नयी दिल्ली, नौ सितंबर दिल्लीवासियों को ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान अपेक्षित यातायात समस्याओं की झलक अभी से दिखने लगी है। गाड़ियों के काफिले की आवाजाही की ‘रिहर्सल’ के कारण लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है। उनका दावा है कि चंद मिनटों में पूरे होने वाले रास्ते को तय करने में घंटों का वक्त लग रहा है।
यह सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम में आयोजित होगा, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और गणमान्य व्यक्तियों की आवाजाही से जुड़े यातायात प्रतिबंध 10 सितंबर से लगने शुरू हो जाएंगे और इनके लगभग 14 सितंबर तक जारी रहने की संभावना है। दिल्ली यातायात पुलिस ने वाहनों के काफिले की आवाजाही की रिहर्सल से पहले बुधवार को एक परामर्श जारी कर शहर की 35 से अधिक सड़कों पर मार्ग परिवर्तन और यातायात प्रतिबंधों की जानकारी दी। यातायात पुलिस के मुताबिक, रिहर्सल बुधवार शाम सात बजे से रात 10 बजे तक होगी।
परामर्श के अनुसार, मध्य, दक्षिण, पूर्व और नयी दिल्ली क्षेत्रों में प्रमुख सड़कों पर 22 स्थानों पर मार्ग परिवर्तन किया जाएगा। कई यात्रियों ने रिहर्सल के कारण हुई परेशानियों को सोशल मीडिया का साझा किया। नोएडा और मध्य दिल्ली, पूर्वी दिल्ली और मध्य क्षेत्रों के बीच यात्रा करने वाले लोगों के साथ-साथ द्वारका से धौला कुआं, हवाई अड्डे और दक्षिण दिल्ली की ओर यात्रा करने वाले लोगों पर इसका ज्यादा प्रभाव पड़ने की संभावना है।
यातायात पुलिस ने राष्ट्राध्यक्षों, विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की आवाजाही के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की है। सम्मेलन की व्यवस्था के लिए लगभग 4,800 यातायात कर्मियों को तैनात किया गया है। मुख्य बिंदु:
– 22 मार्ग परिवर्तन स्थल: काफिले की आवाजाही की रिहर्सल और वीवीआईपी आवाजाही के दौरान 22 चिह्नित मार्ग परिवर्तन स्थानों पर यातायात को नियंत्रित किया जाएगा।
-35 से अधिक सड़कें प्रभावित: जिन प्रमुख सड़कों पर प्रतिबंध देखे जाने की संभावना है, उनमें मथुरा रोड, सरदार पटेल मार्ग, शांति पथ, जनपथ, अशोका रोड, बाराखंबा रोड, टॉलस्टॉय मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू रोड, नीति मार्ग, पंचशील मार्ग और एपीजे अब्दुल कलाम रोड शामिल हैं। – नोएडा-पूर्वी दिल्ली पर प्रभाव: नोएडा और पूर्वी दिल्ली से प्रगति मैदान, मध्य दिल्ली और शहर के अन्य हिस्सों की ओर यात्रा करने वाले लोगों को प्रमुख संपर्क सड़कों के आसपास प्रतिबंधों के कारण देरी का सामना करना पड़ सकता है। -द्वारका-धौला कुआं मार्ग: द्वारका और पश्चिम दिल्ली से धौला कुआं, हवाई अड्डा और मध्य दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को भी वीवीआईपी आवाजाही के दौरान जाम और मार्ग परिवर्तन का सामना करना पड़ सकता है।
-दक्षिण दिल्ली: मिस्र के प्रतिनिधिमंडल की उनके साकेत स्थित होटल और मध्य दिल्ली के बीच आवाजाही से दक्षिण दिल्ली के पहले से ही जाम लगने वाले हिस्सों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है, खासकर व्यस्त घंटों के दौरान। यातायात पुलिस ने पहले इस मुद्दे को उठाया था और प्रतिनिधिमंडल के ठहरने की जगह को मध्य दिल्ली में स्थानांतरित करने का सुझाव दिया था। -हवाई अड्डे और रेलवे यात्री: हवाई अड्डा, रेलवे स्टेशन और अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल जाने वाले लोगों को घर से जल्दी निकलने और यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलने की सलाह दी गई है।
जहां भी संभव हो, मेट्रो का उपयोग करने को कहा गया है। -वास्तविक समय नेविगेशन:यातायात पुलिस ने ऑनलाइन मानचित्र सेवा प्रदाताओं के साथ बैठकें की हैं, जो सम्मेलन के दौरान उनके साथ समन्वय करेंगे और यात्रियों को प्रभावित क्षेत्रों में मार्गदर्शन करने के लिए प्रतिबंधों, मार्ग परिवर्तनों और वैकल्पिक मार्गों को वास्तविक समय में अपने मंचों पर प्रदर्शित करेंगे। – कैब सेवा प्रदाता: ऑनलाइन कैब सेवा प्रदाताओं के साथ भी बैठकें की गई हैं और उन्हें सलाह दी गई है कि वे वीवीआईपी आवाजाही के दौरान प्रतिबंधित या नियंत्रित क्षेत्रों में सवारी बैठाने और छोड़ने की सेवा न दें।
बसों के मार्गों में परिवर्तन: गणमान्य व्यक्तियों की आवाजाही के दौरान बस मार्गों को परिवर्तित किया जा सकता है, जबकि मेट्रो सेवाएं सभी स्टेशनों पर चालू रहेंगी। पार्किंग प्रतिबंध: यातायात प्रतिबंधों वाली सड़कों के 200 मीटर के भीतर सड़क किनारे पार्किंग की अनुमति नहीं होगी, और चालकों को निर्दिष्ट पार्किंग स्थलों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। यातायात पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि वीवीआईपी काफिलों की आवाजाही के आधार पर प्रतिबंध लगाए या हटाए जाएंगे, और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए आवश्यकतानुसार सामान्य यातायात का अस्थायी रूप से मार्ग परिवर्तन किया जाएगा या उन्हें रोका जाएगा।
