यूरोपीय संघ (ईयू) ने सोमवार को रूस के हथियार उद्योग से जुड़े लगभग 1,600 रूसी लोगों और उन कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिए, जिनपर ड्रोन और मिसाइल के पुर्जे बनाने में शामिल रहने का संदेह है। लगभग पांच साल पहले रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण शुरू किए जाने के बाद से प्रतिबंधों की सबसे लंबी सूची में, यूरोपीय संघ ने यूक्रेन के कब्जे वाले इलाकों में ‘‘छद्म चुनाव’’ कराने, उनपर काम करने या उनमें हिस्सा लेने के आरोपी 77 लोगों को भी निशाना बनाया है। प्रतिबंधों की घोषणा करते हुए, ईयू की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने कहा कि इनमें से आधे से अधिक प्रतिबंध ‘‘उन बैलिस्टिक मिसाइलों की उत्पादन शृंखला से जुड़े हैं, जिनका इस्तेमाल रूस प्रतिदिन यूक्रेनी नागरिकों की जान लेने के लिए करता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह मॉस्को पर दबाव कम करने का नहीं, बल्कि उसे बढ़ाने का समय है।’’
ईयू ने कहा कि ये कंपनियां खुद रूस सरकार द्वारा तैयार की गई उस सूची में शामिल हैं, ‘‘जो उन्हें रूसी सैन्य औद्योगिक समूह का हिस्सा बताती है, और इसलिए सब्सिडी पाने की हकदार हैं।’’
ईयू का मानना है कि इन कंपनियों को संचालित करने वाले अधिकारी ‘‘रूस के सैन्य एवं औद्योगिक समूह का समर्थन कर रहे हैं।’’ उसने कहा कि ये प्रतिबंध ‘‘मध्य स्तर के उन आपूर्तिकर्ताओं को लक्षित हैं, जो रूस के सैन्य उद्योग का मुख्य हिस्सा हैं।’’
वे इलेक्ट्रॉनिक्स, संचार उपकरण, रडार और दिशासूचक या मार्ग बताने वाली प्रणाली, उपग्रह और मिसाइल प्रणाली तथा विस्फोटक और गोला-बारूद मुहैया करते हैं।
इस कदम के बाद, ईयू की कार्रवाई का सामना करने वाले रूसी अधिकारियों और ‘‘कंपनियों’’ की कुल संख्या बढ़कर 4,500 से ज़्यादा हो गई है। इनमें राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, उनका कथित तौर पर समर्थन करने वाले अमीर कारोबारी और कई सांसद शामिल हैं, साथ ही बैंक और गैर-कानूनी तरीके से तेल की ढुलाई करने वाले जहाजों का गुप्त बेड़ा भी इसमें शामिल है।
