उत्तरी इज़राइल में स्थित एक द्रुज़ समुदाय द्वारा संचालित आपातकालीन समन्वय केंद्र का कहना है कि जुलाई 2025 में हुई हिंसा के एक साल से अधिक समय बाद भी उसे दक्षिणी सीरिया के स्वेदा प्रांत से चिंताजनक खबरें मिल रही हैं। इस हिंसा में हजारों लोग मारे गए थे और बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए थे। गैलील क्षेत्र में स्थित इस केंद्र की स्थापना द्रुज़ स्वयंसेवकों द्वारा स्वेदा में सीमा पार के समुदायों से संपर्क बनाए रखने, मानवीय सहायता का समन्वय करने और कथित सामूहिक हिंसा के बाद के घटनाक्रमों का दस्तावेजीकरण करने के लिए की गई थी। लगभग 600 स्वयंसेवक वर्तमान में भोजन, कंबल और चिकित्सा सामग्री सहित मानवीय सहायता एकत्र करने और वितरित करने में लगे हुए हैं, साथ ही जमीनी हालात के बारे में जानकारी भी साझा कर रहे हैं। जुलाई 2025 में स्वेदा में हुई हिंसा में द्रुज़ मिलिशिया, बेदुइन कबायली लड़ाकों और सीरियाई सरकारी बलों के बीच झड़पें हुईं।
इसे भी पढ़ें: अहम खुफिया जानकारियां…मोसाद के एजेंट का भारत पर बड़ा खुलासा,
मानवाधिकार समूहों और संयुक्त राष्ट्र से जुड़े जांचकर्ताओं ने गैर-न्यायिक हत्याओं, फांसी, लूटपाट और अपहरण के आरोपों की रिपोर्ट दी है। उन जांचों में उद्धृत कुछ अनुमानों के अनुसार 1,700 से अधिक लोग मारे गए और लगभग 200,000 लोग विस्थापित हुए, हालांकि स्वतंत्र रूप से सीमित पहुंच के कारण आंकड़े विवादित हैं। स्वयंसेवकों द्वारा संचालित आपातकालीन केंद्र के प्रवक्ता, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल अकरम मंसूर ने कहा कि स्वेदा में स्थिति अभी भी अस्थिर और खतरनाक बनी हुई है। मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “13 से 19 जुलाई 2025 तक, जब हिंसा हुई, तब से कुछ भी रुका नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि सीरिया की स्थिति अभी भी द्रुज समुदाय को प्रभावित कर रही है। गाँव अभी भी दबाव में हैं, और हम इज़राइल के आपातकालीन कक्ष में स्वेदा में अपने परिवारों की मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ज़मीनी हालात की गंभीरता के मुकाबले अंतरराष्ट्रीय ध्यान उतना नहीं दिया जा रहा है।
इसे भी पढ़ें: Israel-Russia Blacklisted: UN रिपोर्ट में यौन हिंसा के गंभीर आरोप, Hamas को लेकर क्या दावा किया गया?
मंसूर ने कहा, दुनिया को असलियत का अंदाज़ा नहीं है कि क्या हो रहा है। उन्होंने आगे कहा कि मदद की ज़रूरत है, लेकिन बहुत से लोग स्वेदा और सीरिया में द्रुज समुदाय के साथ जो हो रहा है, उस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। पश्चिम एशिया में कथित युद्धविराम के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए मंसूर ने इस बात को खारिज कर दिया कि इसका ज़मीनी हकीकत से कोई लेना-देना है। उन्होंने कहा कि जब आप मध्य पूर्व में युद्धविराम की बात करते हैं, तो ऐसा कुछ नहीं है।” उन्होंने आगे कहा, “भले ही कुछ घोषित किया जाए, स्वेदा और पूरे सीरिया में द्रुज समुदाय पर हमले जारी हैं।
