पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों और प्रमुख वैश्विक आर्थिक आंकड़ों के बीच अगले सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती बने रहने की उम्मीद है। हालांकि, विश्लेषकों ने कहा कि इस दौरान उतार-चढ़ाव बने रह सकते हैं। बाजार प्रतिभागी औद्योगिक धातुओं के संकेतों के लिए अमेरिकी आवास और व्यापार आंकड़ों, ब्रिटेन, यूरो क्षेत्र और जापान के मुद्रास्फीति आंकड़ों के साथ ही चीन के आर्थिक संकेतकों पर नजर रखेंगे।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक के मौद्रिक नीति संकेतों के लिए फेडरल रिजर्व की एफओएमसी बैठक की टिप्पणियों पर भी नजर रखी जाएगी। जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के जिंस एवं मुद्रा शोध के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रणव मेर ने कहा, सोने और चांदी का नजरिया सकारात्मक बना हुआ है और इनके क्रमशः 1.57 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और 2.54 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर तक जाने की उम्मीद है। घरेलू मोर्चे पर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अक्टूबर आपूर्ति वाला सोना वायदा पिछले सप्ताह 2,686 रुपये या लगभग दो प्रतिशत चढ़कर 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।
एमसीएक्स पर सितंबर अनुबंध वाली चांदी 4,458 रुपये या 1.9 प्रतिशत बढ़कर 2.35 लाख रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। एलकेपी सिक्योरिटीज के जिंस और मुद्रा शोध विश्लेषक जतिन त्रिवेदी ने कहा, इस सप्ताह सोने में मजबूती के साथ कारोबार हुआ और इसमें एक प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, हालांकि एक वक्त यह दो प्रतिशत से अधिक बढ़ गया था, जिसके बाद उच्च स्तरों पर मुनाफावसूली देखने को मिली। उन्होंने कहा कि अगस्त में एमसीएक्स सोने में लगभग 9.5 प्रतिशत की तेजी आई, जिससे निकट अवधि में उच्च स्तरों पर एक सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव और बीच-बीच में मुनाफावसूली हो सकती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में, न्यूयॉर्क में पिछले सप्ताह कॉमेक्स पर दिसंबर आपूर्ति वाला सोना वायदा 37.6 डॉलर या लगभग एक प्रतिशत बढ़कर 4,437.3 डॉलर प्रति औंस हो गया। चांदी 1.61 डॉलर या 2.5 प्रतिशत बढ़कर 65.11 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। मेर ने कहा कि सोना वायदा लगातार दूसरे सप्ताह बढ़त के साथ बंद हुआ, लेकिन 4,000 डॉलर प्रति औंस से नीचे के स्तर से 11 प्रतिशत की तेजी के बाद यह सीमित दायरे में रहा।
