दक्षिण कोरिया की प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी सैमसंग ने शुक्रवार को भारत में अपने प्रमुख नवाचार और शिक्षा कार्यक्रम सैमसंग सॉल्व फॉर टुमारो के पांचवें संस्करण को शुरू करने की घोषणा की।
कंपनी ने एक बयान में कहा कि यह कार्यक्रम भारत की अगली पीढ़ी के युवा नवोन्मेषकों को वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए प्रौद्योगिकी आधारित उपाय विकसित करने के लिए सशक्त बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
कंपनी के अनुसार, वर्ष 2026 के संस्करण में शीर्ष चार विजेता टीमों को दो करोड़ रुपये तक का इनक्यूबेशन अनुदान दिया जाएगा, जिससे वे अपने विचारों को आगे विकसित कर सकें। इसके लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली में इनक्यूबेशन सहायता भी प्रदान की जाएगी।
इसके अलावा, शीर्ष 20 टीमों को 20 लाख रुपये तथा उसके बाद शीर्ष 40 टीमों को आठ लाख रुपये के साथ सैमसंग के उपकरण और मेंटरशिप सहायता दी जाएगी।
सैमसंग अध्यक्ष (दक्षिण पश्चिम एशिया) एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) जे बी पार्क ने कहा, “2026 संस्करण के साथ हम नवाचार को भारत के अधिक गहराई तक ले जा रहे हैं, स्कूली स्तर तक अपनी पहुंच को दोगुना से भी अधिक बढ़ा रहे हैं और युवा परिवर्तनकर्ताओं के लिए अवसरों के दायरे का विस्तार कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम डिज़ाइन आधारित सोच, कौशल विकास, उद्योग अनुभव और स्टार्टअप सहायता के माध्यम से भारत की नवाचार यात्रा को सशक्त बनाने के प्रति सैमसंग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो ‘डिजिटल इंडिया’ के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
कंपनी ने कहा कि भारत में 30 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सैमसंग इस कार्यक्रम के दायरे और महत्वाकांक्षा को और बढ़ा रही है, जिससे देश के नवाचार तंत्र को मजबूती मिलेगी।
