब में अमेरिकी मिशन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि ये पाबंदियां मौजूदा सुरक्षा हालात की वजह से लगाई गई हैं। साथ ही, मिशन ने सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी नागरिकों से सतर्क रहने और सुरक्षा के सुझाए गए उपायों का पालन करने की अपील की। इससे पहले रविवार को ट्रंप ने कहा था कि सऊदी अरब पर हालिया बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के बाद वॉशिंगटन यमन के हूथी विद्रोहियों के संपर्क में है और उस गुट ने अमेरिकी कर्मियों पर हमला न करने पर सहमति जताई है।
