कोलकाता, छह अगस्त कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 2024 में यहां सरकारी आर₨जी कर चिकित्सा महाविद्यालय और अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात एक महिला प्रशिक्षु चिकित्सक से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की कथित साजिश की जांच कर रही सीबीआई को बृहस्पतिवार को निर्देश दिया कि वह 28 अगस्त को इस संबंध में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करे। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 25 जून को अदालत में हुई पिछली सुनवाई के दौरान दिये गए निर्देशों के अनुसार, बृहस्पतिवार को जांच के दौरान एकत्र की गई सामग्री के ब्योरे सहित एक रिपोर्ट पीठ के समक्ष प्रस्तुत की। न्यायमूर्ति शम्पा सरकार और न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की पीठ ने मौखिक टिप्पणी की कि सीबीआई को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जांच पटरी से न उतरे।
साथ ही, पीठ ने सीबीआई को 28 अगस्त को अगली सुनवाई के दिन प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने 21 मई को सीबीआई को संयुक्त निदेशक (पूर्वी क्षेत्र) के नेतृत्व में तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) बनाने का आदेश दिया था। यह टीम नौ अगस्त, 2024 की उस रात को आरजी कर चिकित्सा महाविद्यालय-अस्पताल की प्रशिक्षु महिला चिकित्सक के रात्रि भोज करने से लेकर उनके अंतिम संस्कार तक हुई घटनाओं की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी।
पीड़िता के अभिभावकों ने अदालत का रुख किया था और आरोप लगाया था कि वारदात के तुरंत बाद साक्ष्यों को मिटाने और मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की गई। अस्पताल में महिला चिकित्सक के साथ हुई वारदात के बाद देशभर के चिकित्सा समुदाय में आक्रोश फैल गया था।
