उपयोगकर्ताओं के लोकेशन डेटा के गलत इस्तेमाल को लेकर यूरोपीय संघ (ईयू) ने गूगल पर 46.3 करोड़ अमेरिकी डॉलर का जुर्माना लगाया गया है। ईयू के डेटा गोपनीयता नियामक ने सोमवार को यह जानकारी दी। आयरलैंड के डेटा संरक्षण आयोग (डीपीसी) ने अपनी जांच में पाया कि गूगल ने उपयोगकर्ताओं की ब्राउजिंग और सर्च हिस्ट्री की निगरानी करने वाली सेटिंग वेब एंड ऐप एक्टिविटी तथा मोबाइल फोन के जरिए उनके जाने वाले स्थानों की निगरानी करने वाली सेवा लोकेशन हिस्ट्री में लोकेशन डेटा का कानूनी या निष्पक्ष तरीके से प्रसंस्करण नहीं किया।
नियामकों ने यह भी पाया कि एंड्रॉइड मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम में लोकेशन एक्यूरेसी फीचर के तहत व्यक्तिगत डेटा को प्रोसेस करते समय कंपनी कानूनी, निष्पक्ष और पारदर्शी रहने में विफल रही। गूगल का यूरोपीय मुख्यालय डबलिन में होने के कारण आयरलैंड यूरोपीय संघ में अमेरिकी प्रौद्योगिकी दिग्गज कंपनी का मुख्य नियामक है। गूगल ने एक बयान में कहा, यह मामला पुरानी नीतियों से जुड़ा है, जिन्हें अब अपडेट किया जा चुका है।
वर्ष 2019 के बाद से हमने अपनी कार्यप्रणाली में काफी सुधार किया है और ऐसे मजबूत टूल्स पेश किए हैं जिनसे लोकेशन डेटा को प्रबंधित करना आसान हो जाता है। नियामकों ने कहा कि लोकेशन डेटा एक प्रकार का व्यक्तिगत डेटा है, जिसे गूगल द्वारा एकत्र किया जाता है और इसका उपयोग किसी व्यक्ति के स्थान का अनुमान लगाने के लिए किया जा सकता है।
