उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 23 और 24 अक्टूबर को क्षमता निर्माण आयोग (सीबीसी) की दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला ‘साधना श्रृंखला-2026’ आयोजित की जाएगी। इस कार्यशाला में आठ राज्यों और चार केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधि सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक और दक्षता आधारित बनाने पर विचार-विमर्श करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कार्यशाला का उद्घाटन करेंगे।
राज्य सरकार द्वारा बृहस्पतिवार को जारी एक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कार्यशाला का उद्घाटन करेंगे और इस अवसर पर केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉक्टर जितेंद्र सिंह भी मौजूद रहेंगे। बयान के मुताबिक कार्यशाला का उद्देश्य केंद्र सरकार के ‘मिशन कर्मयोगी’ के तहत सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को तकनीक-सक्षम, आधुनिक और प्रभावी क्षमता निर्माण केंद्रों के रूप में विकसित करने की रणनीति तैयार करना है। अधिकारियों ने बताया कि इस कार्यशाला के जरिए सरकारी अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक नागरिक-केंद्रित बनाने पर जोर दिया जाएगा।
बयान के मुताबिक कार्यशाला में बिहार, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधियों के अलावा चंडीगढ़, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के अधिकारी भाग लेंगे। इसमें वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, प्रशिक्षण संस्थानों के प्रमुखों, संकाय सदस्यों, विषय विशेषज्ञों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के शामिल होने की भी उम्मीद है। बयान के अनुसार कार्यशाला में संस्थागत शासन एवं नेतृत्व, प्रशिक्षण संस्थानों की कार्यक्षमता और आपसी सहयोग, संकाय एवं संस्थागत दक्षताओं तथा डिजिटल परिवर्तन जैसे चार प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा होगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रमों में कृत्रिम मेधा (एआई) के इस्तेमाल पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि ‘साधना श्रृंखला-2026’ चार क्षेत्रीय कार्यशालाओं की श्रृंखला है। इसकी शुरुआत 29-30 सितंबर को विजयवाड़ा में हुई थी, जबकि पूर्वोत्तर क्षेत्र की कार्यशाला नौ अक्टूबर को गुवाहाटी में आयोजित की गई थी।
लखनऊ कार्यशाला के निष्कर्षों को अन्य क्षेत्रीय बैठकों के परिणामों के साथ मिलाकर प्रशिक्षण संस्थानों के परिवर्तन के लिए राष्ट्रीय ढांचा तैयार करने में शामिल किया जाएगा।
