अगर अचानक से आपको तेज दर्द, सूजन और खासकर पैर के अंगूठे में असहनीय तकलीफ होती है, तो यह संकेत यूरिक एसिड बढ़ने के हो सकते हैं, जो कि गाउट की समस्या बढ़ा देता है। यूरिक एसिड शरीर में प्यूरीन नाम के पदार्थों के ब्रेकडाउन से बनता है।
किडनी इसे फिल्टर करके पेशाब के जरिए बाहर निकालती रहती है, लेकिन जब शरीर इसे पर्याप्त मात्रा में बाहर नहीं निकाल पाता या इसकी मात्रा बढ़ जाती है, तो इससे जोड़ों में समस्याएं भी बढ़ने लगती है।
हेल्थ एक्सपर्ट के अनिसार, यूरिक एसिड बढ़ने का मतलब ये जरुरी नहीं कि हर व्यक्ति को गठिया हो। खानपान, वजन और समय पर सही इलाज से भी इसको मैनेज किया जाता है।
यूरिक एसिड बढ़ने की वजह क्या है?
दरअसल, यूरिक एसिड बढ़ने के पीछे खानपान में गड़बड़ी को जिम्मेदार माना जाता है। कुछ लोगों को अनुवंशिक कारण, किडनी की कार्यक्षमता में कमी, कुछ दवाओं और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण भी यूरिक एसिड बढ़ने की दिक्कत हो सकती है।
– जैसे कि रेड मीट और कुछ खास तरह के सीफूड में प्यूरीन अधिक मात्रा में पाया जाता है।
– शराब और बीयर के सेवन करने से गाउट के जोखिमों को बढ़ा सकते हैं।
– मीठे पेय और फ्रक्टोज की अधिकता भी जोखिमों का कारण बन सकती है।
– मोटापा और किडनी से जुड़ी समस्याओं के शिकार लोगों में भी खतरा अधिक देखने को मिलता है।
खानपान में क्या बदलाव करें?
– रेड मीट और हाई प्यूरीन वाले सीफूड्स का सेवन न करें।
– शराब और चीनी वाले सॉफ्ट ड्रिंक के सेवन से बचें।
– सब्जियां, साबुत अनाज, लो फैट वाले दूध और दही को डाइट में शामिल करें।
– जूस और मीठे पेय की जगह साबुत फलों का सेवन करें।
यूरिक एसिड कंट्रोल करने के लिए और किन बातों का ध्यान रखें?
– रोजाना नियमित अंतराल में पानी पिएं।
– वजन अधिक है, तो धीरे-धीरे वजन को कम करें।
– नियमित हल्की या मध्यम शारीरिक गतिविधि करें।
