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बालियान के गानों का महत्व
बालियान की डिजिटल मौजूदगी मुख्य रूप से स्थानीय हरियाणवी पॉप म्यूज़िक वीडियो, दबंग अंदाज़ और पॉडकास्ट पर केंद्रित थी। उनके म्यूज़िक कंटेंट में क्षेत्रीय गर्व, “देसी” एटीट्यूड, ग्रामीण जीवन की कठोरता और कानून-व्यवस्था से जुड़े हाई-एनर्जी वाले विषय प्रमुखता से शामिल थे – जो गन कल्चर, स्थानीय राजनीति और युवाओं की बहादुरी पर आधारित उनके हिट गानों में साफ झलकता था।
एक क्रिएटर के तौर पर, उन्होंने मुख्य कलाकार और प्रोड्यूसर दोनों की भूमिका निभाई और अक्सर मासूम शर्मा, राजू पंजाबी और आशु ट्विंकल जैसे मशहूर हरियाणवी प्लेबैक कलाकारों के साथ काम किया। म्यूज़िक के अलावा, उन्होंने पॉलिटिकल पॉडकास्ट और ग्राउंड-लेवल व्लॉगिंग में भी हाथ आजमाया, जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश और हरियाणा के स्थानीय नेताओं और समुदाय के प्रमुख लोगों के इंटरव्यू लिए।
बालियान ‘112 NE’, ‘गोली के बारूद’, ‘जाट जाटनी’, ‘अगला जनम जाट’, ‘संविधान’, ‘मोदी बरगा रुतबा’, ‘जाट धर्मेंद्र की तरिया’, ‘एक खटोला जेल के भीतर’, ‘वेट’, ‘सिस्टम’, ‘राइफलें’ जैसे गानों के लिए भी जाने जाते थे। लेकिन उनकी मौत के बाद ‘भारी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान’ गाना एक दुखद संदर्भ बन गया – यह गाना बंदूक हिंसा के बारे में था और तब और भी परेशान करने वाला बन गया जब खुद बालियान को जिम के बाहर गोलियों से भून दिया गया।
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