हरिद्वार, आठ नवंबर वार्षिक रखरखाव कार्य के लिए 18 दिनों तक बंद रखा गया गंगा नदी का जल प्रवाह बहाल कर दिया गया है। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि इस अवधि में आगामी अर्द्धकुंभ की तैयारियों के तहत किए जा रहे निर्माण कार्य भी पूरे कर लिए गए हैं। वार्षिक ‘गंगा बंदी’ की अवधि समाप्त होने के बाद शनिवार आधी रात से जल प्रवाह बहाल कर दिया गया।
हरिद्वार से कानपुर की ओर जाने वाली गंग नहर की सफाई, मरम्मत और रखरखाव के लिए हर साल नियमित रूप से जलापूर्ति रोकी जाती है। दशहरे के बाद भागीरथी बिंदु पर जल प्रवाह रोक दिया गया था, जिसके कारण हर की पौड़ी सहित विभिन्न घाट सूख गए थे। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के ‘हेडवर्क्स’ खंड के उपमंडल अधिकारी भारत भूषण ने बताया कि इस साल नहर बंदी की अवधि का उपयोग अर्द्धकुंभ की तैयारियों के तहत घाटों पर निर्माण कार्य करने के लिए भी किया गया।
अर्द्धकुंभ मेला अधिकारी दयानंद सरस्वती ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि जलस्तर बढ़ने के साथ अब उन घाटों तक भी पानी पहुंच रहा है, जहां जलापूर्ति बंद रहने के दौरान निर्माण कार्य चल रहा था। भूषण ने कहा, “आगामी अर्द्धकुंभ के दौरान हरिद्वार में श्रद्धालुओं को स्नान के लिए लगभग 16 किलोमीटर लंबे सुव्यवस्थित और विकसित घाट उपलब्ध होंगे। फिलहाल हरिद्वार में गंगा के किनारे लगभग 12.5 किलोमीटर लंबे घाट मौजूद हैं।”
कुंभ 2027 की तैयारियों के तहत राज्य सिंचाई विभाग गंग नहर के किनारे 3.25 किलोमीटर क्षेत्र में 10 नए घाटों का निर्माण कर रहा है।
