दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पी वी सिंधू ने बुधवार को कहा कि बैडमिंटन विश्व महासंघ की 25 सेकंड ‘शॉट क्लॉक’ पहल की समीक्षा की जायेगी क्योंकि उन्होंने और कई अन्य खिलाड़ियों ने इसकी निष्पक्षता को लेकर विश्व ईकाई से शिकायत की है। ‘शॉट क्लॉक’ को इस साल बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर के चुनिंदा टूर्नामेंटों में प्रायोगिक आधार पर इस्तेमाल किया गया। इसके तहत खिलाड़ी को एक रेली खत्म होने के बाद सर्विस के लिये तैयार होने के लिये 25 सेकंड का समय दिया जाता है।
सिंधू ने एक वर्चुअल बातचीत में कहा ,‘‘ काफी उतार चढाव देखे गए हैं। कुछ लोगों के लिये यह अभी भी नया है और कई बार कुछ अंपायर काफी सख्त होते हैं। पीले कार्ड और लाल कार्ड भी देखे जा रहे हैं।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ हमें 25 सेकंड शॉट क्लॉक की आदत पड़ रही है। अब तक सात टूर्नामेंट हो चुके हैं और काफी सुधार देखा गया है। दोनों अंपायरों और खिलाड़ियों के लिये इसे समझना कठिन है क्योंकि कई बार सामने वाला खिलाड़ी तैयार हो जाता है लेकिन सर्विस करने वाला खिलाड़ी नहीं।
कई बार इसके उलट होता है।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ इसे समझने में थोड़ा समय लगा है। कई बार पांच या सात सेकंड बचे होते हैं और अंपायर कहते हैं कि आपका प्रतिद्वंद्वी तैयार है, आप क्यो नहीं। लेकिन अभी सात सेकंड बचे होते हैं। इस पर काफी बात हुई है।’’ बीडब्ल्यूएफ खिलाड़ियों के आयोग की अध्यक्ष सिंधू ने कहा कि उन्होंने खिलाड़ियों की चिंता से बीडब्ल्यूएफ को अवगत करा दिया है और इस व्यवस्था की समीक्षा की जायेगी।
उन्होंने कहा ,‘‘ बीडब्ल्यूएफ में खिलाड़ियों के आयोग की अध्यक्ष के तौर पर मैंने अपनी बात रखी है और अपने विचार साझा किए हैं। खिलाड़ी मेरे पास आए थे और उन्होंने मुझे अपनी भावनाएं बताई। मैंने देखा है कि अंपायर अब इस बात का ध्यान रख रहे हैं कि इसका सही तरीके से इस्तेमाल हो। काफी बदलाव आए हैं और अंपायर भी बातों को समझ रहे हैं।’’
